Wife of an Armed Force was drugged, gang-raped, filmed by Ayyaz Taj Madare and Ameen Shaikh on the pretext of land deal in Nagpur.
Blackmailed, extorted lakhs, forced to drink Halal liquid, chant Islamic verses, converted by Hazrat Maulana in Chhindwara, MP, "nikah" to Ayyaz and forced to eat Gau-mans!
Two arrested, Maulana absconding. Husband filed FIR.
“First Babar looted Ram mandir , then Akbar , then aurnagzeb , then Britishers
& now black foreigners (sanghis) are looting Ram Mandir”
>>>Santosh Dubey a well known kar sevak who spent his life for Ram Mandir construction!
He gives Absolutely SHOCKING details of the robbery done by VHP’s champat rai Bansal , handpicked by Modi and rss to head Ram mandir trust !!
Your mind will go numb..
#Watch ⬇️
I
राम जन्मभूमि मंदिर लूट में ट्रस्ट महासचिव चंपत राय जी की भूमिका भी संदिग्ध?
काफी सारे 'संघी-रक्त' रामजन्म भूमि मंदिर लूट में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय जी को क्लीन चिट देने, उन्हें ईमानदार साबित करने में जी-जान से जुटे हैं।
वैसे चंपत राय जी को हरिश्चंद्र घोषित करने वाले काफी संघी वो हैं, जिनका घर संघ/विहिप ही चलाता है। कुछ तो आईटी सेलिए बनकर प्रधानमंत्री के साथ अभी के विदेश दौरे पर भी गये हैं। तो ऐसे लोग इनका रोजी-रोटी ही मंदिर लूट और आम जनता के टैक्स लूट से चल रहा है, उनकी अपने मालिकों के लिए वफादारी समझी जा सकती है। परंतु धार्मिक हिंदू क्यों इनके पिछलग्गू बन कर पाप का भागी बन रहें?
वैसे चंपत राय जी से कभी मेरा भी निजी संबंध रहा है, परंतु भगवान श्रीराम के ऊपर नश्वर मनुष्य को रखने का पाप तो मैं नहीं कर सकता। इस पृथ्वी लोक से ऊपर भी एक लोक है, जहां मुंह दिखाना है।
हां, तो चंपत राय जी को क्लीन चिट बांटने वालों को दैनिक भास्कर और उसके रिपोर्टर राजेश साहू द्वारा एक्स पर किए इस पोस्ट को अवश्य पढ़ना चाहिए और चिंतन करना चाहिए कि क्या अभी भी नश्वर मनुष्य के पक्ष में खड़े होकर अपना कर्म बिगाड़ोगे? वहां तो तुम्हारे साथ कोई संघी नहीं जाने वाला है? वहां तो तुम्हारा कर्म ही तुम्हारे साथ जाएगा? तो वह पोस्ट यह रहा:- 👇
"कई लोग जानना चाहते हैं कि राम मंदिर में दान चोरी का मामला खुला कैसे? असल में कुछ दिन पहले चढ़ावे की गिनती करने वाली टीम में एक नया कर्मचारी शामिल हुआ था। 7 जून, 2026 को उसने नोटों की एक गड्डी छिपा ली। उसकी यह हरकत CCTV में रिकॉर्ड हो गई।
पूछताछ होने पर उसने चढ़ावे की रकम में हो रही चोरी से जुड़ी कई बातें बताईं। 9 जून को यह जानकारी सार्वजनिक हो गई और मामला सुर्खियों में आ गया। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी इसे मुद्दा बनाकर सरकार और ट्रस्ट को घेरा।
हैरानी की बात यह है कि मामला सामने आने पर चंपत राय ने बाकी ट्रस्टियों को इसकी जानकारी नहीं दी। हेरा-फेरी की जानकारी होने के बावजूद पुलिस में शिकायत भी दर्ज नहीं कराई।
चंपत राय ने 12 जून को सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर सफाई दी। कहा- ट्रस्ट समय-समय पर चढ़ावे की राशि को ऑडिट कराता है। किसी तरह की कोई गड़बड़ी नहीं है।"
#SandeepDeo #AyodhyaRamTemple #AyodhyaDham #ayodhyarammandir #rammandir
The image shows an excerpt from a declassified CIA record
And this is what Gumnami Baba said: "Don’t forget that Calcutta ‘was’ the second city of the whole British Empire (first city was London). And Calcutta was the first city throughout the British Commonwealth. The port of Calcutta was the first and the best port and harbour."
