श्री गुरु पद हिय राम सिय, महाबली हनुमान।
दो सद्बुद्धि विवेक बल, भक्ति ज्ञान उत्थान।।
ॐ हं हनुमते नमः
🙏
जय श्री राम
जय हनुमान
#सनातन_धर्म_सर्वश्रेष्ठ_है🚩
"सब सुख लहे तुम्हारी सरना । तुम रक्षक काहु को डरना ।"
नोएडा सेक्टर-137 पारस टिएरा में लिफ्ट में महिला की मौत मामले में बिल्डर के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस ने लाठियां बरसाईं। लोगों ने पुलिस के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की।
एक सवाल किसके आदेश पे हुआ लाठीचार्ज निर्दोषो पे @dmgbnagar ?
@myogiadityanath@Uppolice@noidapolice
@myogioffice@CeoNoida@dpradhanbjp महोदय आपको सूचित करना चाहता हूँ Sommerville School sectr 132 में बच्चों की diary में हिंदी प्रार्थना और इंग्लिश prayer में ameen शब्द का इस्तेमाल कर बच्चों को भटकाने का कार्य किया जा रहा कृपया इसपे कार्यवायी कर इनको हटाया जाए किताब से ।
ऊँ गं गणपतये नमो नमः
🙏‼🐀ॐ जय श्री गणेशाय नमः🐀‼🙏
वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा ॥
शेंदुर लाल चढ़ायो अच्छा गजमुखको ।
दोंदिल लाल बिराजे सुत गौरिहरको ।
हाथ लिए गुडलद्दु सांई सुरवरको ।
महिमा कहे न जाय लागत हूं पादको ॥
जय देव जय देव..
भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र प्रथम पूज्य भगवान गणेश को संकटहर्ता माना जाता है। हर शुभ कार्य करने से पहले इनकी पूजा और वंदना की जाती है। वह अमंगल को मंगल कर देते हैं और जीवन को सुखमय बना देते हैं। अपने भक्तों पर वह बहुत जल्द प्रसन्न हो जाते हैं और सच्चे मन से मांगी गई हर प्रार्थना को पूरा करते हैं।
प्रथम पूजनीय भगवान श्री गणेश जी की आशीर्वाद से आप सबका दिन शुभ और मंगलमय हो 🙏
🥀!!जय श्री गणेश!!🥀
रामायण पवित्र ग्रंथ है एवं श्री राम की भक्ति प्राप्त करने वाली कथा जितनी आदर्श है उसके पात्र उतने ही प्रेरणादायी।
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क्या आप रामायण के सभी पात्रों को जानते हैं, नहीं, तो यह जानकारी आपके लिए है।
परिचय ...
दशरथ – रघुवंशी राजा इन्द्र के मित्र कौशल के राजा तथा राजधानी एवं निवास अयोध्या
कौशल्या – दशरथ की बड़ी रानी, राम की माता
सुमित्रा - दशरथ की मंझली रानी, लक्ष्मण तथा शत्रुघ्न की माता
कैकयी - दशरथ की छोटी रानी, भरत की माता
सीता – जनकपुत्री,राम की पत्नी
उर्मिला – जनकपुत्री, लक्ष्मण की पत्नी
मांडवी – जनक के भाई कुशध्वज की पुत्री,भरत की पत्नी
श्रुतकीर्ति - जनक के भाई कुशध्वज की पुत्री,शत्रुघ्न की पत्नी
राम – दशरथ तथा कौशल्या के पुत्र, सीता के पति
लक्ष्मण - दशरथ तथा सुमित्रा के पुत्र,उर्मिला के पति
भरत – दशरथ तथा कैकयी के पुत्र,मांडवी के पति
शत्रुघ्न - दशरथ तथा सुमित्रा के पुत्रश्रुतकीर्ति के पति,मथुरा के राजा लवणासूर के संहारक
बाली – किष्किन्धा (पंपापुर) का राजा,रावण का मित्र तथा साढ़ू,साठ हजार हाथियों का बल
सुग्रीव – बाली का छोटा भाई,जिनकी हनुमान जी ने मित्रता करवाई
तारा – बाली की पत्नी,अंगद की माता, पंचकन्याओं में स्थान
रुमा – सुग्रीव की पत्नी,सुषेण वैद्य की बेटी
अंगद – बाली तथा तारा का पुत्र ।
रावण – ऋषि पुलस्त्य का पौत्र, विश्रवा तथा पुष्पोत्कटा का पुत्र
