The father of Nishu Azad should be investigated under Section 75 of the Juvenile Justice (Care and Protection of Children) Act, 2015 - cruelty to a child.
The father needs to go to jail. The daughter needs to go to school. Period.
पुलिस पॉलिटिकल प्रेशर में है
हम कोर्ट से निशु के पिता पर FIR करवाएंगे।
एडवोकेट: आपसी लड़ाई में स्वतंत्र भारद्वाज पर SC/ST एक्ट और POCSO की धाराएं लगाना गलत है।
धन्यवाद Times Now। 😄
इस बाप-बेटी की जोड़ी का दावा खुद उनकी बातों में उलझता नजर आ रहा है।
संजय आज़ाद कह रहा है “वीडियो AI का है।”
बेटी निशु आज़ाद कह रही है “पापा, आपने AI बोला? नहीं, AI नहीं है।”
अब फैसला कौन करे? 😂
दूसरों को एक्सपोज करने निकले थे, लेकिन अपनी ही बातों के विरोधाभास में फँस कर एक्सपोज़ हो गए। इसी तरह की मनगढ़ंत कहानी जड़ कर इन दोनों ने स्वतंत्र भारद्वाज को फसाया है। कहानी अभी बाकी है! कुछ देर में इन दोनों का बयान आयेगा गोदी मीडिया था।
देख लो @ajitanjum बढ़िया से ट्रेनिंग नहीं देने का अंजाम!
एक और नया वीडियो:-
स्वतंत्र भारद्वाज पर निशु के पिता और उसके गुंडों द्वारा मारपीट का एक और वीडियो……
देखिए कैसे गुंडों ने घेरकर बेरहमी से पीटा। निशु आजाद भी पढ़ाई-लिखाई छोड़कर मौके दिख रही है….
इन पर FIR कब? इन गुंडों की गिरफ्तारी कब? दिल्ली पुलिस का दोहरा रंग क्यों?
28.04.2023 को माननीय सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया था कि
देवी-देवताओं के अपमान के मामले में पुलिस किसी के शिकायत की प्रतीक्षा नहीं करेगी बल्कि स्वतः संज्ञान लेकर FIR करेगी लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है
WP(C) 943/2021
चंद्रशेखर आज़ाद शांतिपूर्ण रैली निकाल रहे हैं, समर्थकों के हाथों में फूल-मालाएँ हैं।
फूल-मालाएँ देखकर लगता है कि देश आज भी संविधान से नहीं, मनुस्मृति से ही चल रहा है!
जय अफीम..
सरकारी पैसों की बर्बादी देखिए..
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के पैतृक घर में पिछले 20 साल से कोई नहीं रहता है लेकिन उस घर की सुरक्षा के लिए पिछले 20 साल से PAC का पूरा कैंप ड्यूटी देता है जिसमें 15 जवान चौबीसों घंटे तैनात रहते हैं!
टैक्स पेयर के पैसों की ऐसी बर्बादी इतिहास में आपने आज तक नहीं सुनी होगी.!
राजीव रंजन की पत्रकारिता को भी भी सलाम करता हूँ जिन्होंने ये सच दुनियां को दिखाया!
This account is run by her father. Isn't this child abuse using a minor daughter for your livelihood?
Will @NCPCR_@CHILDLINE1098@wpl1090@savitrii4bjp@DCPCR@KanoongoPriyank will take any action or keep allowing deranged farthers to exploit their daughters for personal gain?
चंद्रवती ने 10 साल में SC/ST एक्ट के कथित दुरुपयोग से पाए 46 लाख रुपये
अलीगढ़। उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के हस्तपुर गांव में चंद्रवती देवी और उनके परिवार पर अनुसूचित जाति (SC) से जुड़ी वित्तीय सहायता योजनाओं का कथित दुरुपयोग कर करीब 46 लाख रुपये प्राप्त करने का आरोप लगा है। मामले को गंभीर बताते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की सदस्य डॉ. अर्चना मजूमदार ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) के अध्यक्ष किशोर मकवाना को पत्र लिखकर जांच की मांग की है।
पत्र के अनुसार, पिछले 10 वर्षों में चंद्रवती देवी और उनके परिवार से जुड़े करीब 15 मामले दर्ज किए गए। इनमें से कई प्रकरण SC/ST (Prevention of Atrocities) Act, 1989 के तहत बताए गए हैं। आरोप है कि इन मामलों से जुड़ी सरकारी वित्तीय सहायता के रूप में परिवार ने करीब 46 लाख रुपये प्राप्त किए। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
डॉ. मजूमदार ने मामले की गहन जांच कर यह सुनिश्चित करने की मांग की है कि सरकारी सहायता वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचे। साथ ही, यदि जांच में किसी तरह की अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
यह मामला SC/ST योजनाओं के कथित दुरुपयोग पर गंभीर सवाल खड़े करता है। सामाजिक कार्यकर्ता नरेश कुमार ने कहा कि ऐसी अनियमितताओं को रोकने के लिए निगरानी और सत्यापन प्रक्रिया सख्त होनी चाहिए, ताकि वास्तविक जरूरतमंदों को नुकसान न हो।
अब सभी की निगाहें राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग की जांच पर हैं। यदि आरोप साबित होते हैं, तो यह मामला SC/ST कानून और योजनाओं के दुरुपयोग के खिलाफ एक महत्वपूर्ण मिसाल बन सकता है।
भारत सरकार ने देश की रक्षा सुनिश्चित करने हेतु, फिर से भाजपा के आत्मसम्मान की बलि ले ली है। मुझे पर्सनली बुरा फील हो रहा है, पर क्या करूँ, बोलना तो पड़ेगा।
तीन नल्लों ने सरकार को धमकी दी कि यदि उनकी माँगे नहीं मानी गईं तो वो आंदोलन करेंगे। यह सुन कर ही ५६ इंच ५ दशमलव ६ में बदल गया, और TENET के इनवर्शन हमें देखने को मिला। एरियल रेडियो के भीतर समा गया।
मैं तो कहना नहीं चाहता पर लोग कह रहे हैं कि अबकी बार सरेंडर सरकार! सरकार ने दिल्ली पुलिस पर पत्थर मरने वालों के केस माफ़ करवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में दलील दी, फिर तिलचट्टों के प्रदर्शन के विरोध में कोर्ट से कहा कि इस पर रोक लगायी जाए, जो कोर्ट ने रिफ्यूज़ किया क्योंकि 50 दिन पहले जो दिल्ली में हुआ उसे कोर्ट भूल चुकी है।
फिर सरकार ने अगले दिन की डेट माँगकर तिलचट्टों के केस माफ़ करवाये, और तिलचट्टों ने कहा जा, नड्डा जी ले अपनी जिंदगी। नड्डा जी ने स्पीच दे दी कि विद्यार्थियों के भविष्य को देखते हुए…
एक मिनट! विद्यार्थियों के भविष्य या पार्टी का, नड्डा जी? विद्यार्थियों के भविष्य की चिंता होती तो आप CBSE में OSM नहीं ले आते बिना किसी पायलट प्रोजेक्ट के, यदि उनके भविष्य की चिंता होती तो आप UGC नहीं लाते, यदि उनके भविष्य की चिंता होती तो आप पेपर लीक पर NTA को बचाने में नहीं लगे रहते और सीबीएसई का चेयरमैन कोई पशुपालन विभाग का IAS नहीं बना दिया जाता!