هُوَ الحَبِيبُ الَّذِي تُرجىٰ شَفَاعَتُه لِكُلّ هَولِ مِّنَ الأهوَالِ مُقتَحِمٖ
وہی (حضرت محمد ﷺ) اللہ کے ایسے حبیب ہیں جن کی شفاعت کی امید ہر اس مصیبت اور خوف کے وقت رکھی جاتی ہے جو اچانک یا زبردستی آ پڑے
#خاتم_الرسلﷺ
Asslamualaikum ❤️
कहते हैं—अगर तुम्हें कोई अच्छा इंसान नहीं मिल रहा, तो फ़ज्र के वक़्त मस्जिद चले जाओ, वहाँ तुम्हें नेक और अच्छे लोग ज़रूर मिलेंगे...!
फ़ज्र पढ़ने वाले वे लोग हैं जो अपनी नींद, आराम और बिस्तर को सिर्फ़ अल्लाह ﷻ की रज़ा के लिए छोड़ देते हैं। अंधेरी रात में नींद से उठकर फ़ज्र की नमाज़ के लिए मस्जिद जाना आसान नहीं होता—यह इंसान के ईमान और सच्ची नीयत का एक इम्तेहान है...!
या अल्लाह ﷻ हमें उन लोगों में शामिल फ़रमा जो कभी नमाज़ नहीं छोड़ते और हमारे दिलों में नमाज़ की मोहब्बत हमेशा कायम रख...!
आमीन 🤲
आप को ये याद रखना चाहिए
कि दुनिया में हर जिम्मेदारी के तकाजे (Demands) हैं
वह तकाजे Demands पूरे करने पड़ते हैं
दुनिया में ठोकरें उन्हीं को लगती हैं
कि जो चलते हैं
जो पांव तोड़ कर बैठ जाते हैं, उन्हें कभी ठोकर नहीं लगती
गिरते वही है जो दौड़ते है
कांटे उन्हें चुभेंगे जो चलेंगे
मौलाना अबुल कलाम आजाद
मैडम मैं सुन्नी हूं सुनता ज़्यादा हूं बोलता कम लिहाजा आज तो बोलने दीजिए यह शब्द है आजमगढ़ की उस शख्सियत का बा
भारतीय पार्लियामेंट में जिसे मौलवी मसूद खान कहते हैं
जिसे आज का युवा सिर्फ नाम सुनता है
अस्सलामु अलैकुम व रहमतुल्लाहि व बराकातुहू साथियों.!
हिन्दुस्तान की तवारीख में दर्ज है हमारे आबाओ अजदाज की कुर्बानियां जिसे कोई मिटा नहीं सकता.!!
सभी का ख़ून शामिल है इसकी मिट्टी में...
हिन्दुस्तान किसी के बाप का थोड़े है...
@Rash160896@VakilAh60249105@shokata25589395@Soni91200
सबसे पहले जिसने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ फतवे जारी किये थे तहरीक चलाई थी
उन सब ने मदरसों से ही पढ़ा था संघियों
मदरसा हमे वतन से मोहब्बत सिखाता है
मदरसा हमे अमन सिखाता है
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