की कई रात सोए नहीं थे जब तुमसे मिले थे,
की नींद बड़ी हसीन आयी थी जब तुमसे मिले थे।
बस फर्क़ इतना था , तुम्हारी छुअन में उसकी खुशबू जान गए थे,
की फर्क़ इतना था , किसी और के जिस्म की भूख हम भांप गए थे।
जी चाहता है तुम पर सारी खुशियाँ लूटा दूँ,
तुम्हारे गम को अपने दिल में बसा लूँ,
छोड़ना ना तू साथ मेरा,
दोस्त ही तो दोस्त ही सही मेरा।
तेरा तो प्यार भी खुदा की नवाजिश लगे,
तेरा वो मेरे गालों को चूमना भी हसीन लगे,
छोड़ना ना तू साथ मेरा,
दोस्त ही तो दोस्त सही मेरा।
वो मेरा प्यार ना जाने क्यूँ भूल गए ,
मेरी वफ़ाई को कैसे तुम बेवफ़ाई मान गए ,
तुम तो यहीं थे ना जाने क्यूँ चले गए।
सब खत्म कर कैसे तुम रूठ गए ,
वो जो मैं तुम्हारी थी क्यूँ किसी और का कर गए ,
तुम तो यहीं थे ना जाने क्यूँ चले गए।