@DrMohanYadav51 माननीय डॉ. मोहन यादव जी,
30/01/2026 को आयोजित संविदा महासम्मेलन में की गई घोषणाओं के अनुरूप संविदा कर्मचारियों को DA, 10 वर्ष सेवा पर संविलियन, CCA सुरक्षा एवं संविदा नीति-2023 के शत-प्रतिशत क्रियान्वयन हेतु शीघ्र नीतिगत आदेश जारी करने की कृपा करें। 🙏
@DrMohanYadav51 माननीय डॉ. मोहन यादव जी,
30/01/2026 को आयोजित संविदा महासम्मेलन में की गई घोषणाओं के अनुरूप संविदा कर्मचारियों को DA, 10 वर्ष सेवा पर संविलियन, CCA सुरक्षा एवं संविदा नीति-2023 के शत-प्रतिशत क्रियान्वयन हेतु शीघ्र नीतिगत आदेश जारी करने की कृपा करें। 🙏
@DrMohanYadav51 माननीय मुख्यमंत्री जी से उम्मीद ही नहीं पूरा भरोसा है कि आपने मंच से जो कहा है वह जरूर करेंगे हमें पूर्ण रूप से विश्वास भी है हम भी वादा करते हैं कि हम सभी भी आपके साथ हैं और साथ रहेंगे जय सियाराम जय श्री महाँकाल 🇮🇳🙏
दिल्ली की आम आदमी पार्टी @AamAadmiParty की सरकार @AAPDelhi को मध्य प्रदेश के #संविदा कर्मचारियों की तरफ से सलाम🙏🙏 आप अकुशल,अर्धकुशल, कुशल कर्मचारियों को जितना वेतन दे रहे हैं उस आधार से तो मध्यप्रदेश में #संविदा कर्मचारियों को नहीं मिल रहा है।
@AAPMPOfficial@BJP4MP@INCMP
मध्यप्रदेश के समस्त संविदा कर्मचारी बताएं कि @ChouhanShivraj जी द्वारा की गई घोषणाओं में से आपको क्या क्या लाभ मिल रहा है #NHM में तो घोषित नीति लागू ही नहीं की गई।
स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि अतिथि शिक्षकों का नियमितिकरण क्यों होगा?अतिथि शिक्षकों का नाम क्या है 'अतिथि'। आप हमारे मेहमान बनकर आओगें तो घर पर कब्जा करोगे क्या?
जब वोट लेना था तो तत्कालीन मुख्यमंत्री @ChouhanShivraj जी महापंचायत कर इन्हीं #अतिथि_शिक्षकों की चरण वंदना कर उन्हें नियमितीकरण का वादा कर रहे थे।
अब जब सरकार बन गई और वह वादा निभाने की नौबत आई तो स्कूली शिक्षा मंत्री @udaypratapmp#अतिथि_शिक्षक का मतलब समझा रहे हैं।
MP में #अतिथि_शिक्षक के आंदोलन के बीच सरकार इन्हें नियमित करने जैसे किसी कदम पर विचार नहीं कर रही है। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप ने स्पष्ट किया।
"नियमितिकरण क्यों होगा? अतिथि शिक्षकों का नाम क्या है 'अतिथि'। आप हमारे मेहमान बनकर आओगे तो घर पर कब्जा करोगे क्या?"
#MadhyaPradesh
शिक्षा मंत्री जी को अपने बयान के लिए माफी मांगना चाहिए 15 वर्ष में तो देश की नागरिकता मिल जाती है अतिथि शिक्षक लंबे समय से अध्यापन का कार्य कर रहे हैं शिक्षा मंत्री जी ने पूर्व मुख्यमंत्री जी का भी घोर अपमान किया है माफी तो उन्हें मांगना ही पड़ेगी अन्यथा त्यागपत्र दें।