IREO VICTORY VALLEY Sec-67 बिल्डर के अवैध कब्जे को GMDA DTP RS Batth संरक्षण दे रहे है,6 महीने से जनहित की शिकायत को दबाया हुआ है,बना हुआ सरकारी रोड चालू नहीं हो पा रहा। क्या मिलीभगत है जी? Action Please @OfficialGMDA@cmohry@dtcphry@DTPENFGGM@DC_Gurugram
@fastagofficial@NHAI_Official
My Fastag is not working at many Toll Tax. & When applying online for Fastag Card replacement then it says Annual Pass will not me transferred to new card. It also charge 100 Rs for Fastag replacement. Please suggest @SahilGoyalAdv@mkhatana5200
माननीय@cmohry@dtcphry@DGPHaryana हम ग्रामीणों की शिकायत को 6 महीने हो चुके है @OfficialGMDA के जिम्मेदार अधिकारी Sec 67 Green Belt,Service Road को Victory valley Builder,RWA के गैरकानूनी कब्जे से मुक्त नहीं कर रहा है,1 km बन चुका रोड 2 वर्षों से चालू नही हो पा रहा है Action Plz
DTP RS बाट ये खबर पढ़ रहे हो तो उनसे आग्रह है Sector 67 स्थित Ireo, Bestech बिल्डर के खिलाफ मेरी जनहित की शिकायत के मामले पर तत्काल संज्ञान ले अन्यथा मुझे मजबूरी वश पुख्ता दस्तावेजों सहित समाज के सामने आना होगा।@OfficialGMDA@MunCorpGurugram@dtcphry@cmohry Mohit Khatana Adv.
अगर सभी medical college का syllabus उस संस्था ने बनाया हो जिसका मालिक कहता हो कि "बढ़िया वैक्सीन और अस्पताल सुविधा से दुनिया की आबादी कम कर सकते हैं" तो उस college में पढ़ने वाला छात्र चाहे मेहनत से डॉक्टर बने या चाहे NEET paper खरीद के डॉक्टर बने, क्या उसका इलाज आपकी जान बचाएगा?
लो जी देख लो लिखित में माफ़ी मंगवाए हैं हम वकील हैं ऐसे न छोड़ते हैं कल रात में हेड कांस्टेबल ने वकील
भाइयों के साथ धक्का मुक्की की थी विडिओ वायरल हुआ तो कल ही वकील भाई को बोलकर विडिओ बना लिया था लेकिन उसमें माफी नही मांगी थी
आज वकील भाई लोग थाने पहुच कर SHO साहब से बोले हेड कांस्टेबल ने माफी मांगी लिखित में आगे से किसी वकील भाई के साथ बतमीजी नही करेगे
और dcp साहब से बोलकर डिपार्टमेंट कार्यवाही के आदेश भी दिए
यह है हमारी वकील एकता में दम
Shocking security lapse at VIN 83Gurugram! Miscreants pelted stones & broke toughened glass of a resident's house.Police complaint filed, but @EnviroIndia has taken ZERO action. Is this resident r paying for?
Need immediate intervention
@enviro_india@gurgaonpolice@GroupVatika
देशभर में पेट्रोल में E20 (20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित ईंधन) के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी बीच रायपुर में E20 पेट्रोल से कार के इंजन के खराब होने का मामला सामने आया है। इससे जुड़े मामले में कंज्यूमर कोर्ट ने मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड और उसके अधिकृत डीलर को जिम्मेदार ठहराया है। कोर्ट ने कहा कि नई कार दी जाए या 20 लाख लौटाए जाए।
कोर्ट ने माना कि गाड़ी का इंजन ई-20 फ्यूल के हिसाब से नहीं था, फिर भी कार कस्टमर को बेची गई। कोर्ट ने कहा कि 45 दिनों के अंदर ग्राहक को उसी मॉडल की नई कार दी जाए, जो ई-20 फ्यूल के अनुकूल हो। अगर ऐसा नहीं किया तो कंपनी को वाहन की पूरी कीमत करीब 20.5 लाख रुपए और अन्य खर्च भी लौटाने होंगे।
ई-20 से कार खराब होने पर कस्टमर को मुआवजा देने का यह देश का पहला मामला है।
राजस्थान सूचना आयोग का सख्त रुख: आदेश की कथित अवहेलना पर ग्राम विकास अधिकारी को व्यक्तिगत पेशी का समन
जयपुर/चूरू | 13 जुलाई 2026:
राष्ट्रीय अपराध जांच ब्यूरो (NCIB) के राज्य जनसंपर्क अधिकारी सम्पत सिंह राजपुरोहित द्वारा दायर परिवाद पर राजस्थान राज्य सूचना आयोग ने बड़ा कदम उठाते हुए ग्राम पंचायत जीवंदेसर के राज्य लोक सूचना अधिकारी एवं ग्राम विकास अधिकारी को 07 सितम्बर 2026 को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का समन जारी किया है। साथ ही पुलिस अधीक्षक, चूरू को समन की विधिवत तामील कर रिपोर्ट आयोग को भेजने के निर्देश दिए हैं।
परिवाद में आरोप लगाया गया है कि आयोग द्वारा 31 जुलाई 2025 को पारित आदेश के बावजूद मांगी गई सूचना पूर्ण रूप से उपलब्ध नहीं कराई गई तथा अपूर्ण एवं भ्रामक जानकारी देकर आदेश की कथित अवहेलना की गई। इसी आधार पर सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 18 के तहत शिकायत प्रस्तुत की गई।
आयोग ने सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 18(3) के तहत जारी समन में स्पष्ट किया है कि यदि समन की विधिवत तामील के बाद भी संबंधित अधिकारी उपस्थित नहीं होते हैं, तो उनके विरुद्ध कानून के अनुसार आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है।
सम्पत सिंह राजपुरोहित ने कहा कि आरटीआई कानून का उद्देश्य प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है तथा सूचना आयोग के आदेशों का समयबद्ध पालन प्रत्येक लोक प्राधिकारी की जिम्मेदारी है।
अब इस मामले की अगली सुनवाई 07 सितम्बर 2026 को राजस्थान राज्य सूचना आयोग, जयपुर में होगी।
#ब्रेकिंग:⚖️ हमीरपुर कोर्ट का बड़ा आदेश
💡 स्मार्ट मीटर अनिवार्य नहीं – HPSEBL को झटका बिना मर्जी बिजली काटी तो 10 दिन में जोड़नी होगी।
स्मार्ट मीटर लगवाने के लिए बिजली काटना गलत, जबरन नहीं लगा सकते - कोर्ट
हमीरपुर : हिमाचल प्रदेश में स्मार्ट मीटर को लेकर एक बड़ा फैसला सामने आया है। हमीरपुर की सिविल जज टीना मल्होत्रा की कोर्ट ने साफ कर दिया है कि HPSEBL किसी भी उपभोक्ता की दुकान/घर में उसकी मर्जी के बिना स्मार्ट मीटर नहीं लगा सकता और न ही बिजली काट सकता है।
👉क्या है पूरा मामला?
