@DiprHaryana@NayabSainiBJP माननीय मुख्यमंत्री जी से अनुरोध है कि स्कूलों का टाईम 7 से 1 बजे तक कर दिया जाए क्योंकि तापमान लगभग 46 डिग्री के पास पहुंच गया है। धन्यवाद।
जिला अदालतों में 4.88 करोड़ मामले लम्बित, उच्च न्यायालयों में 68.98 लाख मामले लम्बित और सुप्रीम कोर्ट में 93000 हजार मामले लम्बित। इस देश का क्या होगा ? न्याय में देरी भी तो बहुत बड़ा अन्याय है । स्थिति से निपटने के लिए सरकार के पास कोई नीति नहीं है? क्या किया जा सकता है ?
लोकसभा की 816 सीटे की जा रही है जिससे देश पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ेगा। इस बोझ को कम करने के लिए वन MLA/MP वन पेंशन भी लागू करनी चाहिए ताकि एक आदमी कितनी बार भी MLA/MP बने, पैंशन केवल एक ही मिले।
सभी राज्य व केंद्र सरकार को सभी फ्रीबीज को बंद करके सबसे पहले देश का व राज्यों का कर्जा उतारना चाहिए। उसके बाद सरकारी स्कूलों का सुधार करना चाहिए क्योंकि गांवों का विकास केवल शिक्षा में सुधार से ही हो सकता है तभी हमारा 2047 में विकसित भारत का सपना पूरा होगा।
@DiprHaryana@NayabSainiBJP आपने बुजुर्गों की बुढ़ापा पेंशन फिर से बढ़ा कर और कटी हुई पेंशन को फिर से चालू करके बुजुर्गों का जो सम्मान बढ़ाया है उसके लिए आप बधाई के पात्र है। आपका धन्यवाद।
@cmohry@DIPRO_Faridabad@NayabSainiBJP H/ble CM
I, Madan Lal ex-senior auditor retired in 2018 but my one ACP out of two pending with RCS Haryana Panchkula. I last requested on 6-8-2024 and again and again requested by post and email but all in vain. Humbly requested you to take action.
Madan Lal M.9416650157
शरद कोहली जी आप विद्वान अर्थशास्त्री हैं परंतु इस ट्रेड डील के दुष्प्रभाव बताने की बजाय आप सरकार का बचाव करते नजर आ रहे है। आप जैसे विद्वान व्यक्ति को निष्पक्ष रूप से अपनी प्रतिक्रिया देनी चाहिए।
बार बार कहा जा रहा है कि जीडीपी इतनी थी अब इतनी हो गई है। लेकिन GDP में वृद्धि केवल 20 % लोगों की है। इन 20% को निकाल दीजिए और बाक़ी 80%की GDP निकालिए फिर पता चलेगा असलियत क्या है।
मुद्दे उठाना विपक्ष का काम है परंतु मुद्दे ऐसे है कि सरकार के पास कोई संतोषजनक उत्तर नहीं है। इसीलिए सरकार द्वारा राहुल की सांसदी का सवाल उठा कर लोकतंत्र की हत्या करने की कोशिश की जा रही है। सरकार संसद में सीधे सीधे जवाब क्यों नहीं देती। इसका अर्ध है कि दाल में कुछ काला है ।
दो नावों में सवार होने पर लुटिया डूबती है। अमेरिका कभी भी भारत का भरोसेमंद नहीं रहा है। दूसरी ओर रूस हमेशा भरोसेमंद रहा है। अमेरिका के आगे झुक जाना देश की तोहीन है। 3 से 25 फिर,50 और फिर 18 प्रतिशत। अभी भी 15 प्रतिशत ज्यादा टेरिफ है। सरकार का झुकना समझ से परे है ।
ट्रेड डील में अमेरिका को ज्यादा फायदा होगा और भारत के किसानों को नुक्सान। कृषि क्षेत्र खोलने से हमारा कृषि उत्पाद का सही भाव किसानों को नहीं मिलेगा। परिणाम ये कि खेती घाटे का सौदा हो जाएगी और किसान जमीन बेचने को मजबूर हो जाएंगे और शायद सरकार यही चाहती है किसानों की बर्बादी ?
बजट में कहा जा रहा है कि स्कूलों में रील बनाना सिखाया जाएगा। स्कूलों में बस यही बात बाकी रह गई थी जिसे इस बजट ने पूरा कर दिया है। देस को किस दिशा में ले जाया जा रहा है। स्कूलों कालेजों में मोबाइल बैन होना चाहिए लेकिन यहां सब उल्टा किया जा रहा है।
संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को धर्मनिरपेक्ष होना चाहिए परंतु यहां तो सभी धर्म के ठेकेदार बने बैठे हैं। दूसरे महात्मा गांधी जी के आदर्शों पर चलने की बजाय उन पर ही सवाल खड़े किए जा रहे हैं। गांधी जी कभी झूठ नहीं बोलते थे। आप एक दिन भी झूठ न बोलने की कसम खा कर दिखाओ ना।
सरकार ने आजकल लोगों को एक नया काम दे दिया है। फैमिली आई डी ठीक करवाने का। अधिकारी बिना वेरिफिकेशन घर बैठे गरीबों की इनकम बढ़ा देते है और फिर ठीक करवाने के लिए चक्कर काटते रहते है। लोगों को शांति से रहने भी नहीं दिया जा रहा है।
सरकार कहती है कि हम भारत को स्वस्थ बनाएंगे आज हर चीज में मिलावट की जाती है और प्रशासन मूक दर्शक बना रहता है। यहां तक कि अनाज फल सब्जी हवा पानी मूल भूत चीजें भी शुद्ध नहीं है और सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है।