@gautamthakurx RPF GRP को भूंजा लाने, साहेब लोगों का कुत्ता टहलाने, राशन सब्ज़ी दवा दूध लाने के लिए रखे हो क्या ?
जब-तक १३९ पर शिकायत दर्ज ना हो सुरक्षा बल कभी नज़र नहीं आता है..! @AshwiniVaishnaw@RailMinIndia@RailwaySeva
@gautamthakurx RPF GRP को भूंजा लाने, साहेब लोगों का कुत्ता टहलाने, राशन सब्ज़ी दवा दूध लाने के लिए रखे हो क्या ?
जब-तक १३९ पर शिकायत दर्ज ना हो सुरक्षा बल कभी नज़र नहीं आता है..! @AshwiniVaishnaw@RailMinIndia@RailwaySeva
मा० मुख्यमंत्री @HemantSorenJMM
जी- इस हॉस्पिटल को तत्काल बंद किया जाए।
झारखंड के रांची में "राज हॉस्पिटल" में एक मरीज को एडमिट कराया गया था क्योंकि उसका पैर फ्रैक्चर हुआ था,
भर्ती करने के बाद मरीज की 2–3 दिन तक ड्रेसिंग नहीं की गई, जिसके कारण शरीर में इंफेक्शन फैल गया,
ऊपर से इलाज के नाम पर करीब ₹22 लाख लिए गए और बाद में डॉक्टरों ने कहा कि मरीज को बचाया नहीं जा सकता,
सच कहूं तो आजकल कुछ प्राइवेट हॉस्पिटलों में गजब की लूट मची हुई है। 😡😡 @JharkhandPolice@JharkhandCMO
बेरमो प्रखंड निवासी तारा देवी के इलाज के दौरान बोकारो जनरल अस्पताल में मृत्यु हो गई और 28 हजार का बिल बना है परिवार अत्यंत गरीब फैमिली से हैं कृपया इनका मां का बॉडी रिलीज करवाने में मदद करें।
@HemantSorenJMM@IrfanAnsariMLA@BokaroDc@HLTH_JHARKHAND@Dhullu
बेरमो प्रखंड निवासी तारा देवी के इलाज के दौरान बोकारो जनरल अस्पताल में मृत्यु हो गई और 28 हजार का बिल बना है परिवार अत्यंत गरीब फैमिली से हैं कृपया इनका मां का बॉडी रिलीज करवाने में मदद करें।
@HemantSorenJMM@IrfanAnsariMLA@BokaroDc@HLTH_JHARKHAND@Dhullu
ऐसे दरिंदो को ऑन स्पॉट जान से मारने की बजाय दोनों हाँथ-पैर काट देना चाहिए,दोनों आँखें फोड़ देना चाहिए और जिस अंग से ये कृत्य किया है उसको भी काट कर जीवित छोड़ देना चाहिए। तब समझ मे आएगा दरिंदों को
13 साल की इस मासूम का दर्द
सुनकर आपकी छाती फट जायेगी 🚨
राजस्थान के श्रीगंगानगर में बच्ची 18 जून
को अपने घर के लिए एक E रिक्शा में बैठी...
लेकिन ई रिक्शा वाले ने घर की जगह
उसे अपहरण करके अपने साथ ले गया...
4 दिनों तक लगभग 30 लोगों ने बेटी को रोंदा..
हे ईश्वर 😥
13 साल की इस मासूम का दर्द
सुनकर आपकी छाती फट जायेगी 🚨
राजस्थान के श्रीगंगानगर में बच्ची 18 जून
को अपने घर के लिए एक E रिक्शा में बैठी...
लेकिन ई रिक्शा वाले ने घर की जगह
उसे अपहरण करके अपने साथ ले गया...
4 दिनों तक लगभग 30 लोगों ने बेटी को रोंदा..