यह मामला CMA रजिस्ट्रेशन नंबर 497-2026, जयमल सिंह बनाम SDO HPSEBL लंबलू का है।
याचिकाकर्ता जयमल सिंह का कहना था कि वह मोहल लंबलू, मौजा उगलता, तहसील व जिला हमीरपुर में दुकान के मालिक हैं। HPSEBL ने 17.04.2026 को नोटिस देकर कहा कि अगर स्मार्ट मीटर नहीं लगवाया तो बिजली काट दी जाएगी।
जयमल सिंह ने कोर्ट में अर्जी देकर कहा कि स्मार्ट मीटर लगवाना स्वैच्छिक है, जबरन नहीं। इसलिए HPSEBL को बिजली काटने और स्मार्ट मीटर लगाने से रोका जाए।
👉HPSEBL का पक्ष
HPSEBL ने कहा कि हिमाचल सरकार की नीति है कि सभी व्यावसायिक परिसरों में स्मार्ट मीटर लगेंगे। बिजली अधिनियम 2003 की धारा 55(1) के तहत सही मीटर के बिना बिजली नहीं दी जा सकती। इसलिए नोटिस दिया गया था।
👉कोर्ट ने क्या कहा?
04.06.2026 को सुनवाई के बाद कोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणियां कीं:
1. स्मार्ट मीटर स्वैच्छिक है, अनिवार्य नहीं : कोर्ट ने कहा कि सरकार की योजना के तहत स्मार्ट मीटर लगाना प्रमोट किया जा रहा है। पहले भी स्पष्ट किया जा चुका है कि यह स्वैच्छिक है, अनिवार्य नहीं। बिजली अधिनियम 2003 की धारा 55 और धारा 47(5) से भी यही साबित होता है।
2. धमकी देकर नहीं लगा सकते: कोर्ट ने कहा कि HPSEBL बिजली अधिनियम का हवाला देकर उपभोक्ता को डरा-धमका कर स्मार्ट मीटर नहीं लगवा सकता और बिजली नहीं काट सकता। सरकार की नीति को कानून के खिलाफ बताकर "सही मीटर" कहना कानून की गलत व्याख्या है।
3. बिजली बहाल करने के आदेश: कोर्ट ने HPSEBL को आदेश दिया कि वह याचिकाकर्ता की दुकान की बिजली, पुराने मीटर के साथ, आदेश की तारीख से 10 दिन के अंदर बहाल करे। यह आदेश मुकद्दमे के अंतिम निपटारे तक लागू रहेगा।
कोर्ट ने यह भी कहा कि यह आदेश केवल इस अर्जी के निपटारे के लिए है। मामले के गुण-दोष पर अंतिम फैसला बाद में होगा।
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माननीय @cmohry@DC_Gurugram@gurgaonpolice@OfficialGMDA बादशाहपुर मे Area Mall के Opposite Flyover के नीचे मुख्य रोड पर सरकारी बस HR55AJ 8657 को Parking किया जाता है जिसके कारण प्रतिदिन जाम लगता है, एक्सीडेंट भी हो चुके है। स्थानीय ZO Team सहित नजारा देखते रहते है। Action Plz
Children today receive about 4 times more vaccines than in 1986, and at the same time, children today are reported to have around 4 times more chronic disease. Vaccines are disease-causing, not disease-preventing!
यह तस्वीर ओडिशा के सिजिमली, रायगड़ा की है, जहाँ आदिवासी समुदाय के स्पष्ट विरोध के बावजूद उनकी पवित्र ज़मीनों पर सरकार द्वारा वेदांता कंपनी के जरिए खनन थोपने की कोशिश की जा रही है। यह विकास नहीं, बल्कि विस्थापन बढ़ाना और अस्तित्व को मिटाना है। क्या अब कॉर्पोरेट हित संवैधानिक अधिकारों से ऊपर हो गए हैं? हम ओडिशा के आदिवासियों के साथ मजबूती से खड़े हैं।
Schools should not be vaccination centres.
Every parent must be informed about medical interventions/vaccinations carried out in schools. No school should vaccinate children without the parent's permission.
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@EduMinOfIndia@MoHFW_INDIA