मोदी सरकार में छात्र निराश हैं। पेपर लीक और परीक्षा में धांधली ने उनके सपनों को तोड़ दिया है।
ऐसे में जननायक राहुल गांधी जी युवाओं की आवाज को मजबूती देने के लिए कोटा आ रहे हैं।
कोटा से उठने वाली न्याय की ये गूंज- पूरे देश में सुनाई देने जा रही है।
 प्रेस वार्ता, बूंदी!
आज “क्लासिक सफ़ायर” अनंता होटल बूंदी में माननीय हमारे नेता श्री @RahulGandhi जी के कोटा दौरे को लेकर माननीय प्रदेश अध्यक्ष श्री गोविंद सिंह डोटासरा जी के साथ प्रेस वार्ता की! @INCIndia
RSS के लोगों सुन लो...👇
मैं कभी माफी नहीं मांगूगा और फिर कहता हूं: नरेंद्र मोदी-अमित शाह गद्दार हैं, क्योंकि उन्होंने संविधान पर हमला किया है।
सुन लो अच्छी तरह... मैं तुम लोगों से नहीं डरता।
~ नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi जी
आर्थिक तूफ़ान सर पर है, और हमारे प्रधानमंत्री इटली में टॉफ़ी बाँट रहे हैं!
किसान, युवा, महिलाएँ, मज़दूर और छोटे व्यापारी सब रो रहे हैं - PM हंसकर रील बना रहे हैं, और BJP वाले ताली बजा रहे हैं।
यह नेतृत्व नहीं, नौटंकी है।
आज जिला कलेक्ट्रेट, बूंदी में नवनियुक्त जिला कलक्टर श्री हरफूल सिंह यादव जी से मुलाक़ात कर बूंदी विधानसभा क्षेत्र के बुनियादी मुद्दों तथा कई विकास कार्यों पर विस्तृत चर्चा की! @DmBundii
हर जगह के यही हालात है सरकारी कार्यक्रमो मे स्थानीय विधायको को आमंत्रित नहीं करते जारी दिशा निर्देशों की धज्जियाँ उड़ाते है लोकतंत्र इनकी मुट्ठी मे केद है
जोधपुर में पूर्व उपराष्ट्रपति स्व. श्री भैरोंसिंह शेखावत की मूर्ति अनावरण संबंधी प्रश्न के जवाब में :
मैं कह चुका हूं, बगैर अशोक गहलोत की मौजूदगी के अंदर प्रोग्राम की गरिमा घटा दी। जिस व्यक्ति ने जब कभी बीमार पड़े हैं, उनको कैंसर हो गया था। मुंबई हो, दिल्ली हो या सिविल लाइंस हो, जितनी बार मैं मिला हूं, कोई नहीं मिला उनसे, और अंतिम जो है उनसे मिलने वाला व्यक्ति था वो मैं भी।
जब वो उनका स्वर्गवास हुआ एसएमएस में उनसे मिलने वाला अंतिम व्यक्ति मैं था और मिल के मैं घर पहुंचा, इत्तला आई वो तो समाप्त हो गए, उनकी डेथ हो गई है तो मेरा रिश्ता इस प्रकार का उनसे था और जो हमने रिस्पेक्ट दिया उनको जब वो उपराष्ट्रपति बने मैं एक सौ छप्पन पर आ गया था वो बत्तीस पर आ गए थे, जब मुख्यमंत्री हटे, तब भी मैं उनके घर गया, शपथ लेते ही उनसे मैंने कहा आराम से आप रखिएगा, जल्दबाजी नहीं कीजिए खाली करने की। पूरी सिक्योरिटी आपकी कायम रहेगी, डॉक्टर पूरे आपके ध्यान रखेंगे, कोई तकलीफ आपको आए, आप मुझे फौरन इत्तला करना।
तीन बातें मैं उनको कह के आया था और उसके बाद लगातार हम लोग ऐसे रिश्ते रहे। वो भी कहीं जाना होता आराम से मुझे वो इत्तला करते कि मैं भी आपके साथ चल रहा हूं, प्लेन के अंदर हम साथ जाते थे। सरकार बदलने के बाद मेरे तमाम मंत्री थे, जो सीनियर थे मोहनलाल सुखाड़िया जी के वक्त के चंदनमल जी बेड, खेत सिंह जी राठोड़ , प्रद्युमन सिंह जी, गुलाबी सिंह शक्तावत जी तमाम उनके यहां जाते रहते थे, हम कभी एतराज ही नहीं करते थे। आज जमाना बदल गया, मंत्री तो