पहले जंतर-मंतर में असली और नकली प्रोटेस्टर के बीच फर्क नहीं कर पाईं, और जब सच्चाई सामने आई तो "भाड़े की पत्रकार" का राग अलापने लगीं आरफ़ा खानुम शेरवानी।
@ritikachandola पूछ रही हैं, अगर देश-विरोधी नारों और उन्हें सही ठहराने वाले इकोसिस्टम का पर्दाफाश करना "भाड़े की पत्रकारिता" है, तो फिर असली पत्रकारिता क्या है?
राहुल गांधी के बाथरूम का Vlog बनाना? Umar Khalid और Sharjeel Imam के लिए सहानुभूति जुटाना? या फिर Ayush के ‘Rehman’ और Deepak के ‘Mohammad’ बनने का जश्न मनाना?
मासूम बच्चे और उनके माता-पिता की गाढ़ी मेहनत की कमाई का पैसा लूटने वाले कुछ कोचिंग सेंटर के सेलिब्रिटी टीचर्स आज भाड़े के वीडियो बना बनाकर ज्ञान दे रहे हैं। सार्वजनिक रूप से महिलाओं को गाली देने वाले, उनकी नक़ल उतारने वाले ये छिछले यूट्यूबर बच्चों की कड़ी मेहनत पर अपनी दुकान सजाते हैं। असल हीरो बच्चे हैं, ये माँ बाप की मेहनत की कमाई के लुटेरे कितना भी कूदें, देशभर के बच्चों को live जोड़कर हमने पेपर लीक के पिड़ित बच्चों को आवाज़ दी तो इनके स्टारडम को बड़ा धक्का लगा है! शिक्षा को धंधा बनाने वालों को दर्द हो तो अच्छा है।वैसे कोचिंग माफिया के खिलाफ मेरा विडियो वायरल करने के लिए धन्यवाद! मेरे शो पर सभी panelist ने बोला कि कोचिंग माफिया पर नकेल कसी जाए।
कोचिंग माफिया वाले मास्टर और 'सर' लोगों को नैतिकता के दंभ नहीं भरने चाहिए। चाहे ख़ान हो या अभिनय, इनके वीडियो में ज्ञान कम और परफॉरमेंस अधिक होता है। मैथ्स पढ़ाने वाले जब कोविड वैक्सीन के कारण लोगों को हार्ट अटैक होने की बकवास करते हैं और स्मार्ट बोर्ड के सामने नाचने लगते हैं, तो वो टीचिंग नहीं होती।
ख़ान, ओझा, स्कोडा, लहसुन सब के सब को देखा हुआ है, सबका मॉडल पता है। ये लोग बच्चों के पक्ष में नहीं होते, ये केवल उस पक्ष में खड़े हो कर अपना पक्ष प्रबल कर रहे होते हैं। ख़ान ने कहा था कि ये मीडिया वाले पुतिन का इंटरव्यू करेंगे? उसका इंटरव्यू किसी BPSC या UPSC की तैयारी करने वाले को करना चाहिए!
कितनी बकचोदी वाली बात है ये! UPSC या BPSC वाले (अधिकांशतः) केवल रट्टू तोते होते हैं और वो जब सेलेक्ट हो कर जाते हैं तो कहते हैं कि परीक्षा तो ऑफलाइन होती है, कोई हैक कैसे कर लेगा वेबसाइट!
UPSC में जाने वाले भारत के टॉप ब्रेन नहीं होते, वो घूसखोरी के सबसे बड़े प्रतिमान होते हैं। उनमें से कुछ अपवाद हैं जो देश को किसी तरह चला रहे हैं, इसलिए उन्हें जो भी उदाहरण बना रहा है, उसे ना देश की समझ है, ना प्रतिभा की।
कोचिंग माफिया एक माफिया है, जो बच्चों की असफलता पर थ्राइव करते हैं। असफलता का भार कभी कोचिंग पर नहीं होता, वह सदैव ही तंत्र पर होता है। मैंने दिव्यकीर्ति की बकवास भी सुनी हुई है और मुखर्जीनगर में 16 वर्ष रह कर यह जानता हूँ कि कोचिंग वालों को स्वयं ना भाषा का ज्ञान है, ना विषय का। तंत्र भी बेकार है, पर तुम दूध के धुले नहीं हो।
परंतु हाँ, इसमें भी कई अपवाद होंगे जैसे कि मीडिया में भी कई अपवाद हैं जो अच्छे हैं। पर हाँ, यदि मीडिया बिकी हुई है (जो कि वास्तव में है), तब भी बच्चों के नाम पर नैतिकता की बात करने वाले ये अधिकांश यूट्यूब टीचर स्वयं अनैतिक हैं।
@atsshow7 जो लोग दिन रात ZEN Z व जनता को सड़क पर आकर सरकार का तख्तापलट और अराजकता के लिए उकसाने का काम करते हैं, आज जनता ने इनकी विचारधारा वालों के साथ वही कर दिया तो रवीश रोना चालू हो गया .. 4 मई 2026 से पहले की टीएमसी के अत्याचार पर बोलने से इनकी फटती है...
@rajasthanroyals Top 3 के बाद गुड़ का गोबर कैसे किया जाए यह बाकी खिलाडियों का देख लो बैटिंग में, *कप्तान *अगले सीजन में कोई स्वभाव से लीडर हो वैसे को बनाना,, फ़ालतू की नौटंकी करनेवाले को नहीं,
Sorry @imjadeja ( 3 /0/8/2) आप एक आत्ममुग्ध बोने की कप्तानी में खेल रहे हो, जिसकी क्रिकेट समझ बहुत घमंड भरी है, @rajasthanroyals आपका यह कप्तान पूरी टीम को ले डूबेगा.. #IPL
ब्राह्मणों का पढ़ाई-लिखाई पर सौ प्रतिशत आरक्षण था?
कुछ लोगों का कहना है भारत में सारी पढ़ाई-लिखाई पर ब्राह्मणों का सौ प्रतिशत आरक्षण था। क्या यह सच है? आइए जानते हैं।
@ComradeMalal *राजस्थान* ,कभी घूमें हो,, 😡या एक यूँ ही दिमाग में छवि लिए घूम रहे हो.. रेगिस्तान की... 🤔 बिहारी लड़के ने बड़े दिग्गजों के बीच अपनी कमाल की प्रतिभा 💪 को दिखाया है , शाबाश सूर्यवंशी...