Details: https://t.co/OzLJhCc7Zd
1970 के दशक की शुरुआत में जब देश में इंदिरा गांधी के खिलाफ विपक्ष एकजुट हो रहा था, तो सतह पर इसे 'भ्रष्टाचार विरोधी क्रांति' का नाम दिया गया, जिसका नेतृत्व जयप्रकाश नारायण (JP) कर रहे थे। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने उस समय सार्वजनिक रूप से बार-बार यह आरोप लगाया था कि जे.पी आंदोलन के पीछे अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए (CIA) का पैसा और दिमाग काम कर रहा है। हालांकि...
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डर और खौफ किस बात का? हमने जो सपना देखा है, वह अपने स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि समाज और संस्कृति के लिए देखा है। न कभी पद मांगा, न लाभ; हमारा उद्देश्य केवल सेवा और आस्था है।
Dear Hindus,
This is a matter of utmost importance for every Sanatan Dharmi. It must go viral.
The conspiracy to defame and destroy the sacred Shankaracharya Peeth of Jyotirmath (@jyotirmathah) stands fully exposed.
And u know BJP IT cell and godi media will not tell this truth !!
Ashutosh Brahmachari (also known as Ashutosh Pandey), the complainant who had filed the POCSO case against Shankaracharya Avimukteshwaranand Saraswati Ji Maharaj, has now publicly confessed on record that he was pressurised and misled into filing a fake case.
He has released explosive WhatsApp chats and evidence that lay bare the entire plot to implicate Shankaracharya Maharaj under POCSO. These chats reveal that he was coerced by Ramchandra Das the main disciple and successor-designate of Jagadguru Rambhadracharya along with certain UP government officials.
The chats name IAS officer Avinash Awasthi, Advisor to CM Yogi, in the discussions.
The final line chillingly states: its direct orders of Gurudev (Jagadguru Rambhadracharya)
It was a calculated, deep rooted conspiracy to tarnish a revered Shankaracharya Peeth and weaken Hindu dharma from within.
It was such a brutal attack on Sanatan Dharma !!
What kind of people will do this ?? Only anti Hindus !
आज जो कुछ हो रहा है, इसमें हमारा कोई व्यक्तिगत स्वार्थ नहीं है। मेरे पिताजी पिछले 40–45 वर्षों से जिस उद्देश्य के लिए संघर्ष कर रहे हैं, हम उसी विचार को आगे बढ़ा रहे हैं। हमारा लक्ष्य केवल इस प्रयास को निरंतर आगे ले जाना है।
शंकराचार्य जी पर आरोप लगाने वाले Ashutosh Brahmachari Maharaj ने निजी Whatsapp Chat जारी कर कोहराम मचा दिया है। वह कथित चैट आशुतोष और रामभद्राचार्य के उत्तराधिकारी रामचंद्र दास के बीच का है। उसमें शंकराचार्य जी को फर्जी तरीके से फंसाने के लिए कथित रूप से रामभद्राचार्य के आदेश का जिक्र है। यही नहीं उस कथित चैट में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मुख्य सलाहकार अवनीश अवस्थी का नाम भी सामने आ रहा है।
हिंदू धर्म के सर्वोच्च धर्म गुरु शंकराचार्य को फर्जी तरीके से फंसाने के लिए सत्ता समर्थक एक संत और सत्ता के एक अधिकारी का नाम इस तरह एक निजी कथित चैट में आना बेहद चिंताजनक है। मेरी उप्र के मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी से मांग है कि इसकी वह जांच कराएं और दोषियों पर तत्काल कार्रवाई करें। सनातन हिन्दू धर्म की सर्वोच्च संस्था पर घिनौने आरोप लगाने के इस षड्यंत्र में जो-जो शामिल है, उस पर कानूनन कार्रवाई होनी ही चाहिए।
सत्य आज अपने आप प्रकट हो रहा है और यह सत्य कई घिनौने चेहरों को उजागर कर रहा है। वेद 'सत्य' को शाश्वत, ब्रह्मांड के सर्वोच्च आधार और मनुष्य की उन्नति का एकमात्र कारण मानते हैं। वेदों का प्रसिद्ध उद्घोष है: "सत्यमेव जयते नानृतम्" अर्थात् सत्य की ही जीत होती है, असत्य की नहीं!
