चुनाव सारे तो CEC दोषी।जिसे जनता चुन रही वो वोट चोर,,विपक्ष दूध का धुला ईमानदार देशभक्त। नकारा निकम्मा विपक्ष हारता ही रहेगा सालों को शर्म नहीं आती गठबंधन के बाद भी हार रहे।
राहुल गांधी को ईमानदारी और देशभक्ति से बहुतचिढ़ है,एंटीइनकंबेंसी को अपने स्वार्थी नजरिए से अर्थ बता रहे कि 15साल में मोदी पर असर क्यों नहींमूर्ख, कांग्रेस की सरकार भी 15-15साल चली पर जनता ने ऊब कर एसा लतयाया। एंटीइनकंबेंसी तब होती है जब जनता सरकार से खुश होती है नाखुशी पर ही असर
ये ठगी के शिकार नौकरीपेशा रिटायर लोग हैं जो अनुभवी होकर फोन जो कहता है करते चले जाते हैं।ये मंदबुद्धि बेवकूफ हैं जो शिकारी के मैसमेरिज्म में फंसकर लुटते हैं एकाउंट के पेमेंट की सीमा 10000/रखें बैंक जाकर तो कुछ बचत होगी,बैंक से तरीके समझें सावधान रहें
व्यापारियों को सुविधा फायदा सब चाहिए,कोई घाटे में नहीं रहता।चंद वर्षों में आलीशान मकान और गाड़ियों बैंक बैलेंस के मालिक हो जाते,घाटे में होता है खरीदार और देश।व्यापारी ग्राहक को हर तरह से लूटता है।नकली माल,कम तौल,टैक्स चोरीधोखा।अब यूपीआई सुविधा के बदले बैंक कुछ ले तो हायतोबा
भारत में फर्जी काम करने में महारत है क्योंकि फर्जी काम पकड़ने में बड़ी मेहनत है सजा कम है इसलिए SIRके काम में कोई लूपहोल नहीं छोड़ाअब विपक्ष तिलमिलाया है कि फर्जी वोटपर तो SIR ने छन्नी लगादी,फर्जी वोट मिलने की गुंजाइश नहीं होगी।विपक्ष अपने कर्मों, घूसखोरी से बुरी तरह बदनाम है
गुटखा अस्वस्थ्य पेय खाद्य पदार्थ के विज्ञापन में हीरो अभिनेताओं को बहुत फायदा है जो जनता को उपयोग करने प्रेरित करते हैं।इनकी कोई जिम्मेदारी समाज जनता के प्रति नहीं होती,इन्हें जनता ने ही लोकप्रिय बनाया,असल में जनता ही जनता के दुःखों पर संवेदनशील नहीं।व्यक्तिगत स्वार्थ के आगेसबफेल
चोर जब खुद चोर चोर का शोर ज्यादा मचाए ध्यान भटकाने के लिए तो वहीं चोर होते हैं।जो मर गए,चलेगए बाहरी घुसपैठी आकर फर्जी दस्तावेज बनाकर वोटरलिस्ट में घुस गए तो ईसी शुद्धीकरण करने लगा तो ईसी और सरकार वोट चोर,खुद वोट चोरी कर ममता अखलेश तेजू यादव सत्ता में बने रहें तब चोरी नहीं थी।
मुंबई IITमे एक sc-छात्र ने प्रोफेसर द्वारा नकल पकड़ने पर सुसाइड कर लिया इस घटना पर प्रोफेसर डुल्लू के खिलाफ आत्महत्या को उकसानेकेसाथ sc/st का मामला दर्ज किया सभी 10-12 IIT में छात्र आत्महत्या कर रहे जिनमें,50%आरक्षण वाले हैं तो जनरलवाले केस में क्यों नहीं केस बने। एकतरफा न्याय
क्या जनता अखबार नहीं पड़ती?डेली ,5-7 घटनाएं छप रहीं मोबाइल हैक कर लाखों की चोरी हो रही।मोबाइल का गलत उपयोग और लालच में फंसे रहे लाखों की रकम गंवा रहे।साले 4/रु की मंहगाई को रोएंगे और लाखों चोरी करवा रहे।लालची, लापरवाह कहीं के!!