कुंभकर्ण – रावण तथा कुंभिनसी का भाई, विश्रवा तथा पुष्पोत्कटा का पुत्र
कुंभिनसी – रावण तथा कुुंंभकर्ण की भगिनी,विश्रवा तथा पुष्पोत्कटा की पुत्री
विश्रवा - ऋषि पुलस्त्य का पुत्र, पुष्पोत्कटा-राका-मालिनी का पति
विभीषण – विश्रवा तथा राका का पुत्र,राम का भक्त
पुष्पोत्कटा – विश्रवा की पत्नी,रावण, कुंभकर्ण तथा कुंभिनसी की माता
राका – विश्रवा की पत्नी,विभीषण की माता
मालिनी - विश्रवा की तीसरी पत्नी,खर-दूषण,त्रिसरा तथा शूर्पणखा की माता ।
त्रिसरा – विश्रवा तथा मालिनी का पुत्र,खर-दूषण का भाई एवं सेनापति
शूर्पणखा - विश्रवा तथा मालिनी की पुत्री, खर-दूषण एवं त्रिसरा की भगिनी,विंध्य क्षेत्र में निवास ।
मंदोदरी – रावण की पत्नी,तारा की भगिनी, पंचकन्याओं में स्थान
मेघनाद – रावण का पुत्र इंद्रजीत,लक्ष्मण द्वारा वध
दधिमुख – सुग्रीव का मामा
ताड़का – राक्षसी,मिथिला के वनों में निवास,राम द्वारा वध।
मारिची – ताड़का का पुत्र,राम द्वारा वध (स्वर्ण मृग के रूप में)।
सुबाहू – मारिची का साथी राक्षस,राम द्वारा वध।
सुरसा – सर्पों की माता।
त्रिजटा – अशोक वाटिका निवासिनी राक्षसी, रामभक्त,सीता से अनुराग।
प्रहस्त – रावण का सेनापति,राम-रावण युद्ध में मृत्यु।
विराध – दंडक वन में निवास,राम लक्ष्मण द्वारा मिलकर वध।
शंभासुर – राक्षस, इन्द्र द्वारा वध, इसी से युद्ध करते समय कैकेई ने दशरथ को बचाया था तथा दशरथ ने वरदान देने को कहा।
सिंहिका(लंकिनी) – लंका के निकट रहने वाली राक्षसी,छाया को पकड़कर खाती थी।
कबंद – दण्डक वन का दैत्य,इन्द्र के प्रहार से इसका सर धड़ में घुस गया,बाहें बहुत लम्बी थी,राम-लक्ष्मण को पकड़ा राम-लक्ष्मण ने गड्ढा खोद कर उसमें गाड़ दिया।
जामवंत – रीछ,रीछ सेना के सेनापति।
नल – सुग्रीव की सेना का वानरवीर।
नील – सुग्रीव का सेनापति जिसके स्पर्श से पत्थर पानी पर तैरते थे,सेतुबंध की रचना की थी।
नल और नील – सुग्रीव सेना मे इंजीनियर व राम सेतु निर्माण में महान योगदान। (विश्व के प्रथम इंटरनेशनल हाईवे “रामसेतु”के आर्किटेक्ट इंजीनियर)
शबरी – अस्पृश्य जाति की रामभक्त, मतंग ऋषि के आश्रम में राम-लक्ष्मण-सीता का आतिथ्य सत्कार।
संपाती – जटायु का बड़ा भाई,वानरों को सीता का पता बताया।
जटायु – रामभक्त पक्षी,रावण द्वारा वध, राम द्वारा अंतिम संस्कार।
गुह – श्रंगवेरपुर के निषादों का राजा, राम का स्वागत किया था।
हनुमान – पवन के पुत्र,राम भक्त,सुग्रीव के मित्र।
सुषेण वैद्य – सुग्रीव के ससुर ।
केवट – नाविक,राम-लक्ष्मण-सीता को गंगा पार कराई।
शुक्र-सारण – रावण के मंत्री जो बंदर बनकर राम की सेना का भेद जानने गए।
अगस्त्य – पहले आर्य ऋषि जिन्होंने विन्ध्याचल पर्वत पार किया था तथा दक्षिण भारत गए।
गौतम – तपस्वी ऋषि,अहिल्या के पति,आश्रम मिथिला के निकट।
अहिल्या - गौतम ऋषि की पत्नी,इन्द्र द्वारा छलित तथा पति द्वारा शापित,राम ने शाप मुक्त किया,पंचकन्याओं में स्थान।
ऋण्यश्रंग – ऋषि जिन्होंने दशरथ से पुत्र प्राप्ति के लिए यज्ञ कराया था।
सुतीक्ष्ण – अगस्त्य ऋषि के शिष्य,एक ऋषि।
मतंग – ऋषि,पंपासुर के निकट आश्रम, यहीं शबरी भी रहती थी।
वशिष्ठ – अयोध्या के सूर्यवंशी राजाओं के गुरु।