रेत की मछली हो या गुनाहों का देवता मर्द हर जगह गलत निकला,
कहीं सुधा कह ना पाई,कहीं चन्दर समझ ना पाया।
कह न पाना भी गलती नहीं है और समझ न पाना भी गलती नही है। लेकिन फिर भी मर्द ने स्वीकार किया गलतियों को अपने सर्वप्रिय को पवित्र रखने के लिए।
गाँव, गरीब, किसानों-मजदूरों के दर्द को अपनी लेखनी की खूबसूरती से उतारने वाले कई सारी कालजयी रचनाओं के लेखक उपन्यास कार मुंशी प्रेमचंद जी
की पुण्यतिथि पर उन्हें शत शत नमन..✨🌻🙏
#मुंशी_प्रेमचंद#premchand#Hindi
बड़ी ख़बर: @GitaPress ने रामचरितमानस की लगभग 50 लाख कॉपी छापी है। उसने रामचरितमानस की विवादास्पद लाइन- “ढोल गवाँर सूद्र पसु नारी। सकल ताड़ना के अधिकारी” में ताड़ना का अर्थ “दंड” से बदलकर नए संस्करणों में “शिक्षा” कर दिया है। पूरा ब्योरा : https://t.co/aZCKTiNo54
Well i m not civil aspirant bt is novel ko pdh k ek alg hi mza aaya... life me aise positive vibes to hone hi chahiye jisse ap apni life ke 'Dark Horse' bn sko❤️
Thankuu so much @authornilotpal sir for this amazing novel 💕🙏waiting for upcoming novel 💐💐💐
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