अभी अभी पता चला कि प्रयागराज में मारूफ भाई के कोचिंग सेंटर Super Climax academy को सील कर दिया गया है।
मारूफ भाई को मैं पिछले 18 सालों से जानता हूं। पड़ोस में रहते हैं। अकसर बात चीत होती रहती है।
वो केवल अपने काम से काम रखते हैं, कभी किसी को भड़काने का काम नहीं किया।
इससे पहले भी लॉकडाउन के टाईम पर उन्हें बदनाम करने की पॉलिटिकल कोशिश की गई थी जो की लोग कामयाब नहीं हुए।
मैं दावे के साथ कह सकता हूं दूसरी कोचिंग सेंटर के चक्कर में इस कोचिंग सेंटर को सील किया गया है जो की ग़लत बात है।
प्रशासन को एक बार दुबारा सोचना चाहिए। क्योंकि इस से बच्चों की पढ़ाई का लॉस हो रहा है।
व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी से पढ़कर आप इस्लाम के बारे में अपशब्द लिखते हैं, आप मुसलमानों को गालियां देते हैं आप समझते हैं इससे इस्लाम कमजोर होगा, ये आप की ग़लत फ़हमी है, आप इस्लाम दुष्प्रचार करके अनजाने में प्रचार ही कर रहे हैं, इससे लोगों के अंदर इस्लाम के बारे में जानने की जिज्ञासा पैदा होती है और वो इस्लाम के क़रीब आते हैं !
रागिनी सोनकर जौनपुर के मछलीशहर विधानसभा से समाजवादी पार्टी की विधायक है, जहाँ भी इनके समाज पर बात आती है ये वहाँ पहुँच जाती है, तो जो भी समाजवादी पार्टी के मुस्लिम विधायक है वो किसी मुस्लिम मज़लूम के साथ खड़े क्यों नहीं होते ? किसी मुस्लिम की मॉब लिंचिंग होती है तो उसके घर क्यों नहीं जाते ? फ़र्ज़ी मुक़दमें होते है तो उसके ख़िलाफ़ क्यों नहीं बोलते, यही सब वजह की देश के अंदर मुसलमानों का हाल बेहाल हो रखा है !
दोनों बड़े पॉलिटिशियन हैं, लेकिन दोनों के बयान बचकाने हैं।
एक तरफ़ जहां शिवपाल चाचा कभी अपनी पार्टी बनाकर ओवैसी साहब के साथ मीटिंग करते थे।
तो दूसरी तरफ़ बीजेपी वाले जो बोलते हैं उन्हें मुसलमानों का वोट नहीं चाहिए। वो मुसलमानों को भड़काने में लगे हैं।
मैं सपा वालों को बोलूंगा ऐसी बयानबाजी बंद होनी चाहिए।
@ProfNoorul इस समय सिर्फ यूपी ही नहीं देश के लगभग हर शहर में ओवैसी समर्थक हैं।
बदलाव के लिए एक एक वोट बहुमूल्य होता हैं यूपी में अब mim को नज़र अंदाज करना मतलब 5 साल और विपक्ष में बैठना।
सरफराज़ एक बार फिर सैकड़ा पार.....
घरेलू-क्रिकेट के सबसे सफल बल्लेबाज सरफ़राज़ खान ने आज फिर शानदार शतक लगाया..
रणजी ट्रॉफी के एलीट-ग्रुप में हैदराबाद के खिलाफ खेलते हुए 142 रन बनाकर नॉटआउट लौटे हैं।
कल भले वो डेढ़ सौ रन पूरा करे या दोहरा शतक बनाये, मगर अजीत आगरकर को उसकी परफॉर्मेंस नहीं दिखेगी। क्योंकि आगरकर-गंभीर की जोड़ी टेस्ट-टीम का चयन भी आईपीएल की परफॉर्मेंस देखकर करते हैं। #RanjiTrophy #SarfarazKhan
मुफ्ती शमाइल नदवी अपने उस्ताज़ के सामने....
