@WasimAkramTyagi Iski jitni galti hai usse zyada iske ghar walo ki galti hai jo apni behen betiyon ka thik se dhyan nahi rakhte.... Innalillahi wa inna ilaihi rajiun...
@ZakirAliTyagi Police ko pablic sarvent kaha jata hai... lekin yha dekh kar lgta hai ki jese aam aadmi in logon ke sarvent he... Public ke tax se palne wale xhiiiii....
मुसलमानों! याद रखो आप कश्मीर पर ख़ामोश थे तो फिर दूसरे राज्यों में ज़ुल्म हुआ,
आज बरेली पर ख़ामोश होंगे तो कल आप पर जुल्म होगा, इसीलिए बोलते रहो रुको नही 👇
#StopBareillyBulldozer
यह बहुत संख्यक समाज में पैदा हुए वो कीड़े हैं जो सत्ता के दम पर झूठ बोलकर दूसरों को बदनाम करते हैं। 80% आबादी और सत्ता, ज़ाहिर है चार मुँह के सामने एक मुँह की आवाज़ नहीं सुनाई देगी।
आज हलाला जैसे मुद्दे पर वे लोग तंज कस रहे हैं,
जो खुद सदियों तक औरतों को अमानवीय रीति-रिवाजों की आग में झोंकते रहे।
ये मज़ाक वे लोग उड़ाते हैं, जिनके यहाँ विधवा होते ही महिला को जीवन भर सफेद कपड़ों में, समाज से कटकर जीना पड़ता था।
ये वही लोग हैं, जिनके यहाँ विधवा को पुनर्विवाह (दूसरी शादी) का कोई अधिकार नहीं था, उसे अभिशाप की तरह जीवन काटना पड़ता था।
और ये वही लोग हैं, जिनके समाज में पति की मौत के बाद पत्नी को उसकी चिता पर ज़िंदा जला दिया जाता था।
ये इस्लाम है जिसने सबसे पहले औरत को पुनर्वाह का अधिकार दिया और बाद में पूरी दुनियाँ में इसे अपनाया गया।
कुछ लोग “हलाला” के नाम पर इस्लाम को बदनाम कर रहे हैं। जबकि सच्चाई यह है कि कुरान में “हलाला” शब्द कहीं नहीं आया है।
कुरान की सूरत अल-बक़रह (2:230) में साफ़ कहा गया है कि:
“फिर अगर वह (पति) उसे (पत्नी को) तीसरी बार तलाक़ दे दे तो वो औरत उस से दोबारा शादी के लिए हराम है, हाँ अगर वो औरत किसी और मर्द से शादी करले और अगर वो भी तलाक दे दे जो योजना बद्ध तरीक़े से ना किया गया हो तो पहला पति उससे दोबारा निकाह कर सकता है।”
लेकिन यह शादी अगर योजनाबद्ध तरीके से कोई करता है वो अपराध है
और पूरे दुनिया में पिछले 50 सेल के रिकॉर्ड में गिन कर भी 5 केस भी नहीं हैं हलाला के नाम, पर इस्लाम से नफ़रत करने वाले एक अखबार का कटिंग शेयर करके रोना रोते हैं, अरे वो एक अपराध है जैसे ब्लात्कार ना की इस्लाम की वो कोई रीति है और उस से ज़्यादा तो हर महीने इस देश में लड़कियों के ब्लात्कार हो जाते हैं पर उसकी कोई चर्चा नहीं।
@KGBMosad007 @MohdSameerInd @CommonBS786OM Dear "KAFIR" zara ek bar car se ya bike se inhe side markar dekhna ya zara sa inke aage aa jana bas teri sari hamdardi nikal jayegi..
अभी तक इस हुनुद की गिरफ्तारी नहीं हुई और मुसलमान भूल भी गए कि इसने पाक काबा शरीफ की बेहुरमती की है।
इसलिए ही हर कोई हमारे मजहब पर टिप्पणी कर जाता है क्योंकि मुसलमान तो भटक गए हैं सो गए हैं।। अफसोस
#ArrestShubhankarMishra