भगवान को नचाने का अहंकार रखनेवालों को भगवान ने ही नचा दिया। अपने को भगवान से ऊपर समझनेवालों को भगवान ने चलती गाड़ी से नीचे उतार दिया है और साथ ही उनके घमंड का बुख़ार भी।
ये युवाओं की एकता और उनके अभिभावकों के आक्रोश का संयुक्त परिणाम है क्योंकि:
- ‘वोट चोरी’
- ‘पेपर चोरी’
- ‘चढ़ावा-चंदा-दान चोरी’
- ’नौकरी चोरी’
- ’आरक्षण चोरी’
- ‘कमीशनख़ोरी’
- ’पीडीए पर अत्याचार’
- ’घोर भ्रष्टाचार’
- ‘महंगाई की मार’
- ’मिलावट के सरकारीकरण’
- ‘माताओं-बेटियों तक का अपमान’
- ’देश के जेन ज़ी पर हर तरह से प्रहार’
भाजपा ने इन सभी तरीक़ों से जनता के विश्वास और आस्था तक को ठगा है।
अब तो भाजपावाले भी अपने ही ‘किसी’ का इस्तीफ़ा माँगेंगे क्योंकि जो अपनी ही विधानसभा हार गये उनके भरोसे नाव कैसे पार होगी। दरअसल ये हार उनकी है जिन्होंने उनको चुना था या कहें संगठन पर अपनी मर्ज़ी की तरह थोपा था। अब तो कोई ये भी नहीं कह सकता है कि ‘भाजपा में इस्तीफ़े नहीं होते हैं।’
सबसे ज़्यादा खुश तो उप्र में ‘वो’ हैं, जिनको ‘पीडीए’ समाज का होने की वजह से राष्ट्रीय स्तर का पद न देकर जानबूझकर राज्य स्तर का पद दिया गया था। आज तो वो भी मुस्कुराकर पूछ रहे हैं : ‘5 बड़ा या 7’। वैसे जनता ये भी कह रही है कि जब राष्ट्रीय अध्यक्ष विधानसभा नहीं जिता पाये तो राज्य-अध्यक्ष तो विधानसभा लड़वा भी नहीं पाएंगे।
ये डबल इंजन की डबल हार है।
भाजपा की हार मतलब बदलाव की शुरुआत! भाजपा की सबसे सुरक्षित और परंपरागत सीटें भी अब उनकी हार नहीं बचा पाएंगी। अब भाजपा का संकट हार से बढ़कर इस बात का होगा कि उनका टिकट लेनेवाला ‘ड्रोन और दूरबीन’ से भी ढूंढे नहीं मिलेगा।
सभी विजयी उम्मीदवारों को जीत की बधाई और नई उम्मीदों पर खरे उतरने के लिए सजग-सचेत और संविधान के प्रति वचनबद्ध रहने की अपेक्षा।
(कोष्ठक में विशेष : लड्डू तो भाजपा के अंदर भी बँट रहे हैं…)
उत्तर प्रदेश विधानसभा में समाजवादी पार्टी के विधायकों ने भाजपा सरकार में हुई रामधन की लूट, पेपर लीक, किसानों की समस्या, विफल कानून व्यवस्था, महिला सुरक्षा जैसे तमाम जनहित के मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।
परिवारवाद का आरोप लगाने वाले अपनी आँखें खोलकर देखें। पार्टी कैडर सिर्फ रिश्तों से नहीं, बल्कि त्याग, अनुशासन और संस्कृति से
है यही संगठन की मर्यादा है।
"यह बच्चे संसद भवन तक इसलिए आए थे क्योंकि वह सरकार को बताना चाहते थे कि आपका सिस्टम बीमार पड़ गया, वह काम नहीं कर रहा है। उन मासूम बच्चों को लाठियां खानी पड़ी, बेटियों के कपड़े फाड़े गए।"
- श्रीमती डिम्पल यादव जी, लोकसभा सांसद
"करोड़ों लोगों के साथ धोखा सरकार ने किया है। सरकार ने खुद स्वीकार किया इसका मतलब पेपर लीक हुआ था। इस्तीफा हो और उसके बाद चर्चा हो।"
- माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी
देश के बेरोजगार युवाओं, रोज़गार के लिए संघर्ष करे रहे नौजवानों, अपने देश के बेहतर भविष्य का निर्माण करने के लिए जद्दो जहद कर रहे देश के होनहार बच्चोंको CJI द्वारा #काकरोच” कह के संबोधित किया गया।
इससे नाराज़ देश के संघर्ष कर रहे नौजवानों ने छोटे हैंडल - #CJP2029#Cockroach4Ind
सड़क तो छोड़िए अब तो संसद में खुलेआम झूठ बोला जा रहा है।
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री कह रहे है कि मोदी जी ने बिहार में 157 नए मेडिकल कॉलेज खोल दिए है। क्या किसी ने उनके झूठ को सत्यापित किया?
अगर भाजइयों की झूठ मापने का कोई पैमाना होता तो वह टूट कर चूर-चूर हो जाता। इस वर्ष बिहार में चुनाव है इसलिए ये लोग अब सोते-जागते, उठते-बैठते केवल और केवल बिहार के बारे में झूठ बोलते रहेंगे, झूठी घोषणाएं करते रहेंगे।
सच्चाई यह है कि बिहार में अभी कुल 12 सरकारी मेडिकल कॉलेज है जबकि 9 निजी मेडिकल कॉलेज अस्पताल हैं। यथार्थ यह है कि आधे से अधिक सरकारी मेडिकल कॉलेज 2005 में NDA सरकार के गठन से पूर्व के है। 2015-2017 की अल्प अवधि में जब राजद के पास स्वास्थ्य विभाग था तब प्रथम बार राज्य में 5 नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों की स्वीकृति देकर कार्यारंभ किया गया था। #Bihar #RJD #TejashwiYadav
लखनऊ समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सपा सांसद रामजी लाल सुमन के घर पर हुए हमले के विरोध में हजरतगंज चौराहे पर किया प्रदर्शन। योगी आदित्यनाथ के विरोध में जमकर नारेबाजी के साथ फूंका पुतला।
#SamajwadiParty#Lucknow#ramjilalsuman#KARNISENA#Agra