मुद्दा SC/ST या जनरल कैटेगरी का नहीं है। मुद्दा यह है कि जब किसी कानून में अत्यधिक व्यापक शक्तियाँ प्रदान की जाती हैं, तो उनके दुरुपयोग की संभावना भी बनी रहती है। इसलिए हमारा केवल इतना कहना है कि ऐसे प्रावधानों के प्रयोग और उनके संभावित दुरुपयोग की निष्पक्ष जाँच एवं समीक्षा की जानी चाहिए।
Full Video Link = https://t.co/XkptcOkfM5…
विकाश हो रहा है या विनाश?
वैज्ञानिकों ने अग्नि-ब्रह्मोस बना दिया
चंद्रयान-मंगलयान-आदित्ययान बना दिया
लेकिन
घटिया नियम-कानून-सिस्टम नहीं बदला।
@narendramodi@AmitShah
4 केस SC-ST एक्ट के लगे, खेत-ट्रैक्टर सब बिका... अब माँग कर पहनते हैं कपड़े
कहा- मेरे बेटों की गलती है तो फाँसी दिलवा दो, वरना न्याय कर दो
अलीगढ़ के परिवार ने क्या सच्चाई बयाँ की, जानिए @Keshavmalan93 की ग्राउंड रिपोर्ट में
यह वीडियो पूरी दुनिया को देखना चाहिए,
कि भारत में एक ऐसा SC/ST एक्ट कानून है।
जिसमें झूठा केस दर्ज होने पर भी सरकार लाखों रुपये का मुआवजा देती है और आरोपी को जमानत भी नहीं।
बिहार राज्य सवर्ण आयोग द्वारा सवर्ण समाज से जुड़े मामलों की सुनवाई और शिकायतों के समाधान के लिए सभी 38 जिलों में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति का निर्णय स्वागत योग्य है।
विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर सवर्ण वर्ग की समस्याओं का स्थानीय स्तर पर समाधान होने से उन्हें बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही, कानून का दुरुपयोग न हो और किसी भी वर्ग के साथ अन्याय न हो, यह व्यवस्था समाज के सभी वर्गों के लिए न्याय, सुरक्षा और विश्वास को मजबूत करेगी।
माननीय प्रधानमंत्री जी,
फर्जी केस और तारीख पर तारीख के कारण प्रतिवर्ष 02 लाख अकाल मौत होती है।
झूठी शिकायत, झूठी FIR, झूठी जांच, झूठी गवाही और झूठा हलफनामा को गंभीर अपराध घोषित करने तथा 10 वर्ष की सजा और 10 लाख जुर्माना के लिए कानून कब बनेगा?
@narendramodi@AmitShah
Ye Attitude achha laga silent killer
कॉकरोचों को पानी पिलाने वाला शानदार ऑफिसर
इस बंदे ने तिलचट्टों की हंसते हुए फिल्डिंग सेट की
इस पुलिस भाई को सैल्यूट तो बनता है बॉस 🫡
एक अकेली महिला ने अपने फैक्ट और रिसर्च से IT सेल के छर्रे, आरक्षणजीवी, वामपंथी सबके नाक में दम कर रखा है।
हम सभी सवर्ण समाज के लोगों को गर्व है अपने हीरे पर।
@neha_laldas
Dr. @neha_laldas
I don’t know Dr. Neha personally, but I genuinely respect the courage with which she has consistently raised her voice on issues affecting General Category students.
The 91% reservation issue in four UP government medical colleges is a perfect example.
She highlighted the matter, took it to the courts and continued fighting when most of us~including many from the medical fraternity~weren’t even aware that the reservation structure had reached such an extreme level.
The Allahabad High Court has now stayed the implementation of the nearly 91% reservation arrangement.
Regardless of what anyone’s views on reservation may be, standing up for what you believe is right and taking the legal route to challenge it deserves respect.
Thank you, Dr. Neha, for speaking up when many chose to remain silent.
And to those who attack, label or question her intentions~before passing judgment, perhaps look in the mirror and ask:
what have you personally done for the issues of general category you claim to care about?
Respect. Salute to your courage. 🇮🇳
भीड़ देखिए भीड़ ….रविंद्र सिंह भाटी निर्दलीय विधायक हैं, लेकिन जिस मुद्दे को उठाते हैं वो सिर्फ प्रदेश नहीं देशव्यापी बन जाता है :-
रविंद्र भाटी EWS सरलीकरण का मुद्दा उठा रहे हैं। पूरे राज्य में अपार जनसमर्थन मिल रहा है।
कल रात बीकानेर का दृश्य देखिए। देर रात तक भारी भीड़ जमा रही जब तक कि रविंद्र भाटी चले नहीं गए।
This video is a 20-year-old Hindu girl in Bangladesh crying for help as she is forced to marry a 65 year old Muslim man. This is what they're doing to all the Hindus in Bangladesh; killing them or forcing them into marriage. They are forcing Hindu girls to convert. Hindus are disappearing. Very sad.
सवर्ण समाज के नेताओं और राजनीतिक पार्टियों के बढ़ावा मजदूरों, समाज को धोखा देने वालों—आंखें फाड़-फाड़कर देख लो!
रविंद्र सिंह भाटी निर्दलीय विधायक हैं, इसलिए खुलकर बोल पा रहे हैं। बंधुआ मजदूर नहीं हैं, इसलिए समाज के मुद्दे पर लड़ पा रहे हैं।
देख लो, किस तरह EWS वर्ग को उनका हक और अधिकार दिलाने के लिए सड़क पर उतरकर संघर्ष कर रहे हैं और उन्हें कितना जनसमर्थन मिल रहा है।
भीड़ देखकर अब तो आपकी आंखें खुल जानी चाहिए!