ज़ब कोई ईमानदार पत्रकार न्यूज चैनल छोड़ कर
अपना स्वतंत्र यूट्यूब चैनल बनाता है
तो उसकी पत्रकारिता देखने लायक होती है
ये जिगरा गोदी मिडिया मे नहीं है
सांकेत उपाध्याय ने
पूरी पोल खोल दी चुनाव आयोग की..
पत्रकार @azizkavish ने गोरखपुर जेल में दुनिया को अलविदा कहने वाले पत्रकार परवेज़ परवाज़ लेकर @yadavakhilesh से सवाल किया है। उस सवाल के जवाब में अखिलेश यादव कह रहे हैं कि अगर ये (BJP) दोबारा सत्ता में आई गई तो किसी को जाने नहीं देगी। सवाल यह है कि परवेज़ परवाज़ ने जब योगी आदित्यनाथ पर मुकदमा दर्ज कराया था, तब सूबे की कमान मुलायम सिंह यादव के हाथ में थी, उसके बाद मायावती सत्ता में आईं और फिर अखिलेश यादव मुख्यमंत्री बने।
लेकिन परवेज़ परवाज़ ने जो मुकदमा दर्ज कराया था, उसमें कार्यवाही आगे नहीं बढ़ पाई। अखिलेश के बाद योगी मुख्यमंत्री बने और उन्होंने अपने ऊपर दर्ज तमाम मुकदमे वापस ले लिए। उसके बाद में परवेज़ परवाज़ पर एक बूढी औरत ने बलात्कार का आरोप लगाया, परवेज़ गिरफ्तार हुए और साल 2020 में उन्हें अदालत ने आजीवन कारावास की सज़ा सुना दी। वो तभी से जेल में थे। और अब पिछले दिनों उनका निधन हो गया।
कुल मिलाकर कहना यही है कि परवेज़ की इस हालत के ज़िम्मेदार अखिलेश भी हैं, और मायावती भी।
"अगर एक हिंदू का ख़ून बहेगा तो एक हिंदू के खून के बदले आने वाले समय में हम प्रशासन से FIR दर्ज नहीं करवाएंगे बल्कि कम से कम दस ऐसे लोगों की हत्या उससे करवाएंगे जो लोग हत्या में शामिल थे"
आदित्यनाथ ने ये भड़काऊ बयान 2007 में दिया था, जिसके बाद इन्हें जेल हुई थी और संसद में फफक फफककर रोये थे
इस बयान का वीडियो केवल परवेज़ परवाज़ के पास थी जिन्होंने इनके खिलाफ लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी
जिला कोर्ट से लेकर हाईकोर्ट तक लड़ाई लड़ी, 2017 में सीएम बनने के बाद आदित्यनाथ ने अपने ऊपर लगे सारे मुकदमे वापस ले लेते है
2018 में परवेज पर गैंगरेप का फर्जी मुकदमा दर्ज करके उन्हें जेल भेज दिया जाता है, जांच में वो निर्दोष साबित होते है तो जांच अधिकारी बदलकर फिर से मुकदमा शुरू किया जाता है
इस बार परवेज को आजीवन कारावास की सजा सुनाई जाती है, दो दिन पहले परवेज़ का जेल में ही निधन हो गया
उत्तर प्रदेश का दुर्भाग्य है कि ऐसा नफ़रती नेता दस साल से मुख्यमंत्री है।
उत्तर प्रदेश की गोरखपुर जेल में परवेज़ परवाज़ को लोग ‘भूत’ कहते थे।
वह एक मुस्लिम पत्रकार थे, जिन्होंने योगी आदित्यनाथ के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।
फ्रांसीसी फिल्म निर्माता valentin.henault के इस खुलासे ने कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। क्या उनकी आवाज़ को जानबूझकर दबाया गया? उनकी शिकायत का क्या हुआ?
एक मुस्लिम पत्रकार दुनिया से चला गया, लेकिन उसके साथ हुई नाइंसाफी के सवाल आज भी जवाब मांग रहे हैं।
सौरभ द्विवेदी का एतिहासिक वीडियो🫡✅
कई बार सौरभ द्विवेदी पर पक्षपात के आरोप लगाकर ट्रोल किया गया, लेकिन सौरभ ने जो किया वो पत्रकारिता का स्वर्णिम पेज है।
सुनिए और शेयर करके ताकि लोगों को समझ आए कि आखिर क्यों ज्ञानेश का विरोध हो रहा है।
हिरासत में लो..थाने में बिठाओ..जो सच दिखा रहे हैं..उनको रोको..लोकतंत्र के चीरहरण की तस्वीरें बाहर मत जाने दो..दिल्ली पुलिस इसी एजेंडे पर काम कर रही है...मेरे पास माइक है..माइक आईडी है...सब कुछ है लेकिन बेहद अपमानजनक तरीके से दिल्ली पुलिस ने जानबूझकर मुझे बस के भीतर फेंक दिया..और डिटेन कर लिया..ये देश की राजधानी दिल्ली है...अंधेर नगरी.. अंधी पुलिस और चौपट राजा...