हे ईश्वर 😥
झामुमो-कांग्रेस सरकार में कांग्रेसी स्वास्थ्य मंत्री @IrfanAnsariMLA की नाकामी के चलते टूटे पैर का इलाज कराने पहुंचे युवक की मौत हो गई।
लातेहार के रहने वाले राजू सड़क हादसे में घायल हो गए थे। उन्हें राज हॉस्पिटल, रांची में भर्ती कराया गया। परिजनों का आरोप है कि भर्ती के बाद 2-3 दिनों तक मरीज की ड्रेसिंग नहीं की गई, जिससे संक्रमण फैल गया और इलाज में लापरवाही के चलते उनकी जान चली गई। दरिंदगी की हद तो तब पार हो गई, जब परिजनों को 22 लाख रुपये का बिल थमा दिया गया।
झामुमो-कांग्रेस सरकार में निजी अस्पतालों की मनमानी और स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही ने आम जनता की जान को भगवान भरोसे छोड़ दिया है। यह झारखंड की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था और स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी की नाकामी का बड़ा उदाहरण है।
ये तो हद्द है। ऐसी लूट से हर आम आदमी कंगाल हो जाएगा। सरकार को तुरंत इस बात पर संज्ञान लेना चाहिए। साथ ही मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत उस अस्पताल पे एक्शन केना चाहिए। माननीय @JPNadda@PMOIndia@pushkardhami जी ,कृपया संज्ञान लें
प्राइवेट अस्पतालों की लूट का क्या कहना, अभी हमने कुछ दिन पहले बताया था कि हमारे छोटे भाई का बच्चा बिमार है, हमने उसे देहरादून के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया, 15 दिन NICU और 5 दिन वार्ड में रहने के बाद कल ही वह डिस्चार्ज हुआ है, हम भी लगभग दस दिन वही अस्पताल में रहे, आप ये जो बिल में इंजेक्शन देख रहे हैं इस पर 6561 रूपए की MRP है और प्रतिदिन एक इंजेक्शन बच्चे को लग रहा था शुरू में कई दिन हमने इसको अस्पताल की फार्मेसी से ही खरीदा, हमारे हमारे काफी अनुरोध और उसकी ठोड़ी खुजलाने के बाद उसने हमें 10% का डिस्काउंट दिया, और ऊपर से अहसान ऐसा दिखाया जैसे अस्पताल की पूरी फार्मेसी उसने हमारे नाम कर दी हो, एक दिन हमने अस्पताल के बाहर एक फार्मेसी थी उससे पूछा भाई ये इंजेक्शन कितने है, उसने हमें 4 हजार का बताया, अगले दिन हम वहीं से लेने लगे, फिर एक दिन हम घूमते फिरते वही लोकल बाजार में पहुंच गए, एक फार्मेसी दिखाई दी हमने उससे पूछा उसने हमें 2 हजार का बताया, हमारी उत्सुकता और बढ़ फिर हमने और कई फार्मेसी पर ट्राई किया आखिर में सबसे सस्ता 1600 रूपए का इस फार्मेसी ने बताया जिसका बिल आप देख रहे हैं, और थोड़ी उसकी ढोडी खुजलाने के बाद उसने इस पर भी 10% का डिस्काउंट दिया, अब सरकार बताए की इस 1600 रूपए के इंजेक्शन पर 6561 रूपए MRP डाली गई है किस नियम से डाली गई, और इस लूट की इजाज़त किसने दे रखी है?
प्राइवेट अस्पतालों की लूट का क्या कहना, अभी हमने कुछ दिन पहले बताया था कि हमारे छोटे भाई का बच्चा बिमार है, हमने उसे देहरादून के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया, 15 दिन NICU और 5 दिन वार्ड में रहने के बाद कल ही वह डिस्चार्ज हुआ है, हम भी लगभग दस दिन वही अस्पताल में रहे, आप ये जो बिल में इंजेक्शन देख रहे हैं इस पर 6561 रूपए की MRP है और प्रतिदिन एक इंजेक्शन बच्चे को लग रहा था शुरू में कई दिन हमने इसको अस्पताल की फार्मेसी से ही खरीदा, हमारे हमारे काफी अनुरोध और उसकी ठोड़ी खुजलाने के बाद उसने हमें 10% का डिस्काउंट दिया, और ऊपर से अहसान ऐसा दिखाया जैसे अस्पताल की पूरी फार्मेसी उसने हमारे नाम कर दी हो, एक दिन हमने अस्पताल के बाहर एक फार्मेसी थी उससे पूछा भाई ये इंजेक्शन कितने है, उसने हमें 4 हजार का बताया, अगले दिन हम वहीं से लेने लगे, फिर एक दिन हम घूमते फिरते वही लोकल बाजार में पहुंच गए, एक फार्मेसी दिखाई दी हमने उससे पूछा उसने हमें 2 हजार का बताया, हमारी उत्सुकता और बढ़ फिर हमने और कई फार्मेसी पर ट्राई किया आखिर में सबसे सस्ता 1600 रूपए का इस फार्मेसी ने बताया जिसका बिल आप देख रहे हैं, और थोड़ी उसकी ढोडी खुजलाने के बाद उसने इस पर भी 10% का डिस्काउंट दिया, अब सरकार बताए की इस 1600 रूपए के इंजेक्शन पर 6561 रूपए MRP डाली गई है किस नियम से डाली गई, और इस लूट की इजाज़त किसने दे रखी है?
