जाबाज भारतीय सेना ने "ऑपरेशन सिंदूर" के तहत दुश्मन देश पाकिस्तान के धरती पे घुसकर 9 आतंकी ठिकानों पे ज़ोरदार एयर स्ट्राइक करके ध्वस्त किया गया
जय हिंद, जय भारत , जय भारतीय सेना
Update: #stampede at platform no. 14 and near escalator near platform no. 16 in New Delhi railway station. Reportedly 15 persons brought dead in LNJP hospital (11 ladies, two gents and two kids) and one in LHMC: sources. #Mahakumbh#railwaystation
‘144 साल में एक बार महाकुंभ, ये सिर्फ प्रचार है, हर 12 साल पर कुंभ होता है’
महाराज जी की सुनें. खूब मौके आएंगे. जान जोखिम में ना डालें. ना अपनी और ना अपने परिवार की. उचित प्रबंध हों तो ही जाएं प्रयाग🙏🏼
महादेव रक्षा करें सबकी🙏🏼
मिल्कीपुर उपचुनाव में राय पट्टी अमानीगंज में फ़र्ज़ी वोट डालने की बात अपने मुँह से कहनेवाले ने साफ़ कर दिया है कि भाजपा सरकार में अधिकारी किस तरह से धांधली में लिप्त है। निर्वाचन आयोग को और कोई सबूत चाहिए क्या?
@ECISVEEP@Uppolice
हम उप्र की दयालु जनता व स्वयंसेवी संस्थाओं से आग्रह करते हैं कि वो अपने गाँव-बस्ती-शहर में जाम में फँसे श्रद्धालुओं के लिए भोजन-पानी की व्यवस्था करें। सरकार को इस तरह के बड़े प्रबंधन के लिए स्वयं तैयार रहना चाहिए था लेकिन न तो सरकार अब ऐसा कर सकती है और न ही उनकी तरफ़ से ऐसा करने की कोई संभावना दिख रही है। ऐसे गंभीर हालातों में श्रद्धालुओं की सेवा करना भी महाकुंभ के पुण्य से कम नहीं है।
हम सब���ो अपनी-अपनी सामर्थ्य और क्षमता के अनुरूप आगे आ��र जन-सेवा के इस महायज्ञ मे शांतिपूर्वक अनाम सहयोग करना चाहिए।
मनमोहन सिंह जी ने कहा था “मैं ईमानदारी से विश्वास रखता हूँ, इतिहास मेरे प्रति दयालु होगा।”
जब पूरा विश्व इकोनॉमिक रिसेशन की मार झेल रहा था, देश को बचाने के लिए शुक्रिया।
आपकी नम्रता, विद्वता, शालीनता को नमन।
प्रकृति आपको अपनी शरण में जगह दे।
अंतिम सलाम आपको
86 में 56 यादव SDM वाली लिस्ट आज तक नहीं मिली।
लेकिन 301 में 64 ब्राह्मण और 40 ठाकुर अर्थात कुल 104 सवर्ण SDM का आंकड़ा
@BasavanIndia पत्रिका ने दिया है।
बतौर अध्यक्ष डॉ. अनिल यादव लोक सेवा आयोग में त्रिस्तरीय आरक्षण लागू कर दिए थे। इसी वजह से वे ब्राह्मणों की आँख की किरकिरी बन गए थे।
2016 से 2020 तक की भर्तियों में जो 301 SDM में से 104 SDM सवर्ण बने हैं, जिसका साक्षात्कार भाजपा के शासनकाल में हुआ और अंतिम परिणाम आया है, उसमें त्रिस्तरीय आरक्षण लागू होने से सवर्णों की 104 संख्या स्वतः घटकर 60 से 80 के बीच रह जाती और कम से कम 30-40 ओबीसी और SC कैटेगरी में आवेदन करने वाले मेरिटोरियस अभ्यर्थी यहाँ UR में चयनित होते।
यही था त्रिस्तरीय आरक्षण फार्मूला।
और जो 30-40 आरक्षित कैटेगरी के अभ्यर्थी SDM बनने से वंचित हो गए, वे भी इस पद पर आज चयनित होते। लेकिन उनक��� दुर्भाग्य यह है कि आरक्षण को न तो सही से लागू किया गया है और न ही उसका सही से पालन किया जा रहा है।
बाकी इस 30-40 मेरिटोरियस अभ्यर्थियों में किसी भी जाति के अभ्यर्थी शामिल हो सकते थे। लेकिन ब्राह्मण पत्रकारों ने प्रचार किया कि इसका फायदा केवल यादव लेंगे।
बाकी दूसरी पिछड़ी जातियों के लोग उनके बहकावे में आ भी गए। यह ब्राह्मण संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा की जीत थी, जिसकी मलाई आज केवल सवर्ण और उनमें भी ब्राह्मण अधिक खा रहे हैं।
@samajwadiparty
अंबेडकर का सम्मान, पीडीए का स्वाभिमान … इस परिचर्चा में आप सब ज़रूर शामिल हों. ट्विटर के साथियों से अनुरोध है कि आज रात नौ बजे आप सब ज़रूर जुड़े.