सुप्रीम कोर्ट इसमें शामिल है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल का चुनाव होने दिया, सुप्रीम कोर्ट ने एसआईआर होने दिया। डेढ़ साल से फॉर्म 6 के बारे में बताया जा रहा है, लेकिन सुनने से इंकार कर दिया गया। सुप्रीम कोर्ट जिम्मेवार है।
आज प्रोटेस्ट के दौरान प्रोफ़ेसर @Apoorvanand__ ने क्या कहा, सुनिए।
74 रुपये का इंजेक्शन 4980 रुपये का मिल रहा है💉
अब इस पर दो सवाल -
पहला - क्या यूपी में इसी को कानून का राज कहा जाता है और क्या सीएम इसीलिए हर समय जनता को मुगलों ने ये किया वो किया बताते रहते हैं❓
दूसरा - कीमत से 67 गुना ज्यादा जो लूट की जा रही है उसमें सरकार का हिस्सा कितना है❓
सरकारों का काम होता है जो कीमत है उसपर भी सब्सिडी देकर जनता को राहत देना और यहां तो 67 गुना ज्यादा कीमत वसूली जा रही है और सरकार चुप है...
इंडियन एक्सप्रेस पर सवाल उठाने वालों कुछ शर्म आई ?
इंडियन एक्सप्रेस की इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट का अब तक का सबसे बड़ा असर.
चुनाव आयोग ने SIR पूरा कर चुके 20 राज्यों और UTs में छूटे हुए वोटरों को वापस मतदाता सूची में शामिल करने के लिए स्पेशल ड्राइव के निर्देश दिए हैं.
ये कदम The Indian Express की रितिका चोपड़ा की इन्वेस्टिगेशन के 10 दिन बाद आया है. इस रिपोर्ट में SIR के दौरान वोटर लिस्ट से हटाए गए नामों और फॉर्म-6 में जोड़े गए नए सवालों को लेकर अहम जानकारी सामने आई थी.
रीतिका चोपड़ा से समझिए इस फैसले का क्या मतलब है.
बंगाल SIR: सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि इलेक्शन रिज़ल्ट के बाद मतदाता सूची से हटाए गए 27 लाख लोगों में से केवल 7 लाख ने ही पुनः शामिल होने के लिए अपील दायर की. चुनाव आयोग के आंकड़े बताते हैं कि ये गलत है. असली आंकड़ा 22 लाख से ज़्यादा है.
उन्होंने UK के फेयरफोर्ड में एक 'फ़ॉल्स फ़्लैग ऑपरेशन' करने की कोशिश की। वे नाकाम रहे।
उन्होंने 'फ़्लाई दुबई' के साथ भी ऐसा ही ऑपरेशन करने की कोशिश की। वे नाकाम रहे।
अब, मक्का में दूसरा 'फ़ॉल्स फ़्लैग' ऑपरेशन हुआ है। बम वाली जैकेट पहने एक आदमी ने काबा में खुद को उड़ाने की कोशिश की (वीडियो देखें)।
यह नेतन्याहू की कोशिश है जो मोसाद के ज़रिए चुनाव जीतने के लिए बेताब हैं।
क्या वह कामयाब होगा?
दिव्या मित्तल ने IAS की नौकरी छोड़कर राजनीति में उतरने का एलान किया है। उनका ये वीडियो देखकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे।
मैं नहीं जानता कि आगे वो किसी पार्टी के साथ जाएंगी या स्वतंत्र रूप से अपनी राजनीतिक यात्रा आगे बढ़ाएंगी, लेकिन उनका फैसला उन लोगों को जरूर जवाब देता है जो कहते हैं—“Politics is not my cup of tea.”
हमारे जीवन का हर पल राजनीति से तय होता है। शिक्षा से लेकर रोजगार तक, सड़क से लेकर स्वास्थ्य तक—कुछ भी राजनीति से अलग नहीं है।
दिव्या मित्तल को सुना जाना चाहिए। 🙏🙏
#घोरकलजुग
कैराना सांसद इकरा हसन, संभल सांसद जियाउर्रहमान बर्क, जमात ए इस्लामी हिन्द के वाईस प्रेसिडेंट मलिक मोहतासीम ख़ान और SIO के नेशनल प्रेसिडेंट हफ़ीज़ को जंतर मंतर पर मस्जिद और मदरसों पर बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन करने पर दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया गया.