लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में (SIT) ने जांच में स्पष्ठ कर दिया कि सोची समझी साजिश के तहत किसानों को रोंदा गया ऐसे में अजय मिश्रा का केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के पद पर बैठे रहना शर्मनाक है।
#अजय_मिश्र_इस्तीफा_दो
एक आदिवासी लड़की JNU में पढ़ने के मुहाने तक आती है..! लिखित परीक्षा पास करके वायवा देती है..! लेकिन आधुनिक द्रौणाचार्य उसे 30 नम्बर की मौखिक परीक्षा में 1 नम्बर देते है.! अगर उसे 5 नम्बर भी मिल जाता, तो वह JNU में पीएचडी एडमिशन पा जाती..! आवाज़ बुलंद करो.!
#VivaScam#JNUPhDScam
आज तमिलनाडु के कुन्नूर में हुए हेलीकाॅप्टर क्रेश में जान गवाने वाले देश के प्रथम #सीडीएस जनरल #बिपिन_रावत रावत व उनकी पत्नी सहित अन्य सभी वीर जवानों को मैं श्रद्धांजली अर्पित करता हूं।
मध्यप्रदेश के दस जिलों के अध्ययन में सामने आई हकीकत। 92 फीसदी दलित बच्चे स्कूल में पानी नहीं पी सकते। मध्यप्रदेश को सीएम @ChouhanShivraj ने 15 साल के शासन में दलितों के लिए नर्क बना दिया। शर्मनाक।
न्यायपालिका में दलित-आदिवासी-पिछड़ों और अल्पसंख्यकों की बात नहीं सुनी जाती, उन्हें न्याय नहीं मिलता और जहां खुद पारदर्शिता नहीं है, वहां हम न्याय की अपेक्षा कैसे कर सकते हैं ? लोकतंत्र के दो स्तंभ विधान पालिका और कार्यपालिका में आरक्षण है तो न्यायपालिका में क्यों नहीं ?
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इनको शिक्षक बोले या भक्षक?
राजस्थान #अलवर के सरकारी स्कूल की शर्मनाक तस्वीर।
आखिर लड़किया जब स्कूलों में सुरक्षित नही है तो फिर शिक्षा कैसे प्राप्त करेगी?
सरकार इसे भेड़ियों शिक्षकों को तुरंत बर्खास्त करके,कड़ी सजा दे।
@ashokgehlot51@SachinPilot
बड़े शर्म की बात है,जो ट्विटर पर दलित,आदिवासी और पिछड़ों के मसीहा बने फिरते है,
नागालैंड में सरकार के एक इसारे पर निर्दोष आदिवासियों को सेना के जवानों द्वारा हत्या कर दी गई ,इस मुद्दे को कोई नही उठा रहा!
#नागालैंड_आदिवासी_नरसंहार
कमाल की बात है!
जेएनयू में मिले कंडोम का आंकड़ा सरकार के पास है,लेकिन किसान आंदोलन में शहीद हुए किसानों का आंकड़ा सरकार के पास नही है।🤔
#किसान_एकता_जिंदाबाद
कल नागालैंड (भाजपा समर्थित सरकार) में 13 और कुछ महीनों पहले कांग्रेस शासित छत्तीसगढ़ में 5 मासूम आदिवासियों को सेना के जवानों द्वारा मारा गया..! लेकिन हर देश की राजधानी दिल्ली में लिबरल और प्रगतिशील लोग इन आदिवासियों को न्याय दिलवाने के लिए कोई प्रोटेस्ट नहीं करते है..!
#Nagaland
आज छत्तीसगढ़ के आदिवासी इस जगह पहुंच गये है कि वे सरकार से कुछ नहीं मांग रहे। वे सिर्फ यह कह रहे हैं कि जो कुछ हमारे पास है, बस सरकार उसे हमसे ना छीने, लेकिन @bhupeshbaghel सरकार आदिवासियों की इतनी-सी बात भी मानने के लिए तैयार नहीं है। @RahulGandhi https://t.co/JbQYyg0SRS