Have you observed this disturbing pattern? The more you abuse Muslims, target Dalits, spew hatred make derogatory remarks about a community and sexualize women, the more access you seem to get to the top leaders of a particular ideology. Unfortunately, Such conduct is rewarded with recognition instead of condemnation.
स्वतंत्र भारद्वाज की गुंडागर्दी और दिल्ली पुलिस की तरफ से कोई कार्यवाही ना करने पर @TheNewspinch की तरफ से शानदार रिपोर्टिंग ,
मेरा मानना है विपक्ष को मिलकर इस स्वतंत्र भारद्वाज के स्वतंत्र घूमने के खिलाफ़ कार्यवाही के लिये दिल्ली पुलिस पर दबाव बनाना चाहिए , ताकि आने वाले समय में ऐसे आरोपी अपराध करने के लिये हजार बार सोचे ,
“भाजपा का गुंडा खुलेआम दावा कर रहा है कि जंतर मंतर पर प्रदर्शनकारी का उसने सर फोड़ा, और उसके भाजपा के नेताओं से घनिष्ठ संबंध है और उसको कोई कुछ नहीं करेगा! ये सब दिल्ली में हो रहा है और पुलिस मूक दर्शक बनकर बैठी हुई है”: कौकरोच जानता पार्टी के आशुतोष रंका
ये वही anchor हैं जो स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर बता रही थी कि कितने मुसलमान पाकिस्तान चले गए...कितने रह गए. लखनऊ की अदालत ने मुकद्दमा दर्ज करने का आदेश भी दिया था. दंगा भड़काने को लेकर News 18 के पत्रकारों पर केस हैं. सत्ताधारी पार्टी के एजेंडा पर सवाल करने के बजाय ये उनके निम्नस्तरीय नफ़रत एजेंडा को आगे बढ़ाते हैं. कोई शक़?
जंतर-मंतर पर हुए CJP प्रोटेस्ट के दौरान दिल्ली पुलिस ने फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम का इस्तेमाल किया था.
दिल्ली पुलिस ने SC को बताया था कि FRS ने क्रिमिनल रिकॉर्ड वाले 2,873 लोगों को चिन्हित किया. इनमें से कम से कम 25 ऐसे लोग थे, जिन पर हत्या और रेप जैसे गंभीर आरोप हैं.
पर दिल्ली पुलिस को स्वतंत्र भारद्वाज जैसे तथाकथित सनातनी गुंडे नहीं दिखे!
जयपुर स्थित प्राइवेट यूनिवर्सिटी @NimsUniversity एडमिनिस्ट्रेशन की बदतमीज़ी देखिए। कॉलेज की एक्स स्टूडेंट्स मुनीरा अपनी डिग्री अपलाई करने के लिए पटना से कई किलोमीटर का सफ़र तय करके अपने आठ महीने के बच्चे को लेकर जयपुर पहुंची। सुबह यूनिवर्सिटी एडमिनिस्ट्रेशन ने कहा कि आप फॉर्म भर कर ड्यूज क्लियर करा लीजिए। बेचारी महिला कड़ी धूप में अपने दूध पीते बच्चे को लेकर इधर उधर साइन कराने के लिए चक्कर काटती रहिए।
इस सबमें करीब सुबह 10 बजे से दोपहर हो गई। स्टूडेंट वेलफेयर डीन डॉक्टर दीक्षा के साइन कराने पहुंची तो उनके पीए ने छात्रा के साथ बहुत अभद्रता की। छात्रा ने बताया कि वो सिर्फ डिग्री के लिए बिहार से आईं हैं। लेकिन ऑफिस के बाहर खड़े पीए ने उन्हें कहा कि यहां से भाग जाओ और दो हफ्ते बाद आओ। हैरानी की बात है कि यूनिवर्सिटी एडमिनिस्ट्रेशन ने मुनीरा से डिग्री उनके पते पर पार्सल कराने के पैसे तक जमा करा लिए।
आप सोचिए कि प्राइवेट यूनिवर्सिटी में लाखों रुपए खर्च करने के बाद भी बच्चों को अपनी डिग्री हासिल करने के लिए कितना शोषण झेलना पड़ रहा है।
क्या यूनिवर्सिटी चेयरमैन तोमर साहब @nimschairman_ इस छात्रा की पुकार सुनकर यूनिवर्सिटी एडमिनिस्ट्रेशन की गलती मानकर डिग्री दिलवाएंगे या फिर मुनीरा जैसे हजारों छात्रों को डिग्री हासिल करने के लिए प्राइवेट यूनिवर्सिटी ऐसे ही चक्कर कटवाती रहेंगी। राजस्थान के माननीय शिक्षा मंत्री @madandilawar छात्राओं के लिए डिग्री हासिल करने की प्रक्रिया को आसान बनाना चाहिए।
साली तुम्हे प्यासा मारूंगी..पानी दूंगी तुझे , तुझे तो डंडो से मारूंगी और फिर लात , जूते और डंडों से मारते गए... मारते गए.. मारते गए।
ये हाल है @DelhiPolice का...नाम पूछ कर अब ये मारते पीटते हैं!