राहुल गांधी तो तूतिया है ही उसके साथ ये लफ़ड़ा कामेडियन जो बिना मां के पैदा हुआ शायद ने किस तरह मां का अपमान किया।।ये है छात्रों की गूंज कार्यक्रम इंदौर का। इसमें जो भीड़ है कितने छात्र और गैर छात्र है अंदाज लगाइये। शर्मनाक।
इनका ऐसा कोई हीरो जैसा लुक नहीं पर वालीवुड के बड़े स्टारडम बने हैं इससे अच्छे जितेन्द्र राजेशखन्ना,राजेन्द्र कुमार शशि कपूर शम्मीकपूर जैसे अनेक आकर्षक चेहरे रहे।अभीभी रणवीर कपूर,जैसेखूबसूरत चेहरे हैं,इन दो लल्लू शाहरुख सलमान और वो टिंगू आमिर जैसे बंदरों को माफिया और झूठ ने बनाया
हम निकम्मे और हमारा तंत्र निकम्मा है योग्य और कुशल लोगों की जगह ऐसे जेहादी मानसिकता वालों को UPSC ने कैसे चुन लिया इतने जिम्मेदार पद पर चयन करने में भयानक चूक है।शपथ ग्रहण में क्या शपथ ली थी।देश का अपमान का चार्ज लगाकर बर्खास्त करो इसे वर्ना आगे यह देश और हिन्दू के खिलाफ काम करेग
आनलाइन ठगी का शिकार लालची, लापरवाह और जल्दबाजी के कारण हैं मोबाइल यूजर्स को मोबाइल फोन का लिमिटेडआवश्यकता अनुसार करना चाहिए।गैरजरूरी मैसेज और लिंक भेजी जाती है न खोलें और न ऐप डाउनलोड करें।मोबाइल फोन का यूज सावधानी बरतें।हर ऐप कैमरा फोन की परमीशन पूछता है वह न दें यआनली दिस टाइम
देख तमाशा दिल्ली का।जहां पढ़ा-लिखा और स्टंटबाजी वाहन को रोडपर नियम ताक पर रख कर चला रहे।जनता टैक्स देती वोट देकर सांसद विधायक मंत्री बनाती और बदले में दुख भोगती अबला नारी तेरी यही कहानी।
जनता ने इस राक्षसी के तेवर ताजिया तीखापन सब ठंडा कर दिया घमंड और अराजकता किसी की नहींचली।रावण हो कंस हो या दुर्योधन।इस युग में भी हिटलर या नेपोलियन सब इसी दुर्गण के कारण खत्म हुए।ममता तेरी औकात ही क्या।प्रतापी अर्जुन के गांडीव जिसकी एक टंकार से दुश्मन सेनाएं खत्म हो जाती थीनिर्बल
शादी न करना!!समाज नाम की चीज नहीं रही। संविधान ने सब मिटा दिया फिर भी अपने मतलब के लिए नेता जात-पात की राजनीति कर रहे।इनको जाति गणना चाहिए।जब न समाज है न जिम्मेदारी तो जातीय आरक्षण क्यों बनाया संविधान ने,चलने देना था जैसा चल रहा।अब बदला है पर जातीय हानि लाभ क्यों बना दिया,
एक बात सुनो,एक बात सुनो!!लड़के भयभीत हैं शादियों में फंसने से।अब तो बीमा कंपनियां भी शादीशुदा का बीमा नहीं करेंगे,बैंक में पत्नियों को नामिनी न बनाएं,बहुत सावधानी बरतना बच्चू!मर जाना पर शादी न करना।अब तो मां-बाप भी लड़कों पर शादी का दबाव न डालें।बांयफ्रेंड वाली बहू कब बली चढ़ा दे
कैसा है ये देश और देशवासी,अधिकांश लड़की को कन्या और देवी का रूप देकर सम्मान करते हैं और कुछ दरिंदे नाबालिग कन्या से सामूहिक बलात्कार करते हैं,दरिंदे वे भी है जो इनको कम सजा या बरी कर देते हैं