🚨 देहरादून पेट्रोलियम यूनिवर्सिटी का ये वीडियो देखकर खून खौल जाता है।
लड़का बार-बार कह रहा है — “मेरा एकादशी का व्रत है, मम्मी ने रखवाया है।”
फिर भी रैगिंग के नाम पर उसे पीटा जा रहा है, गालियां दी जा रही हैं।
माता-पिता अपने बच्चों को पढ़ने भेजते हैं, इस तरह अपमानित और पीटे जाने के लिए नहीं।
रैगिंग कोई मस्ती नहीं, गुंडागर्दी है। ऐसे छात्रों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। यूनिवर्सिटी और पुलिस दोनों को जवाबदेह होना चाहिए।
इतनी पुलिस तो साला कॉकरोच जिस दिन पुलिस वालों की लिंचिंग का प्रयास कर रहे थे, तब भी नहीं उतारी थी! पर अच्छा लगा कि मोदी जी सवर्णों की सुरक्षा का इतना ध्यान रखते हैं।
दिल्ली जंतर-मंतर पर होने वाले आरक्षण सुधार आंदोलन पर हर्ष दुबे को सुनिए। हर्ष दुबे का कहना है कि दिल्ली पुलिस हमें परमिशन दें, हम शांतिपूर्ण आंदोलन करेंगे।
जेवर में एक नाबालिग ब्राह्मण बच्चे के साथ दरिंदगी, तेजाब से हमला और फिर हत्या।
हर घटना में जाति देखकर राजनीति करने वाले नेता और मीडिया आज मौन हैं। शायद क्योंकि यहाँ उन्हें वोट बैंक नहीं दिख रहा।
यूपी सहारनपुर में एक पुजारी के साथ भीम आर्मी के लोगों ने पहले मारपीट की फिर पुजारी पर ही SC/ST एक्ट और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज करवा दिया।
इसके बाद गुर्जर,राजपूत ब्राह्मण समाज के लोग मिलकर एसएसपी ऑफिस का घेराव कर दिया। हनुमान चालीसा का पाठ किया। स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर की संपत्ति हड़पने की साजिश है इसलिए भीम आर्मी ने पुजारी पर झूठा केस दर्ज कराया। लोगों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की हैं
अगर -40 लेकर डॉक्टर बने हैं, तो उसमें इतना कुंठित होने की आवश्यकता नहीं है। अगर अंग्रेज़ी अच्छे से नहीं बोल सकते, तो हिंदी बोलिए।
-40 वाले की नौकरी सरकारी अस्पताल में ही लगती है, क्योंकि वहां भी सीटें आरक्षित होती हैं.. और उत्तर भारत के सरकारी अस्पतालों में अंग्रेज़ी बोलने की कोई आवश्यकता ही नहीं है, तो फिर किसी को प्रभावित करने की ज़रूरत क्यों?
गांव में ऐसे एक नहीं लाखों ब्राह्मणों के घर मिल जाएंगे,, और जब यह लोग प्रधानमंत्री आवास के लिए आवेदन करते हैं, मोइन होता है घर का पास कर दिए जाते हैं उसके बाद भी, इन्हें आवास उपलब्ध नहीं होते हैं,, और इन्हीं गांवों में कोई दलित समुदाय का व्यक्ति आवास के लिए आवेदन करता है उसे तुरंत घर मिल जाते हैं
इनकी गलती इतनी है कि इनके पुर्वजों ने इस देश के लिए सब कुछ बलिदान कर दिया..
आज सबसे ज्यादा गरीबी रेखा से नीचे हम है,,
सबसे ज्यादा ब्राह्मणों के पास रहने को घर नहीं है,, और प्रधानमंत्री आवास के लिए यदि हम अप्लाई करें, तो हमें घर नहीं मिलता क्योंकि हम ब्राह्मण हैं
> GC: 0.31%
> SC: 0.26%
> ST 0.28%
> OBC 0.33%
> BC 0.16%.
हो सकता है इस नेशनल हाईवे की फंडिंग पाकिस्तान ने करी हो,, या ऐसा भी हो सकता है इस हाइवे पर सिर्फ उर्दू समझने वाले लोगों को ही चलने की इजाजत है,,
क्योंकि नितिन गडकरी जी से सवाल करने की हमारी हैसियत नहीं
Cc. @nitin_gadkari@NHAI_Official
आनंद रंगनाथन और विष्णु शंकर जैन के बीच हुई जोरदार डिबेट..
आनंद रंगनाथन ने मोदी सरकार कि इकोनामिक पॉलिसी को काम्युनिस्ट से भी बत्तर कहा,
विष्णु शंकर जैन धूम फिर कर वही हिंदुत्व का चूरन बाटने लगते है, और विकल्प क्या है जैसी बाते करते है
ये भले ही अभी तक विकल्प न ढूंढ पाये हो पर सवर्णो ने विकल्प ढूंढ लिया है,बीजेपी का बहिष्कार ही एक मात्र विकल्प है..
यूपी के हाथरस में पंकज धवरैया बीते 15 दिनों से UGC के काले कानून और SC–ST एक्ट के दुरुपयोग के विरोध में अन्न जल त्याग कर अपने घर के बाहर धरने पर बैठे है।
राष्ट्रीय स्वर्ण परिषद के अध्यक्ष पंकज धवरैया की स्वास्थ्य स्थिति अब मरणासन्न हो चुकी है। यह चिंताजनक है।
मोदी जी, ये है आपकी कमाई। अभी तक ऐसे वीडियो दिखा कर, आइटी सेल (और अनभिज्ञता में मैं भी) यही कहते थे कि @BJP4India जरूरी है। पर अब हमें दिख रहा है कि आपकी सरकार, पुलिस की चुप्पी चाहती है कि यह घृणा फैले। अंतर यह है कि आपका यह जातिवादी गेम समझ में आ चुका है।
ये वही वंचित, शोषित, पिछड़े लोग हैं जिनके उत्थान के लिए मोदी जी और भागवत जी मरे जा रहे हैं ...
इन नीले कबूतरों की भाषा सुनो और बताओ मित्रो ये शोषित हैं या सवर्ण शोषित हैं ??
“पापा बीमार है, इसलिये काम करता हूँ”
“कभी कभी मामा और नानी हेल्प कर देती है”
ब्राह्मण बच्चा मेहनत करके ख़ुद घर चला रहा है, लेकिन सरकार की नज़र में सारे ब्राह्मण अम्बानी अड़ानी है। 🤦🏻♂️