अमृता फड़नवीश जी,
आपकी पहचान क्या है ---यही न कि आप महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़नवीश की पत्नी हैं, अन्यथा आप एक सामान्य महिला या गृहणी होतीं, आपको जो ब्रांड एंबेसडर बनाया जाता है,
मुख्य अतिथि बनाया जाता है, और मीडिया जो आपको अहमियत देता है वह महज़ इसीलिए की आप मुख्यमंत्री ��ी पत्नी हैं --अन्यथा आप भी भीड़ का एक हिस्सा होती और कुछ नहीं ---
आप चाहे जितने रियाज अली या अब्दुल्लाओ के साथ रील बनाइये नाचिए किसी को कोई फर्क नहीं पड़ता वो एक जुमला आप जैसी महिलाएं बोलती है --माई लाइफ भाई च्वाइस
लेकिन सार्वजनिक गरबा आपकी व्यक्तिगत लाइफ नहीं है न ही उसमें आपकी कोई च्वाइस चलेगी आप अपने व्यक्तिगत घर में देश के कुख्यात मुजाहिद्दीनों को बुला कर खूब गरबा करें कोई आपत्ति नहीं --
ल���किन सार्वजनिक धार्मिक आयोजन गरबा में लवजिहाद, छेड़खानी और ताड़ने के लिए आने वाले अब्दुल्लाओ पर आपत्ति जरूर है और रहनी चाहिए --
भारत आखिरकार विचारधाराओं की गुलामी से मुक्त हो गया है.
न लेफ्ट. न राइट. न सेंटर.
भारत अकेला देश है, जहाँ ट्रंप, नेतन्याह��, पुतिन, शी जिनपिंग और मसूद पेजेशकियन सभी बेझिझक आ सकते हैं.
यही है मोदी का भारत. राष्ट्र प्रथम.
साइड हटो विचारधाराओं. हर ओर से हवा आने दो.
बसपा के पदाधिकारियों को चुनाव लड़ाया जाए।
प्रभारी, जोन, प्रदेश एवं राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारियों को विधानसभा एवं लोकसभा का चुनाव लड़ाया जाना चाहिए। सिर्फ पद लेकर मजे करने से क्या फायदा, आखिर उन्हें भी तो अपनी काबिलियत दिखाने का मौका मिलना चाहिए।
ब्राह्मणवाद से वामपंथी बनने की सबसे पहली शर्त यही है....!
वामपंथी विचारधारा में अपनी जाति को लेकर के बोल सकते हो लेकिन धर्म के ऊपर नहीं बोल सकते, धर्म के खिलाफ ही बोलना पड़ेगा
@imlalkishore लगता है अपने पति को मुख्यमंत्री की कुर्सी से हटाने की इसने सुपारी खा ली है, बीजेपी को महाराष्ट्र में वापसी करनी है तो नीतीश राणे जैसा मुख्यमंत्री लाना होगा।
इन मौनी बाबाऔ से काम नहीं चलनेवाला।
जशी संगत तशी पंगत.... याच्या मुळेच गटारात वास यायला लागली !!
UGC मैटर में फैक्ट शीट ये है. बाकी सब अफवाह है.
1. आबिदा सलीम तड़वी व अन्य ने सुप्रीम कोर्ट में एक केस (Writ Petition (Civil) No 1149/2019) किया. इंदिरा जयसिंह उनकी वकील बनी��.
2. केस के ��ौरान इंदिरा जयसिंह ने UGC के नए रेगुलेशन की मांग की और उसके लिए एक नोट दिया, जिसमें कई सुझाव थे.
3. चीफ जस्टिस की बेंच ने उस नोट में से 10 प्वाइंट महत्वपूर्ण माने और यह नोट सॉलिसिटर जनरल को सौंपते हुए कहा कि UGC को बता दें कि नए रेगुलेशन में इन पर विचार करें. कोर्ट ने आदेश दिया कि यूजीसी जितनी जल्दी हो सके, उतनी जल्दी रेगुलेशन लेकर आए.
4. चीफ जस्टिस की बेंच ने जिन विचारों को महत्वपूर्ण माना, उन्हें कम महत��वपूर्ण मानने की क्षमता UGC के अफसरों की हो नहीं सकती. हालांकि वे सुझाव थे, पर परिस्थिति को देखते हुए उन्हें नए रेगुलेशन में ले लिया गया.
5. संसद तक ये मामला कभी नहीं पहुंचा. जल्द से जल्द रेगुलेशन बनाने का आदेश हुआ था. अवहेलना पर कंटेंप्ट ऑफ कोर्ट लग जाता.
6. इस मामले में अभी तक एससी कमीशन, एसटी कमीशन और ओबीसी कमीशन की राय भी नहीं ली गई है.
