सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग का जॉइंट-डायरेक्टर रिश्वत लेते गिरफ्तार:
अजमेर में घर पर 3 लाख लेते पकड़ा;
बिल पास करने की एवज में मांगी थी घूस
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No one killed 6 Dalits in Nagaur.
डूब मरो राजस्थान के नेताओं ।डांगावास में 6 दलितों की हत्या के सभी 40 आरोपी बरी हो गए और आपलोगों के मुंह से उफ़ तक नहीं निकला। किसी ने तो मारा होगा या कोर्ट कह देता कि सभी ने खुद हीं जान दे दी।
करोड़ो रुपए खर्च करके RajKaj सॉफ्टवेयर इसलिए लाया गया था ताकि सिस्टम में पारदर्शिता बढ़े। फाइल स्टेटस आसानी से ट्रैक हो सके। राजकाज पर फाइल कहां से मूव हुई है, वर्तमान में किस अधिकारी/कर्मचारी के पास पेंडिंग है और कितने दिनों से पेंडिंग है सब पता चलता था। इससे संबंधित को अनावश्यक भटकना नहीं पड़ता था, और गुमराह किए जाने की गुंजाइश कम रहती थी।
अब राजकाज सॉफ्टवेयर में से फाइल स्टेटस चेक करने का ऑप्शन ही हटा दिया गया है। इस सॉफ्टवेयर्स के अपडेट्स के नाम पर भी लाखों करोड़ों रुपए खर्च होते हैं। करोड़ों खर्च करने के बाद, राजकाज के आधारभूत फीचर को ही हटा देना, किसी की गलत मंशा की ओर इशारा करता है।
क्या पब्लिक मनी वेस्टेज का एग्जाम्पल सेट हो चुका है राजकाज ?
इंसान गाढ़ी कमाई से लाखों की गाड़ी ख़रीदे।
और फिर जूस वाले मंत्री की कृपा से गाड़ी में गन्ने का जूस भरे-भुगते।
कहना नहीं चाहिए- एथेनॉल के नाम पर सरकार ने लोगों की मार के रखी है।
कहा था- एथेनॉल आने से पेट्रोल सस्ता होगा, लेकिन यहां तो गाड़ी ही ख़राब हो रही है।
@INCIndia आपने मरने वालों के लिए कुछ नहीं मांगा!
चूंकि मरने वाली गांव देहात की गरीब महिलाएं हैं।।
हत्या पर 5 करोड़।जन्में बच्चों के लिए मुफ्त शिक्षा,,नौकरी।कंपनी की मान्यता रद्द हो और देश द्रोह का केस हो।
मंत्री इस्तीफा दे,सरकार माफी मांगे।
कंपनी का मालिक आजीवन जेल में जाएं।
@RahulGandhi
BJP के 'जानलेवा सिस्टम' ने 5 महिलाओं को मौत के घाट उतार दिया।
मामला राजस्थान के कोटा का है, जहां सिजेरियन डिलिवरी के बाद महिलाओं को दवाई की जगह पानी का इंजेक्शन लगा दिया गया।
BJP के इस 'करप्ट मॉडल' में गरीब जनता एक भरोसे के साथ सरकारी अस्पताल जाती है, लेकिन उसे मिलती है तो सिर्फ मौत।
ये घटना BJP सरकार में स्वास्थ्य सुविधाओं के दावों की धज्जियां उड़ा रही है, जिसमें गरीबों को कीड़ा-मकोड़ा समझा जाता है और सत्ता में बैठे लोग मौज उड़ाते हैं।
शर्म आनी चाहिए।
41 हजार क्विंटल से अधिक गेहूं खुले में पड़ा है। बारिश में पाँच बार भीग गया। किसानों की 12 करोड़ से अधिक राशि अटक रही है। राजफेड ने जवाब भी मांग लिया। पर कुछ कार्रवाई होगी या ??? 🤨🤨
देखिए, लगातार जो है, मेडिकल स्टोर के प्राइवेट हॉस्पिटल के भुगतान नहीं हो रहे है, जिसकी वजह से मैं समझता हूं बहुत बड़ी परेशानी लोगों के सामने खड़ी हो चुकी है। लंबे समय से पेमेंट नहीं हो रहा है, लगभग 3000 करोड़ रुपए बाकी हैं, जो सरकार उनका भुगतान नहीं कर रही है।
दूसरी सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि RGHS के अंदर जो कर्मचारी हैं और जो पेंशनर्स हैं, उनका पैसा कट रहा है। वह पैसा हर महीने मेडिकल के नाम पर काटा जाता है, लेकिन जब मेडिकल की जरूरत होती है तो सरकार भुगतान नहीं कर रही है। उनको सुविधा ही नहीं मिल पा रही, उनको दवाइयां नहीं मिल पा रही हैं, उनका इलाज नहीं मिल पा रहा है, तो कहां जाएंगे ये लोग?
काफी समय से यह परेशानी उनके सामने आ रही है और सरकार सुनने को तैयार नहीं है। सरकार अलग-अलग मॉडल की बात कर रही है, तो कब लेकर आएंगे मॉडल? जनता तो परेशान है, लोग तो परेशान हैं। पैसे देने के बाद भी इलाज नहीं हो पा रहा है, यह भयंकर स्थिति है।
मैं समझता हूं सरकार को इस पर निर्णय लेना चाहिए। बहुत लंबा समय बीत चुका है और सरकार ने चुप्पी साध रखी है।
RGHS हाल के सालों में सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों की सबसे पसंदीदा योजना है , इस योजना को बंद करना या इंश्योरेंस में बदलना अच्छा फैसला साबित नहीं होगा
अगर योजना में लीकेज है तो इतने संसाधन है इसे रोकने के लिए @BhajanlalBjp@GajendraKhimsar
RGHS योजना से सरकार पर व्यय भार ज्यादा आ रहा है बहुत सी गडबडियाँ और लीकेज है - गजेन्द्र सिंह खिंवसर चिकित्सा मंत्री
माननीय आपके बताने की जरूरत नही है आपके इरादें पहले से ही नेक नही है बंद करने की फिराक में हों लेकिन योजना से छेडछाड की कोशिश की गई तो ईंट का जवाब भाटे से दिया जायेगा.😡
भाजपा सरकार में शिक्षा व्यवस्था के पूरी तरह "फेल" और "शिक्षक विरोधी" होने का इससे बड़ा सबूत और क्या होगा!
शिक्षा मंत्री के अपने ही विधानसभा क्षेत्र में शिक्षक सड़कों पर हैं, शवयात्रा निकाल रहे हैं.. शर्मनाक।
सरकार को शिक्षकों की भावनाओं का सम्मान करते हुए जल्द से जल्द उनकी मांगों का समाधान निकालना चाहिए। @RajCMO