छोड़ दीजिए, MLA भी आ जाए कहीं हम लोगों के यहां पर तो पचास तरह का शक् होने लग जाते हैं उसके ऊपर। हमारे वक्त में, मैं जाता था होली दिवाली वो आते थे मेरे यहां पर। वो रिश्ते रखे हमने और डेथ हुई तो हमने चला करके उनके लिए स्मारक बनाया। वो तो पूरे राजस्थान जानता है कि अगर ये बीजेपी वाले होते ना तो उपराष्ट्रपति बनने पर इनको कोई सम्मान किया, बता दीजिए किया हो तो, मैं तो ऑफिशियली कह रहा हूं ना मैं खुद आरोप लगा रहा हूं, बीजेपी का एक इतना बड़ा पुराना नेता सन बावन से चुनाव जीतता आ रहा है, वो उपराष्ट्रपति बने तो क्या बीजेपी वालों को शानदार स्वागत नहीं करना चाहिए था? किया क्या ? मैंने किया मुख्यमंत्री निवास में बुलाकर के। संपर्क मैंने रखा उसके बाद में भी, और डेथ हुई तो हम लोगों ने स्मारक बनाया उनके लिए।
सब दुनिया जानती है। पूरे राजस्थान में यह चर्चा आज भी है उस वक्त भी थी कि अगर बीजेपी वाले होते शायद वो भी ऐसा स्मारक बनाने की बात या जमीन देने की बात नहीं सोच सकते थे। कोई सम्मान नहीं दिया गया ये स्थिति है।
इसलिए मैंने कल कहा कि भाई मेरा तो क्षेत्र है वो मेरे क्षेत्र में प्रोग्राम हो रहा है। सरकारी प्रोग्राम नहीं होता तो मैं नहीं करता, यह प्रोग्राम JDA का था अगर मान लीजिए प्रोग्राम प्राइवेट कोई करता तो फिर भी मैं कोई कमेंट नहीं करता। यह प्रोग्राम सरकारी था। रक्षा मंत्री को बुलाया गया और आप लोकल MLA को नहीं बुलाओ, छोड़िए पूर्व मुख्यमंत्री की बात, छोड़िए मेरे क्या रिश्ते थे तब, यह इनकी एप्रोच है। ये तो इस देश में डेमोक्रेसी खत्म कर ही रहेंगे यह इनका संकल्प है। उसी रूप में तमाम बंगाल हो या बिहार हो, चाहे असम हो, देश में राजनीति चल रही बहुत खतरनाक चल रही है।
@RahulGandhi राजस्थान के अनेक शीर्ष नेताओं के भक्त अपने नेताओं के परम भक्त साबित करने के लिये फ़ेसबुक पर अनावश्यक बाते लिख कर पार्टी को नुक़सान पहुँचा रहे हैं जो अनुचित है पार्टी के हितों का ध्यान रक्खे
बालिका रिकू भील की आवारा कुत्तों द्वारा हमला व नोच कर जख्मी कर मार देने की घटना अत्यंत दुखद
आज मृतिका रिंकू भील के धनातरी आवास पर पहुँचकर परिजनों श्रद्धांजलि अर्पित की सान्त्वना दी!
सुदामा सेवा संस्थान की ओर से 5 हजार रुपये की नगद राशि व 50 किलो गेहूं का आर्थिक सहयोग दिया!!
पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री @UdailalAnjana जी साहब को जन्मदिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ!
मैं ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु जीवन की मंगलकामना करता हूँ!!
पूर्व मुख्यमंत्री श्री @ashokgehlot51 साहब को उनके जन्मदिन पर हार्दिक बधाई एवं मंगलकामनाएँ....
मैं ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु जीवन की कामना करता हूँ।
आज खेल, संकुल बूंदी में विधायक कोष से स्वीकृत 10.50 लाख रूपये की राशि के योगा प्लेटफार्म निर्माण कार्य का अधिकारियों के साथ अवलोकन किया।
अवलोकन करते समय कार्य की गुणवत्ता एवं कार्य की धीमी गति को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए!!