6. नए रेगुलेशन के खिलाफ केस हुआ और सुप्रीम कोर्ट ने उन पर रोक लगा दी.
"कोर्ट के आदेश से आया नया रेगुलेशन कोर्ट के आदेश से स्थगित हो गया."
7. यथास्थिति कभी नहीं टूटी. 2012 का पुराना रेगुलेशन ही लागू है.
एक स्पष्टीकरण आवश्यक है: ये यूजीसी का रेगुलेशन है. कानून नहीं. कानून संसद या विधानसभा ही बना सकती है.
मुझे बताएं अगर इसमें से एक भी प्वायंट गलत है. ये कोर्ट के आदेश से निकला रेगुलेशन है, इसलिए किसी वकील दोस्त से पूछ लें. एलएलबी के स्टूडेंट भी बता देंगे.
महाराष्ट्र मुख्यमंत्री “पंडित देवेंद्र फडणवीस” कि पत्नी “अमृता फडणवीस” का बयांन :
“मुस्लिम भी गरबा में आए तो गलत नहीं”
देखना, फडणवीस जी का विरोध RSS, VHP या अन्य हिंदू संगठन बिल्कुल नहीं करेगा,
न ही को शंकराचार्य या संत व अखाड़ा करेगा...
सोचिए, अगर ऐसा ही बयांन अगर मु. योगी आदित्यनाथ जी दे दिए होते तो अभी तक हिंदुत्व खतरे में आ गया होता,
अनेक बाबा टीबी पर डिबेट करने लगे होते,
हिंदू विरोधी का नैरेटिव शुरु हो गया होता....
लेकिन मजाल है कोई हिंदू संगठन या ह���ंदुत्व हितैषी ऐसे बयानों का विरोध करें...😷😷
3 वर्ष पूर्व मुस्लिम लड़के “रियाज़ अली” के साथ अमृता फडणवीस जी का वीडियो काफी विवादस्पद रहा था...
लेकिन मुख्यमंत्री साहब का उस पर कोई बयान नहीं आया था,
खैर, लग रहा फडणवीस सरकार अल्लाह की मेहरबानी पर टिकी हुई है ....😐
@LSinghShekhawat लेकिन ब्राम्हण श्रेष्ठ देवेंद्र फडणवीस जी कि पत्नी के ऐसे कार्यों व बयानों से हिंदुत्व मजबूत होता है भाई.....
विरोध में कुछ मत बोलो, तुम धर्म द्रोही हो क्या जो ऐसा बोल रहे हो 😅
देवेंद्र फड़नवीस जी के सजातीय तो उन्हें हिंदू ह्रदय सम्राट का तमगा देकर प्रधानमंत्री बनाने का नैरेटिव बनाने में लगे हुए हैं
और उनकी धर्मपत्नी सेक्युलर देवी बन रही हैं
मामला कुछ और है क्या ?
ये गंवार DGP कैसे बना था?
जरा सोचिए, इस ब्राह्मणवादी आदमी अपने पद पर रहते हुए कितने दलितों के साथ भेदभ���व किया होगा। राज्य सरकारें बड़ी मुश्किल से 75 हजार देती हैं, वह भी कुछ विशेष मामलों में ही संभव है। हमें भी बताओ कि SC-ST Act की किस धारा या किस शासनादेश में 16 लाख मिलता है?
भारत में टेंपल इकॉनोमी 6 लाख करोड़ से ज्यादा की है, 🔥
महिलाएं पुजारी नहीं बन सकती, यह नियम है, क्योंकि महिलाओं को शूद्र के समान माना गया है,
अयोध्या की अर्पिता पांडे के पास 2 वक़्त का खाना नहीं है, अथाह गरीबी में जीवन यापन कर रही है,
अर्पिता पांडे अगर पुजारी बन जाती तो शायद वह भी परिवार का पालन पोषण कर पाती,
महिलाओं को भी पुजारी बनाया जाना चाहिए, जिसकी कोख से जन्म लेते हैं भला वह स्त्री कैसे ���पवित्र हो सकती है,
"ढोल गँवार शूद्र पशु नारी" कहने वालों को तिलांजलि देने का वक्त आ गया है ।
अरे पाखंडियों तुमलोग कितना भी यज्ञ हवन करलो....
ये जातिवादी, मनुवादी, अजीत भारती को जेल जानी पड़ेगी...
इसने खुले तौर पर भारतीय मूलनिवासियों SC ST OBC को गाली दिया है !
अब तो इन जातिवादियों को भी मालूम ह�� गया, की जेल जानी पड़ेगी!
अजीत भारती स्वतंत्र भारत का पहला यूट्यूबर होगा जो एससी समुदाय को अपमानित करने ���े घिनौने अपराध में जेल की चक्की पिसेगा, यदि आरोप सिद्ध हो गया तो यही होगा।