Associate Professor @ The Glocal University, Saharanpur UP.
Vice-Principal at Glocal Unani Medical College.
Completed BUMS and MD from AKTC AMU Aligarh
@JioCare there is glitch on my SIM Or Mobile number if somebody is calling me the call is not being connected and Says I am busy or not reachable. When I call someone the call is not being completed and cut down.
No.................please look into matter and the needful
एक महिला ने एक बूढ़े दुकानदार से पूछा तुम्हारे अंडे कितने के हैं?
दुकानदार बोला मैडम एक अंडा 10 रुपये का है
महिला बोली मैं 6 अंडे 50 रुपये में लूंगी वरना छोड़ दूंगी
बूढ़ा दुकानदार बोला आप अपनी मर्जी से ले लीजिए आज मेरी एक भी बिक्री नहीं हुई मुझे इसी से घर चलाना है
महिला ने सस्ते में अंडे ले लिए और मन ही मन खुश हो गई कि उसने बढ़िया मोलभाव कर लिया
वह अपनी महंगी कार में बैठी और एक बड़े रेस्टोरेंट में पहुंच गई
वहां उसने और उसकी दोस्त ने कई तरह के खाने का ऑर्डर किया
थोड़ा सा खाया और काफी खाना प्लेट में ही छोड़ दिया
बिल आया 4000 रुपये
उन्होंने 5000 रुपये दिए और कहा बाकी 1000 रुपये टिप रख लो
यही बात सोचने वाली है
जहां जरूरत होती है वहां हम 10-20 रुपये के लिए भी मोलभाव करते हैं
और जहां जरूरत नहीं होती वहां बिना सोचे सैकड़ों रुपये छोड़ देते हैं
क्या हम सच में सही लोगों के साथ सही तरह से पेश आ रहे हैं?
महमूद मदनी और उनकी जमीअत
- महमूद मदनी को पूरे देश में NRC करानी है।
-विदेशों में जाकर भाजपा का महिमामंडन भी करना है।
-राज्यसभा सांसद भी जाना है।
-पुलिस के मुखबिरों को अपने यहाँ पनाह देनी है।
-मदनी को AIMIM साम्प्रदायिक लगती है।
-आम मुसलमानों का करोड़ो रूपये चन्दा अपनी पीआर पर खर्च करना है।
-जेल में बंद मुसलमानों को प्लीड गिल्टी भी कराना है। फिर उनको सो कॉल्ड लीगल मदद भी देनी है।
यह बंदा कभी महाराष्ट्र, कभी बिहार, कभी बंगाल, कभी असम, कभी गुजरात जाता है ताकि मुस्लिम लीडरशिप खड़ी हो सके,
मुसलमान को राजनीति में बराबर की हिस्सेदारी मिल सके लेकिन कुछ गुलाम इन्हे भाजपा का B टीम बताते है!
#मेरा_सादर_मेरा_गुरूर#AIMIM
जमियत उलेमा ए हिंद ने AIMIM पार्टी को सांप्रदायिक पार्टी कहकर संबोधित किया है, साथ AIUDF चीफ़ जनाब बदरूद्दीन अजमल साहब को AIMIM के साथ गठबंधन करने पर नोटिस भी जारी कर दिया है।
यह पत्र कहां से लिखकर कॉपी पेस्ट किया गया है इस पर बात नहीं करूंगा लेकिन इतना कहने में कोई हर्ज नहीं कि @JamiatUlama_in द्वारा @asadowaisi की पार्टी AIMIM को सांप्रदायिक पार्टी करार देना घोर निंदनीय है और सवाल खड़े करता है।
जमियत उलेमा ए हिंद ने हज़ारों काम ऐसे किए है जिनके लिए दिल में इज़्ज़त और सम्मान है, और हर व्यक्ति के दिल में जमियत के प्रति इज़्ज़त व सम्मान होना भी चाहिए। लेकिन सम्मान करते हुए यह सवाल भी पूछा जाना चाहिए और जमियत को बताना चाहिए कि AIMIM कैसे सांप्रदायिक पार्टी है और जमियत को यह ठेकेदारी किसने दी कि कौन पार्टी सांप्रदायिक है कौन सांप्रदायिक नहीं? ईद मिलन समारोह में मोहन भागवत के सामने खाना परोसने वाली जमियत को पहले ख़ुद बताना चाहिए कि मोहन भागवत कौन है?
