कभी कभी मोदी जी भी मजे लेते हैं लगता है...
जिनपिंग-पुतिन सब ���े चाय की केतली टाइप के बर्तन से पौधों में पानी डलवा दिया..
चायवाले पीएम के साथ चायवाले राष्ट्रपति 😅😅
H.E. Masoud Pezeshkian, President of the Islamic Republic of Iran, was received by Prime Minister Narendra Modi upon his arrival at Bharat Mandapam in New Delhi to attend the 18th BRICS Summit.
सरकार ने छात्र सुरक्षा के नाम पर ऐसी गाइडलाइन जारी की है, जिसमें स्कूल परिसर में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने के साथ-साथ वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी पर भी रोक लगा दी गई है। इतना ही नहीं, गाइडलाइन की अवहेलना करने पर गंभीर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।
सरकार का आदेश स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि वह स्कूलों की वास्तविक स्थिति को सामने आने से रोकना चाहती है। पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के बजाय मीडिया और अन्य लोगों को कवरेज से रोकना सरकार की नीयत पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
जनता समझदार है और सरकार की मंशा समझ चुकी है।
केशव मौर्य सिर्फ़ मदरसों पर हमला कर सकते हैं, क्योंकि उनकी कुर्सी दरअसल एक स्टूल है।
जिन्हें अंग्रेज़ों से मोहब्बत हो, उन्हें मदरसे कैसे पसंद आएँगे? मदरसे अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ साज़िशों और आज़ादी की जद्दोजहद के मरकज़ थे। उन्होंने बेशुमार मुजाहिदीन-ए-आज़ादी पैदा किए, जबकि सावरकर अंग्रेज़ों को माफ़ीनामे लि�� रहे थे।
आज़ाद भारत का पहला दहशतगर्द गोडसे किसी मदरसे का तालीब-ए-इल्म नहीं था। लेकिन भारत के पहले राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद मदरसे में पढ़े थे। मुंशी प्रेमचंद और राजा राम मोहन राय ने भी मदरसे में तालीम हासिल की थी।
दस्तूर का आर्टिकल 30 हर अक़ल्लियती बिरादरी को अपने तालीमी इदारे क़ायम करने और चलाने का हक़ देता है। ये बेहद शर्मनाक है कि एक दस्तूरी ओहदे पर बैठा शख़्स ऐसी ज़हरीली ज़बान इस्तेमाल करे।
मगर जब कुर्सियाँ कम हों, तो स्टूल वालों को अपनी सियासी अहमियत बनाए रखने के लिए ज़हर उगलना ही पड़ता है।
मुसलमानों के नाम पर अपनी सियासी रोटी सेकने वालों ने कभी मुसलमानों के मुद्दों को इस तरह नहीं उठाया होगा जिस बेबाकी से नेहा बोरा ने आवाज़ उठाई है
मुसलमानों का झोला भर भर कर वोट लेने वाले तो "मुसलमान" लफ़्ज़ बोलने से परहेज़ करते हैं
��ंतर मंतर पर बच्चों के साथ हुई बर्बरता में सबसे बड़ा हाथ DG CRPF का है क्योंकि इन्होंने ही बच्चों पर लाठीचार्ज का आदेश दिया था।
DG ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।
अगर आप मेरी बात से सहमत हैं तो पोस्ट को आगे बढ़ा दो।
#DG_CRPF_Must_Resign
“50 ग्राम ड्रग्स की पुड़िया जेब में रख दूंगा जमानत भी नहीं होगी”
प्रदर्शन में आए students को देवेंद्र फडणवीस की पुलिस झूठे केस में फँसाने की धमकी दे रही थी
लेकिन students का reaction बता रहा है उन्हें रत्तीभर भी डर नहीं है
शाबाश Gen Z - so proud of you!
10 महीनों में 100 से ज्यादा वैज्ञानिकों और कर्मचारियों ने ISRO से इस्तीफा दिया
◆ नौकरी छोड़ने वाले वैज्ञानिकों में गगनयान और दूसरे अहम मिशनों से जुड़े वैज्ञानिक भी शामिल हैं
◆ केंद्रीय विज्ञान और तकनीकी राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि जैसे-जैसे लोग छोड़ते हैं, कई लोग जुड़ते भी हैं, इस मामले में विवाद नहीं है
#ISRO | @DrJitendraSingh | #JitendraSingh | Jitendra Singh