गो-माता की सेवा में कितनी शक्ति है, आज का मानव देख ले। शंकराचार्य जी गो-रक्षार्थ निकले हुए हैं तो उनके एक-एक विरोधी का चेहरा गो माता ने स्वत: प्रकट करना आरंभ कर दिया है।
वेदों और पुराणों के अनुसार, गो माता के शरीर में तैंतीस कोटि देवी-देवता निवास करते हैं। गाय के मुख में चारों वेद, जीभ में सरस्वती, और चरणों में समस्त तीर्थों का स्थान माना गया है। आज यह स्पष्ट दृष्टिगोचर हो रहा है। जय गो माता। 🙏 #SandeepDeo
कृपया संज्ञान लें माननीय:-
@PMOIndia@narendramodi@AmitShahOffice@AmitShah@myogioffice
#अविमुक्त_वाणी
आपमें कोई कामना है ? मतलब आपमें कोई कमी है । जो पूर्णकाम होगा वह निष्काम होगा ।
'परमाराध्य' परमधर्माधीश उत्तराम्नाय ज्योतिष्पीठाधीश्वर अनन्तश्रीविभूषित जगद्गुरु शङ्कराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानंदः सरस्वती '१००८' जी महाराज के आशीर्वचन का अंश 🙏
#shankaracharya #Jyotirmath
मेरा मानना है कि काशी–मथुरा का मामला जल्द सुलझना चाहिए। सर्वोच्च न्यायालय की 12 दिसंबर 2024 की रोक पर अब निर्णायक फैसला आना चाहिए। केंद्र सरकार प्लेसेस ऑफ़ वोरशिप एक्ट पर अपना स्पष्ट पक्ष अदालत में रखे—या तो बदलाव करे या अपना जवाब दाखिल करे, ताकि देरी खत्म हो।
किसी से 800 रूपये , किसी से 500 , किसी से 1200 तो किसी से 1500 रुपए ले रहे है , ये रिश्वतखोर पुलिस वाले।
लेकिन ऊपर - ऊपर से देखा जाय तो ये पुलिस वाले ज्यादा पैसे नहीं ले रहे है क्योंकि लोगों की आमदनी भी तो बढ़ी है।
मेरे अनुसार इसे शिवलिंग कहना सही है, क्योंकि इसकी संरचना शिवलिंग जैसी दिखाई देती है। यह नंदी के सामने स्थित है। ASI जांच की मांग को वाराणसी जिला न्यायालय ने खारिज किया, लेकिन बाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आवेदन स्वीकार कर लिया।
Indian architecture is art, science and devotion together
No civilization can match Indian architecture …!
Hindu temples are the real architectural marvels 🔥
Nalanda University , the renowned ancient Mahavihara in Bihar, India, was destroyed by fire around 1193-1200 CE, an event largely attributed to Turkic invader Bakhtiyar Khilji. The destruction occurred during Khilji's military campaigns in the region, aimed at consolidating power. The assault saw the university's massive library, known as Dharmaganja (comprising three large multi-story buildings named Ratnasagara, Ratnodadhi, and Ratnaranjaka), set ablaze.
Reports, including those referencing the Persian historian Minhaj-i-Siraj in Tabaqat-i Nasiri, suggest the library housed millions of precious manuscripts covering philosophy, astronomy, medicine, and Buddhist studies. The library reportedly burned for several months, with thick smoke hanging over the region for days, destroying irreplaceable knowledge.
Alongside the library, monks and scholars were massacred, and the monastery buildings were demolished, dealing a massive blow to Buddhist education in India.
While this was not the first time Nalanda faced destruction-earlier damages occurred in the 5th and 7th centuries - the late 12th-century invasion resulted in its final, irreversible decline, turning the flourishing international intellectual hub into ruins.
The site remained largely forgotten until its excavation.
सत्यनारायण मंदिर में मुस्लिम निकाह की घटना याद है या भूल गये?
अभी राम मंदिर में दान गबन का मामला उजागर हुआ। आपको ज्ञात है कि राम मंदिर ट्रस्ट पर संघियों का कब्जा है। संघी हर हिंदू मंदिर पर धीरे-धीरे कब्जा करते जा रहे हैं और वहां से धन उगाही के साथ-साथ मंदिर की शुचिता को भी खंडित कर रहे हैं।
वर्ष 2023 की यह घटना याद है या आप भूल गये? हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले में रामपुर बुशहर के ठाकुर सत्यनारायण मंदिर परिसर में एक मुस्लिम जोड़े (नैमत मलिक और राहुल शेख) का पूरे विधि-विधान से निकाह संपन्न हुआ था। यह मंदिर विश्व हिंदू परिषद (VHP) द्वारा संचालित है और इसमें RSS का कार्यालय भी है।
श्री सत्यनारायणजी मंदिर में मुस्लिम जोड़ों का निकाह पढ़वाया गया था। मुल्ला-काजी ने मंदिर के अंदर निकाह पढ़ाया था।
ऐसे ही दिल्ली के झंडेवालान मंदिर पर भी संघियों का कब्जा है। देश में ऐसे अनेक मंदिर हैं जहां संघियों ने कब्जा कर लिया है और मंदिर के फंड से संघियों की असीमित इच्छाएं पूरी हो रही हैं।
आज हर जिला में संघ कार्यालय है, जबकि RSS भारत के किसी कानून के तहत पंजीकृत भी नहीं है। यह ऐसा कौन सा प्रोडक्ट बनाती है जिससे इतने पैसे आते हैं कि 100-150 करोड़ की बिल्डिंग्स और इनके कार्यालय बन रहे हैं?