जब राजस्थान का शीर्ष नौकरशाह एक राज्यसभा सांसद या सत्तारूढ़ दल के अध्यक्ष के सामने इस अंदाज में खड़ा दिखे, तो सवाल सिर्फ प्रोटोकॉल का नहीं, संविधान के प्रति निष्ठा और पूरी ब्यूरोक्रेसी की रीढ़ का है।
दलगत प्रभाव का प्रतीक बनती और पद की गरिमा के साथ समझौता करती शीर्ष अफसर की इस तस्वीर से नीचे के प्रशासनिक तंत्र में क्या संदेश जाएगा?
अतिशय उत्सुकता और निकटता के गुलदस्तों में संविधान की महक नहीं दबनी चाहिए। इसलिए मुख्य सचिव के इस अंदाज़ में अगवानी पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
अधिकारी की निष्ठा संविधान से होती है, सत्ताधारी दल से नहीं। फिर ये कैसा प्रोटोकॉल है, या फिर राजनीतिक निष्ठा का प्रदर्शन है?
"सियासत और सुरक्षा" दो अलग-अलग चीजें हैं @BhagwantMann साहब,
अपने सियासी फायदे या नुकसान के लिए किसी को सुरक्षा देना या हटाना एक घटिया विचारधारा की निशानी है।
कल भी पुलिस हरभजन के घर के बाहर चुपचाप तमाशा देखती रही, पुलिस पंजाबियों के लिए बनी है, आपके प्राइवेट मामलों के लिए नहीं।
AICC महासचिव एवं टोंक विधायक सचिन पायलट जी के लिए राजस्थान भाजपा प्रभारी राधामोहन दास जी द्वारा की गई अशोभनीय टिप्पणी न केवल निंदनीय है, बल्कि भाजपा की गिरती सियासी संस्कृति का उदाहरण है।
राजनीति में विरोध हो सकता है, वैमनस्य नहीं। व्यक्तिगत अपमान और मर्यादा भंग करना भाजपा की आदत बन गई है। BJP लगातार शुचिता और लोकतांत्रिक संस्कारों को खत्म करने पर आमादा दिख रही है। भाजपा नेतृत्व को अपने नेताओं और पदाधिकारियों के आचरण पर ध्यान देने की आवश्यकता है। राधामोहन जी को इस अपमानजनक टिप्पणी के लिए माफी मांगनी चाहिए। @SachinPilot
प्रतिष्ठा गीरने की भर पाई आर्थिक लाभ से हो गई यह जो आधुनिक युग की नई पीढ़ी है वह अर्थ प्रधान है ओर नैतिकता विहीन ओर आधुनिक विचारो कि पत्नियाँ इसे प्रभावित करती हैं बेचारे पतियों को
राजनीति में बड़ा फैसला… और सोशल मीडिया पर बड़ा झटका!
आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल होने के बाद राघव चड्ढा को डिजिटल दुनिया में तगड़ा नुकसान झेलना पड़ा है। महज 24 घंटे के अंदर उनके इंस्टाग्राम फॉलोअर्स में करीब 10 लाख की गिरावट दर्ज की गई है।
जहां एक तरफ इसे ‘राजनीतिक बदलाव’ कहा जा रहा है, वहीं सोशल मीडिया पर इसे ‘भावनात्मक रिएक्शन’ के तौर पर देखा जा रहा है। खासकर युवाओं और ‘Gen Z’ का एक वर्ग इस फैसले से नाराज नजर आ रहा है। एक खास हैशटैग ट्रेंड कर रहा है और लोग खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
डिजिटल दौर में फॉलोअर्स सिर्फ नंबर नहीं, बल्कि पब्लिक कनेक्शन और भरोसे का संकेत माने जाते हैं। ऐसे में अचानक आई यह गिरावट कई सवाल खड़े करती है—क्या यह सिर्फ गुस्सा है या बदलती राजनीतिक पसंद का संकेत?
दिलचस्प बात यह है कि पहले राघव चड्ढा अपने सॉफ्ट इश्यूज और यूथ-कनेक्ट के लिए जाने जाते थे, लेकिन अब उनके इस फैसले ने उनकी डिजिटल इमेज पर असर डाला है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि क्या वह दोबारा युवाओं का भरोसा जीत पाते हैं या नहीं।
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