आख़िर क्या वजह है कि मौलाना अरशद मदनी साहब और मौलाना महमूद मदनी साहब अलग- अलग नाम से जमियत उलेमा ए हिंद चला रहे हैं? क्यों एक तंजीम में बंटवारा हुआ? आखिर क्या वजह रही कि दोनों जमियत की विचारधारा अलग अलग बनती जा रही है?
AIMIM पार्टी से हज़ार तरह की असहमतियां हो सकती हैं लेकिन बावजूद इसके बिना साबित किए सांप्रदायिक पार्टी कहकर ख़ुद को अच्छा ठेकेदार बताना और बनाने की कोशिश करना बिल्कुल सही नहीं, जमियत का बदरुद्दीन अजमल को भेजा गया नोटिस और AIMIM पर को गई घटियां टिप्पणी निंदनीय है, जमियत को अब साबित करना चाहिए कि AIMIM किस आधार पर सांप्रदायिक पार्टी है, अन्यथा इस नोटिस और बयान को माफ़ी मांगते हुए वापस लिया जाना चाहिए।
अगर आप कोई मैकेनिक है या किसी कारखाने के मालिक है और कोई गरीब का बच्चा आप के यहाँ कोई हुनर सीखने आता है तो उसे हुनर सिखाने मे कंजूसी ना करें। दर्जी 6-6 महीने तक बटन ही लगवाता रहता है, बाईक मिस्त्री 6-6महीने पहिए ही खुलवाता रहता है। कुछ लोग तो इस नियत से भी काम नहीं सिखाते हैं कि काम सीख लेगा तो फिर नया मुर्गा कहाँ से आएगा। ये गरीब के बच्चे है। माँ बडी उम्मीद से रोटी देकर भेजती है कि मेरा बच्चा जल्द काम सीखकर कुछ कमाकर घर के खर्चे में मदद करेगा। मेहरबानी करके ऐसे बच्चो को जल्द हुनर सिखाकर कामयाब बनाए। यकीन माने अल्लाह पाक आपको उसका बेहतरीन बदला अता फ़रमाएगा।
माननीय रेलमंत्री जी ,
एक दिन वंदे भारत की चमकदार कुर्सियाँ छोड़कर किसी आम ट्रेन में गरीब-मजदूर, किसान , छात्र की तरह सफर करके देखिए।
बिना सुरक्षा घेरा, बिना चमचों की टोली IRCTC से टिकट बुक करिए, OTP देर से आए, तब तक सीट खत्म।
₹14 का रेल नीर खरीदिए ,
अधपके चावल और नाममात्र की सब्ज़ी खाइए
और पानी-बिना, बदबूदार टॉयलेट में मजबूरी की “स्वच्छता” झेलिए।
जरा उस यात्री की जगह खड़े होकर देखिए>>
• जिसे काम पर पहुँचना है , बहाना नहीं।
• जो 8–10 घंटे लेट ट्रेन भी चुपचाप सहता है।
• जो शिकायत नहीं करता, क्योंकि उसे सिस्टम पर भरोसा नहीं।
• जो रिफंड नहीं माँगता, क्योंकि उसे प्रक्रिया समझ नहीं आती।
• जो प्रीमियम किराया नहीं, सिर्फ़ इज़्ज़त और बुनियादी सुविधा माँगता है।
गरीब जनता शोकेस ट्रेन नहीं माँगती।
वो माँगती है।
समय पर ट्रेन , साफ पानी , खाने लायक खाना, काम के टॉयलेट और सुनी जाने वाली शिकायत।
अगर रेल सच में “जनता की जीवनरेखा” है तो पहले उस सबसे कमजोर यात्री के लिए काम कीजिए जो रोज रेल में सफर करता है ,
लेकिन कभी मंच तक नहीं पहुँच पाता।
🚨सभी यात्रियों,छात्रों और आम नागरिकों से ज़ोरदार अपील 🚨
आज पूरे दिन एक ही आवाज़ में ट्वीट करें, रीट्वीट करें, शेयर करें।
हैशटैग #TatkalTicketBooking को Trend No. 1 तक पहुँचाना है।
यह सिर्फ टिकट की लड़ाई नहीं,
यह आम आदमी के समय, पैसे और सम्मान की लड़ाई है।
अपने ट्वीट में ये मुद्दे ज़रूर लिखें 👇
▪️ OTP नहीं आता
▪️ Refund महीनों तक अटका
▪️ टिकट में चोरी और धांधली
▪️ Waiting में “Convenience Fee” के नाम पर लूट
▪️ ट्रेनें घंटों लेट
▪️ ट्रेनों की भारी कमी
▪️ Software से Tatkal booking
▪️ Counter पर खुलेआम Black Marketing