इन नफरती लोगों ने क्या हाल बना दिया है देश का..बेहद अफसोस😭 #4PM
ऐसे ही नेताओं से रिश्तों के दम पर ये शख़्स हिंसक बयान देता है . मुस्लिमों को मारने की धमकी देता है . दलितों पर हमले करता है और इसका कुछ नहीं बिगड़ता है .
स्वतंत्र भारद्वाज जैसे नफरती गुंडों की जगह जेल है .
नई दिल्ली: पत्रकार शाहीन खान और नफीसा खान के साथ पुलिस द्वारा कथित मारपीट के खिलाफ कल रात देर तक सैकड़ों लोगों ने साकेत पुलिस स्टेशन में प्रदर्शन किया।
यूथ कांग्रेस, AISA समेत कई सामाजिक कार्यकर्ताओं और वकीलों ने मारपीट करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR की मांग की, लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
4 PM की पत्रकार शाहीन को धार्मिक आधार पर पीटे जाने के BBC लंदन की पत्रकार रही हुदा जरीवाला ने दिल्ली पुलिस को दिखाया आइना ,
हुदा जरीवाला का दिल्ली पुलिस से किये गए ये सवाल आने वाले इतिहास में स्वर्ण पन्नों में लिखें जायेंगे ,
सलाम है ऐसे पत्रकारो पर ,
अंबेडकरवादी @Nishuazad11 के पिता को दक्षिणपंथी गुंडों ने पीटा, नीशू एफआईआर कराने के लिए गिड़गिड़ाती रही लेकिन स्वतंत्र भारद्वाज नामी गुंडा गिरफ्तार नहीं किया गया। अब वही गुंडा ऑन कैमरा अपना जुर्म ना सिर्फ स्वीकार रहा है, बल्कि उस पर शेखी बघार रहा है, जैसे उसने कोई बहुत बड़ा कारनामा अंजाम दिया हो। नीशू को भरोसा नहीं है कि मोदी शाह उनके साथ इंसाफ कर पाएंगे, उन्होंने @RahulGandhi से इंसाफ की गुहार लगाई है।
Have shame on u DCP Sachin Sharma. U are a blot on our society.
In a much more simpler attack on CM Rekha Gupta where she was slapped by a dog lover , u have made “Attempt to Murder” on the accused. He was in jail for months.
And here u are giving gyan. Shame on u.
These look like visuals from a coup in a banana republic… open loot & destruction in the heart of the city by BJP goons while police stayed away. What is going on in Bengal?
रात के 1 बजे दिल्ली के थाने के बाहर सैकड़ों लोग शाहीन के लिए न्याय मांग रहे हैं, लेकिन दिल्ली पुलिस FIR तक दर्ज नहीं कर रही. इससे ज्यादा शर्मनाक क्या होगा !
एक पत्रकार के साथ कथित तौर पर बर्बर मारपीट हुई और कार्रवाई पीड़ित पर नहीं, दोषियों पर होनी चाहिए.
मैं आज दिल्ली पहुँच रहा हूँ. शाहीन अकेली नहीं है.
दिल्ली पुलिस चाहे तो मुझे भी गिरफ्तार कर ले. देखता हूँ, सच के साथ खड़े होने से हमें कौन रोकता है.
जिन पुलिसकर्मियों पर मारपीट के आरोप हैं, उनके खिलाफ FIR दर्ज हो, निष्पक्ष जांच हो और जांच लंबित रहने तक उन्हें निलंबित किया जाए. कार्रवाई नहीं हुई तो मैं खुद धरने पर बैठूँगा.
पत्रकार को सवाल पूछने की सजा पिटाई नहीं हो सकती. सत्ता और पुलिस दोनों याद रखें ..सवाल न दबे हैं, न दबेंगे.
#DelhiPolice #ShaheenKhan #PressFreedom #JournalismIsNotACrime #4PMNews
BJP’s “Good Governance”. Double Engine style.
Vandalism. Violence. Lawlessness.
Both my offices( Amtala and Camac street) have been vandalised and ransacked in the last one month.
The POLICE and BJP goons seem to fear NEITHER THE LAW NOR THE JUDICIARY.
This is no longer mere lawlessness. This is open defiance of the rule of law.
If this does not shake the conscience of the judiciary, what will?
Shame on the cowardly CM @SuvenduWB , @AmitShah , @ombirlakota and @narendramodi . This is how the Opposition is being treated in India today @IPUparliament .
Will the Judiciary finally intervene to uphold the rule of law, protect constitutional rights and ensure that the authority of the Constitution is not reduced to a mere formality ?
डियर शाहीन और नफीसा डरना नहीं है आपके साथ हुई इस बर्बरता के खिलाफ पूरा देश आपके साथ खड़ा है!
एक मुख्यमंत्री से सवाल पूछने पर इतनी गंदी हरकत करने वालों से अब पूरा देश सवाल करेगा. डरो मत!