@DrLaxman_Yadav
Sudhanshu Trivedi : फूलन देवी डकैत थी. डाकू थी, उसके 20 लोगों की हत्या की.
Rajkumar Bhati : फूलन देवी क्रांतिकारी थीं. उनका शोषण हुआ, और उन्होंने अपने शोषण का बदला लिया.
Sudhanshu Trivedi : मुलायाम सिंह यादव ने ��पराधी फूलन देवी की सज़ा माफ की, सारे केस वापस लिए और सांसद बनाया.
Rajkumar Bhati : उत्तरप्रदेश एक नेता मुख्यमंत्री बनने के बाद अपने खुद के 10 क्रिमिनल केस को वापस लेता है और कहता है मैंने दूध से नहा लिया. ये तो दोगलापन है.
4 छात्र जो कि हॉस्टल में रहते थे -
एक ब्राह्मण
दूसरा क्षत्रिय
तीसरा वैश्य
चौथा बहुजन
1 दिन छात्रों की इच्छा हुई कि - खीर बनायी जाए
सभी ने मिलकर जरूरी सामान का इंतजाम किया
दूध ,चीनी ,चावल और खीर बनाई गई,
इंसाफ का तकाजा यह था कि ���ारों में खीर
बराबर - बराबर बांट दी जाती,
परंतु
ब्राह्मण छात्र ने कहा कि - खीर बराबर - बराबर नहीं मिलेगी ,
रात को सब सो जाओ ,जो सबसे अच्छा सपना देखेगा ,खीर वही खाएगा
रात में सब सो गए ,
सुबह ब्राह्मण छात्र बोला - मेरे सपने में ब्रम्हा जी आए बोले तू खीर खा ले ,
क्षत्रिय बोला - मेरे सपने में राम सीता और लक्ष्मण आए बोले तू सबसे अच्छा है , खीर तू खा ले
वैश्य छात्र बोला - मेरे सपने में राम , सीता , लक्ष्मण के साथ हनुमान भी आए थे , गदा लेकर बोले खीर खा ले।
अब सभी साथी बहुजन से पूछने लगे , बता तू ने क्या सपना देखा ??
बताता क्यों नहीं??
बता क्या देखा???
तब उसने कहा मेरे सपने में बाबा साहब अम्बेडकर रात 2:00 बजे आए और कहने लगे -
"सदियों से सोता आ रहा
है गधे ,अब कितना सोएगा,
जा...खीर खा ले "
तो मैंने रात के 2:00 बजे ही खीर खा ली।
Moral:
साथियों इस कहानी ���े बस एक बात बताना चाहता हूँ - जो बाबा साहब को पढ़ेगा उसका कभी शोषण नहीं हो सकता।।।।
जय भीम
#DNA पर आए दिन बीजेपी आरएसएस के लोग चर्चा करते रहते है,जो सवाल आज मैंने पूछे है शायद अब बीजेपी के लोग DNA पर सवाल पूछने से पहले सौ बार सोचेंगे।
@yadavakhilesh@samajwadiparty
देश की संसद में दस सबसे ज्यादा संवेदनशील जो सांसद होंगे,
उसमें से घोसी सांसद @RajeevRai भी एक होंगे,
मैंने संसद में इन्हें कभी व्यर्थ और तर्कह��न बात करते नहीं देखा,
राजीव राय को जब भी मौका मिला है उन्होंने जनता के मुद्दे उठाए हैं,
ये भाषण नहीं सुना तो क्या सुना,
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दिन-रात जिस यूपी पुलिस की तारीफ करते नही थकते देश की सर्वोच्च अदालत उसी पुलिस की कार्यप्रणाली से चिंतित है l और फिर हमसे पूछते हैं कि संविधान कहां खतरे में है l
न्यायिक प्रक्रिया का आधार ‘साक्ष्य’ होना चाहिए; ‘स्वप्न’ नहीं।
इस संबंध में सर्वोच्च न्यायालय संभल हादसे के लिए ज़िम्मेदार सभी लोगों और स्वप्न पर आधारित सर्वे करानेवालों और उससे जुड़े अधिवक्ताओं के ख़िलाफ़ ऐसी दंडात्मक कार्रवाई करे कि इस देश का अमन-चैन छीननेवाले नकारात्मक तत्व फिर कभी सिर न उठा सकें।
बार एसोसिएशन से उम्मीद है कि वो भी इस पर दंडात्मक-अनुशासनात्मक कार्रवाई करे। इस मामले में अधिवक्ता संघों को भी आगे आना चाहिए क्योंकि अगर लोगों का विश्वास न्याय से उठ गया तो फिर कोई इंसाफ़ की उम्मीद में उनके पास नहीं जाएगा। इस बात से, एक पेशेवर होने के नाते, सबसे ज़्यादा नुक़सान अधिवक्ताओं को ही होगा। ये उनके पेशे के सम्मान का भी विषय है और उनके जीवनयापन का भी।
@barcouncilindia@BarCouncilofUP@Indianbarassoci
#SupremeCourt
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