▪️ Telegram पर Ticket Selling के नाम पर Fraud
सबसे बड़ा खेल 👇 (इसे ज़रूर लिखें)
• ठीक 10:00 AM और 11:00 AM
• Transaction Error
• Auto Logout
• Unable to Process Request
• Transaction Dropped
हर दिन वही समय, वही एरर — ये तकनीकी खराबी नहीं, सिस्टम की सेटिंग है।
एजेंटों को टिकट मिल जाता है,
आम यात्री को सिर्फ Error Message।
आज अगर नहीं बोले, तो कल Tatkal सिर्फ दलालों का होगा।
टैग करें 👇
@KHURAPATT@UpscScreenshots@khurpenchh@Khurpench_@YTKDIndia
आरंभ हो चुका है। अब रुकना नहीं है। प्रचंड आप सब करेंगे।
🔥 #TatkalTicketBooking 🔥
उत्तर प्रदेश के पुलिसकर्मी कांवड़ियों के पैर दबाते हैं। कांवड़ियों पर फूल बरसाते हैं, धर्म के नाम पर निकाली जाने वाली यात्रा में गदा लेकर चलते हैं। उससे किसी को आपत्ति नहीं है। उससे किसी की भावनाएं आहत नहीं हुईं। लेकिन सब इंस्पेक्टर मोहम्मद आफ़ाक़ हज़रत पैगंबर मोहम्मद साहब की शिक्षाओं का हवाला देते हुए अपने संबोधन में हदीस का उल्लेख कर कहें कि, "जिस घर में बेटी पैदा होती है, उस घर में रहमत बरसती है। तो इस पर बाद बजरंग दल की भावनाएँ भड़क जाती हैं, उन्हें वर्दी में धार्मिक शिक्षा देने वाला नज़र आ जाता है। और उस पुलिसकर्मी को निलंबित कर दिया जाता है।
ठीक है! वर्दी में धार्मिक शिक्षा नहीं देनी है। बिल्कुल नहीं देनी है। लेकिन यह नियम एक ही शख्स पर लागू क्यों होगा? इसकी शुरूआत तो साल भर पहले गदा लेकर चल रहे पुलिस अफसर से होती समझ में आता, उसके बाद कांवड़ियों कोई पुलिस कर्मी कांवड़ियों के पैर नहीं दबाता, बल्कि अपनी ड्यूटी करता, कोई अफसर कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा नहीं करते, बल्कि कांवड़ रूट की व्यवस्था संभालते। लेकिन नहीं! चंद बेरोजगार लफंगे 'शिकायत' लेकर थाने आते हैं, और पुलिस 'दबाव' में आ जाती है! क्या पुलिस सिर्फ सत्ताधारी दल के अनषांगिक संगठनों की ही सुनेगी, उन्हीं के सही गलत बातों को तरजीह देगी। बाकी को नहीं?
अभी ‘आज तक’ की वेबसाइट पर इस बदनसीब महिला की स्टोरी पढ़ी है। उस स्टोरी को पढ़ते हुए कई बार ऑंखें नम हुईं, कई बार गुस्से से मुट्ठी बंद हुईं। इस महिला के पति को बड़े बेटे ने साल भर पहले घर से निकाल दिया था, वो शहर दर शहर भटकते रहे। मालूम नहीं ऐसी नालायक औलाद के घर कौन रिश्ता जोड़ रहा है। जो लोग अपने मां बाप को बोझ समझें, जिन्हें उनकी मौत की ख़बर भी बोझ लगे ऐसे लोगों का सामाजिक बहिष्कार होना ही समाधान है।
लानत लानत लानत
देश के 2 सबसे जिम्मेदार नागरिक..!
1)बीजेपी सरकार की विफलताओं के बारे में पूछो तो
नेहरू जिम्मेदार
2)और चुनाव में विपक्ष की हार का कारण पूछो तो
ओवैसी जिम्मेदार
@samajwadiparty SIR pe dhayan ni diye to bahut bura hal hoga
Mera form bhi BLO ko ni diya gaya tha main har trah se update tha to maine VRC office se nikalwa liya magar unka kiya hoga jo kuch ni jante yar ghambheerta se ni le rahe
#vidhansabhaDomeriyaganj
जरूरी सूचना...
@ShayarImran की तरफ से सूचित किया जाता है कि हिमाचल प्रदेश में 'मोहब्बत की दुकान' कुछ दिनों के लिए अभी बंद है,
चुनाव आते ही फिर से खोल दी जाएगी!
धन्यवाद..!!