सवाल पूछिए तो ये कहते हैं कि गुरु दक्षिणा आ रहा है! हालांकि वह भी बंद लिफाफे में काला धन का कारोबार है। परंतु सवाल है कि जब संघ 100 साल से है तो 2014 से पहले इनकी इतनी बिल्डिंग्स क्यों नहीं बन रही थी, जो 2014 के बाद (संघी पार्टी की सत्ता) बननी शुरू हुई हैं? क्या 2014 से पहले गुरु दक्षिणा नहीं आती थी?
हिंदू यदि अपने आसपास देखे तो एक न एक मंदिर संघियों के कब्जे में उसे दिखेगा। असल में मंदिर की कमाई से ही संघ इतना धन अर्जित कर रहा है, जिससे उसका सारा 'मिशन' पूरा हो रहा है! राम मंदिर, झंडेवालान और हिमाचल के सत्यनारायण मंदिर का मामला सामने है।
भविष्य पुराण के अनुसार, वेद में मंदिर के प्रतिग्रह (दान) को लेने का कोई मंत्र नहीं है। इसीलिए भगवान श्रीकृष्ण के पुत्र सांब को शाकद्वीप से मगों को लाना पड़ा था, ताकि वह मंदिर का प्रतिग्रह ले सकें।
अर्थात् मंदिर का दान लेना वेद विरुद्ध है और सनातन धर्म शास्त्रों में स्पष्ट कहा गया है कि जो वेद विरुद्ध है वह नास्तिक है। बुद्ध को भगवान विष्णु का अवतार कहा गया, लेकिन वेद विरुद्ध आचरण के कारण उनके धर्म व दर्शन को भी नास्तिक संप्रदाय में रखा गया है।
अतः सनातन धर्म शास्त्रों के अनुसार संघ एक नास्तिक संगठन है। इसका हिंदू सनातन धर्म से कुछ लेना देना नहीं है। यह हिंदू धर्म का उपयोग केवल उसे विदेशी आक्रांताओं की तरह लूटने और सत्ता हासिल करने के लिए करता है।
संघ तुगलक-लोदी-मुगलों की तरह सत्ता प्राप्ति के बाद हिंदू मंदिरों से एक तरह का 'जजिया' वसूल रहा है और मंदिरों को धीरे-धीरे विधर्मियों के लिए खोल कर उसे अपवित्र भी कर रहा है।
सत्यनारायण मंदिर में मुस्लिम निकाह, राम मंदिर में मुस्लिमों की यात्रा और विश्वनाथ मंदिर में मुस्लिमों द्वारा जलाभिषेक संघ का मुस्लिम राष्ट्रीय मंच आयोजित कर चुका है।
संघ के साथ जो भी है, वह हिंदू धर्म को नष्ट-भ्रष्ट करने में सहयोगी है। वह नाम से भले हिंदू दिखता है, परन्तु वेद की परिभाषा के अनुसार वह नास्तिक है। असल में संघी कालनेमी रूपी विधर्मी हैं, जो हिंदुओं को दोनों हाथों से लूट रहे हैं!
#SandeepDeo
शिवलिंग का मजाक उड़ाकर करोड़ों हिन्दुओं की भावना का मजाक उड़ाया था इन्होंने,
बहुत जल्द ये भी एक पार्टी की वाशिंग मशीन में धुलकर साफ होने वाली हैं।
हे भगवान, अभी और कौन कौन से दिन देखने पड़ेंगे।
मैंने ऋषि दयानंद का एक ही सूत्र सीखा है - “सत्य के ग्रहण करने और असत्य के छोड़ने में सर्वदा उद्यत रहना चाहिए” इसलिए मेरा एक ही कार्य है अंतिम सांस तक सच बोलूँ ! लाखों रुपये के ऑफर सत्य के सामने धूल के समान है ! मैं भारत की न्याय व्यवस्था में अटूट विश्वास करता हूँ जो भी इतिहासकारों ने लिखा है अगर वह ग़लत है तो वो सब बैन हों और सही है तो न्याय हो !
काशी में ए.एस.आई. सर्वे लगभग पूरा हो चुका है। केवल वजूखाना क्षेत्र का सर्वे बाकी है, जहाँ 16 मई 2022 को एक संरचना मिलने का दावा किया गया था। इस क्षेत्र के सर्वे का आदेश हाईकोर्ट ने दिया था, लेकिन 19 जुलाई 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने उस पर रोक लगा दी।