अगर देश के अधिकांश राज्यों और केंद्र में एक ही विचारधारा की सरकार है, फिर भी बार-बार यह कहा जाए कि “हिंदू राष्ट्र खतरे में है”, तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर खतरा किससे है?
लोकतंत्र में भय नहीं, तथ्यों और संवाद के आधार पर चर्चा होनी चाहिए।
छात्रों पर हिंसा किसी भी लोकतंत्र में स्वीकार्य नहीं हो सकती। न्याय मांगना अपराध नहीं है। यदि प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, तो उसका जवाब संवाद होना चाहिए, लाठी नहीं।@narendramodi@DelhiPolice
जंतर-मंतर प्रदर्शन में पुलिस कार्रवाई के दौरान करीब 180 लोग घायल हुए। कई प्रदर्शनकारियों को गंभीर चोटें आईं और अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना ने शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार और पुलिस बल प्रयोग पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।@CJP_for_India
17 दिन का अनशन, लेकिन जवाब अब भी नहीं।
लोकतंत्र में जनहित की आवाज़ को अनसुना नहीं किया जाना चाहिए।
उम्मीद है कि संवेदनशीलता और संवाद से समाधान निकलेगा।
ईश्वर सोनम वांगचुक जी को उत्तम स्वास्थ्य और शक्ति प्रदान करें। 🙏