ऐसे कई शिक्षक समाज मे भरे पड़े हैं ,जिनकी प्राइवेट स्कूल की सैलरी से मुश्किल से घर चलता है। मगर स्कूल प्रशासन सिर्फ अपनी जेब भरने में है उनको शिक्षकों की कोई चिंता नहीं है।
😔 दिल टूट जाता है ये देखकर 💔
एक शिक्षक, जो 27 साल तक बच्चों को पढ़ाता रहा, आज सड़क पर ₹5 के समोसे बेच रहा है।
ये हैं बृज किशोर चौरसिया जी, एरच से।
प्राइवेट स्कूल में सिर्फ ₹100 महीना फीस थी, फिर भी बहुत से अभिभावक फीस नहीं देते थे।
उन्होंने कभी-कभी मुफ्त में भी पढ़ाया, गरीब बच्चों को किताबें-नोटबुक दीं, खाना तक खिलाया।
लेकिन उनकी सैलरी परिवार चलाने लायक कभी नहीं हुई।
आज घर चलाने के लिए उन्हें समोसे बेचने पड़ रहे हैं। 💔
दूसरी तरफ सरकारी स्कूल के कई टीचर ₹60,000 से ₹70,000 सैलरी पाकर भी नाखुश रहते हैं।
प्राइवेट स्कूल और कोचिंग आज मुनाफे का धंधा बन गए हैं, लेकिन जो शिक्षक दिल से बच्चों को पढ़ाना चाहते हैं, वे दो वक्त की रोटी के लिए मजबूर हैं।
हमारी समाज ने शिक्षक और शिक्षा दोनों का सम्मान खो दिया है। 😞
शिक्षक सिर्फ गुरु नहीं, समाज का आधार हैं।
उनका अपमान हम सबका अपमान है।
😔 दिल टूट जाता है ये देखकर 💔
एक शिक्षक, जो 27 साल तक बच्चों को पढ़ाता रहा, आज सड़क पर ₹5 के समोसे बेच रहा है।
ये हैं बृज किशोर चौरसिया जी, एरच से।
प्राइवेट स्कूल में सिर्फ ₹100 महीना फीस थी, फिर भी बहुत से अभिभावक फीस नहीं देते थे।
उन्होंने कभी-कभी मुफ्त में भी पढ़ाया, गरीब बच्चों को किताबें-नोटबुक दीं, खाना तक खिलाया।
लेकिन उनकी सैलरी परिवार चलाने लायक कभी नहीं हुई।
आज घर चलाने के लिए उन्हें समोसे बेचने पड़ रहे हैं। 💔
दूसरी तरफ सरकारी स्कूल के कई टीचर ₹60,000 से ₹70,000 सैलरी पाकर भी नाखुश रहते हैं।
प्राइवेट स्कूल और कोचिंग आज मुनाफे का धंधा बन गए हैं, लेकिन जो शिक्षक दिल से बच्चों को पढ़ाना चाहते हैं, वे दो वक्त की रोटी के लिए मजबूर हैं।
हमारी समाज ने शिक्षक और शिक्षा दोनों का सम्मान खो दिया है। 😞
शिक्षक सिर्फ गुरु नहीं, समाज का आधार हैं।
उनका अपमान हम सबका अपमान है।
क्या करें इस विकास का जो आज इक्कीसवीं सदी में भी एक बुजुर्ग माता ये बोल रही हैं कि कोई बिजली वाला कर्मचारी गांव में आ जाए तो उसके पैर पकड़ कर बोलेंगी कि ए लल्ला एक बल्ब लगा दो खाली क्योंकि कम दिखने की वजह से और अंधेरा होने की वजह से मैं बाथरूम के लिए जाती हूं तो गिर जाती हूं,
ये बड़े बड़े दावे सुनकर और जमीनी हकीकत देखकर आज भी लगता है हम कुछ नहीं कर पाए हम आह भी जीरो हैं।
मामला उत्तर प्रदेश के उन्नाव का पिलखना रशीदपुर गांव का है।
@myogiadityanath जी से निवेदन है कि इसपर ध्यान दें 🙏
क्या करें इस विकास का जो आज इक्कीसवीं सदी में भी एक बुजुर्ग माता ये बोल रही हैं कि कोई बिजली वाला कर्मचारी गांव में आ जाए तो उसके पैर पकड़ कर बोलेंगी कि ए लल्ला एक बल्ब लगा दो खाली क्योंकि कम दिखने की वजह से और अंधेरा होने की वजह से मैं बाथरूम के लिए जाती हूं तो गिर जाती हूं,
ये बड़े बड़े दावे सुनकर और जमीनी हकीकत देखकर आज भी लगता है हम कुछ नहीं कर पाए हम आह भी जीरो हैं।
मामला उत्तर प्रदेश के उन्नाव का पिलखना रशीदपुर गांव का है।
@myogiadityanath जी से निवेदन है कि इसपर ध्यान दें 🙏
सोना का पैर लगाया क्या की 22 लाख का बिल बना दिया🙉😡
ये हॉस्पिटल नही लुटेरा गैंग है😡
पैर टूटने का ईलाज में 22 लाख का बिल सुनकर मर गया इंसान,😭,इस हॉस्पिटल पर केश होना चाहिए,और हॉस्पिटल को हर्जाना भी भरना चाहिए😡
@DC_Ranchi@DCkhunti , यह स्थिति विचलित करने वाली है। ये बहनें सड़क किनारे सब्जी बेचकर गुजारा करती थीं, जिन्हें नगर निगम ने हटा दिया। अब घर में खाने को दाना और पीने को पानी तक नहीं है। भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है कृपया तुरंत इस गंभीर मामले में दखल दें। इन पीड़ित बहनों को राशन, हर संभव सरकारी सहायता और इनकी रुकी हुई तनख्वाह तत्काल दिलवाने की कृपा करें।