भले ही आप पूरी दुनिया के लिए कितने ही बड़े क्यों न बन जाएं लेकिन अपने उस्दाज़ के सामने हमेशा छोटे बनकर रहना ये एक होनहार शागिर्द की सिफत होती है।
अब समझ आया मदरसे क्यों बंद करवाना चाहते हैं..
नदवी साहब ने सो कॉल्ड जावेद अख्तर को सीधे डिबेट में हरा दिया।
मदरसों में इतिहास, भूगोल, साइंस, रिसर्च के साथ साथ एहतराम सिखाया जाता है।
सपा और दूसरी पार्टी वालों को दुख इस बात का नहीं है की आज़म ख़ान जेल गए, उन्हें दुख इस बात का है ओवैसी क्यों नहीं गए, ये लोग देश के सभी मुसलमानों को जेल में ही देखना चाहते हैं, ये नहीं चाहते की मुसलमानों की बात करने वाला कोई जेल के बाहर रहे !
ये वही नवीन यादव हैं जिनके बारे में कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी साहब ने कहा था कि असदुद्दीन ओवैसी ने हैदराबाद के जुबली हील्स में कांग्रेस उम्मीदवार नवीन यादव को समर्थन दिया है। नवीन चुनाव जीत गए हैं और उन्होंने AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी से मुलाक़ात भी कि है। ये आज कि खूबसूरत तस्वीर है जो बताता है कि AIMIM उन्हें समर्थन देती है जो नफ़रत कि राजनीती को हराने का दम रखते हैं।
@ShayarImran शायर साँप CAA के प्रोटेस्ट के लिए बड़ी गाड़ियाँ और होर्डिंग बैनर लगाने की डिमांड करते हुए मुशायरे का रेट 6 लाख है,लेकिन इसमें कुछ लाख पचास खर्च करदो क़ौम की लड़ाई या क़ौम के लिए नज़्म पढ़ने का पैसा तो क़ौम से ही ऐंठना है शायर साँप को।🙄🫢
असद ओवैसी ने एक और गलती की है कि इसको महाराष्ट्र में वोट दिलवाया जिससे ये राज्यसभा जा सका, खैर ये भी राजनीति में कर रहे हैं जो दूसरे करते हैं, इनको भाषणों में सिर्फ़ ओवैसी विरोध ही दिखता है, मुसलमानों के भविष्य पर बात नहीं करते, जिस राज्य में इनकी सरकारें है वहाँ मुसलमानों पर हो रहे अत्याचार पर ये बात नहीं करते, पार्टी ने इन्हें ख़ुद की पार्टी के मुस्लिम नेताओं को निपटाने और मुस्लिम लीडरशिप के ख़िलाफ़ प्रोपगंडा फैलाने के लिए रखा वो काम ये अच्छे से कर रहे हैं !
महागठबंधन से सवाल बराबर होगा।
मुकेश साहनी की पार्टी ने 15 कैंडिडेट उतारे एक भी मुस्लिम कैंडिडेट नहीं। भागीदारी कहां है?
राजद लगातार जिसकी जितनी संख्या उतनी भागीदारी की बात करते हुए आ रही है उस हिसाब से उसने भी टिकट नहीं दिया।
कांग्रेस पार्टी ने भी यही किया और भागीदारी को दरकिनार किया।
अशोक गहलोत चाहते तो दो उप मुख्यमंत्री का प्रस्ताव भी रख सकते थे जिसमें एक मुस्लिम डेप्युटी सीएम भी उतार देते।
अशोक गहलोत और सचिन पायलट की आपसी रंजिश की वजह से राजस्थान में दुबारा कांग्रेस सरकार नहीं आ पाई।
अब ये मंच से बोल रहे हैं कि मुकेश साहनी उप मुख्यमंत्री बनेंगे।
तो क्या बिहार का मुसलमान अपना वोट बर्बाद कर रहा है? 20% वोट मुसलमान का चाहिए लेकिन उसको दरी पर बैठाएंगे।