ऐसा लग रहा है कि देश में लोकतंत्र खत्म हो चुका है और अब यह पुलिस स्टेट बन चुका है। राजस्थान से लेकर पश्चिम बंगाल तक विपक्षी पार्टियों को पुलिस और सरकारी एजेंसियों के जरिए कुचला जा रहा है।
पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को आज ���रीब बीस साल पुराने मामले में गिरफ्तार कर लिया गया है। पहले तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार की उम्मीदवारी वापस करवाई और कांग्रेस उम्मीदवार को गिरफ्तार कर लिया। अगर सच में कोई जुर्म हुआ था तो पुलिस की नींद बीस साल बाद आज ही क्यों खुली? यह गिरफ्तारी नहीं, जैसा श्री @RahulGandhi कहते हैं यह ��ुनाव की चोरी है।
इधर राजस्थान में निकाय चुनावों में भाजपा सरकार ने पुलिस का जो दुरुपयोग किया, वह तो इतिहास में दर्ज हो चुका है, कोई पार्टी सिर्फ चेयरमैन-मेयर बनाने के लिए सत्ता का इतना बेशर्माई से दुरुपयोग कर सकती है, यह पहली बार देश ने देखा है। यह लोकतंत्र नहीं, भय और दमन का राज है, देश की जनता सब देख रही है। हमें विश्वास है कि समय आने पर करारा जवाब देगी।
It seems that democracy has come to an end in the country, and India has now become a police state. From Rajasthan to West Bengal, opposition parties are being targeted and suppressed through the police and government agencies.
In Nandigram, West Bengal, Congress candidate Milan Pradhan was arrested today in connection with a case that is around twenty years old. First, the Trinamool Congress candidate was made to withdraw his candidature, and then the Congress candidate was arrested. If a crime had actually been committed, why did the police wake up today, after twenty years?
This is not an arrest; as Shri @RahulGandhi says, this is "Election Chori."
Meanwhile, in Rajasthan, the way the BJP government misused the police during the local body elections has already gone down in history. The country has perhaps never before seen a political party misuse government power so blatantly just to get its candidates elected as chairpersons and mayors.
This is not democracy; this is a rule of fear and intimidation. The people of the country are watching everything. We are confident that when the time comes, they will give a fitting reply.
जयपुर के पुरोहित जी के कटले में हुए भीषण अग्नि��ांड के प्रभावितों ने अपनी पीड़ा बताई, सरकार की तरफ से कोई प्रतिनिधि न आने तथा नगर निगम द्वारा सुनवाई न किए जाने से प्रभावित व्यापारियों के बीच नाराज़गी है। सरकार को इन्हें राहत देने के लिए तत्काल कोई कदम उठाना चाहिए।
जयपुर के पुरोहित जी के कटले में अग्निकांड से प्रभावित लोगों से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत:
पत्रकार: सर, दिवाली से पहले यह बहुत बड़ा हादसा है, जिसमें व्यापारियों का करोड़ों का नुक़सान हुआ है। इंतज़ामात को लेकर आप क्या कहेंगे?
जवाब: यह जयपुर का सबसे पुराना बाज़ार है। मुझे बताया गया है कि यहाँ जो फ़ायर फ़ाइटिंग सिस्टम था, उसे पूरी तरह से दुरुस्त (फूलप्रूफ) करके चालू रखना चाहिए था। इसमें जो कमी रही, वह एक बहुत बड़ी लाप��वाही है।
हालांकि, मैं SDRF और फ़ायर फ़ाइटिंग टीम की तारीफ़ करूंगा कि वे समय पर आ गए और बेहतरीन काम किया। लेकिन यह नगर निगम की ड्यूटी है कि सरकार बदलने के बावजूद, अधूरे या पूरे हो चुके फ़ायर सिस्टम को सक्रिय और परफेक्ट रखा जाए। इमारतों को जो NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) मिलती है, वह पूरी जांच-पड़ताल और मानकों को परखने के बाद पूरी निष्पक्षता से दी जानी चाहिए। इस मामले में निगम और संबंधित विभागों की भार��� लापरवाही सामने आई है।
कई बार राजनीतिक दबाव में NOC दे दी जाती है, जो कि बहुत ग़लत है और इसी से ऐसे हादसे होते हैं। मुझे जानकारी मिली है कि पास की ही किसी बिल्डिंग में एक भाजपा नेता ने दबाव डालकर NOC दिलवाई है। मैं नाम लेना उचित नहीं समझता, लेकिन सरकार से मांग करता हूँ कि तुरंत आसपास की उन सभी बिल्डिंगों की जांच हो जिन���हें दबाव में NOC दी गई है और पुनः जांच-पड़ताल करें ताकि ओर कोई हादसा नहीं हो जाए।
इस घटना के बाद सरकार को जयपुर की सभी पुरानी बिल्डिंगों की गहन जांच करवानी चाहिए।
हमने दिल्ली, लखनऊ, राजकोट और सूरत में आगजनी के भयानक हादसे देखे हैं। जयपुर के SMS अस्पताल के ICU में भी आग से सात लोगों की जान चली गई थी। ईश्वर की कृपा रही कि इस घटना में कोई जनहानि (कैज़ुअल्टी) नहीं हुई। यह अंदर का इलाका है, सोचिए अगर मार्केट खुला होता तो लोग दुकानों से बाहर तक नहीं निकल पाते। सरकार नगर निगम और संबंधित विभागों की एक स्पेशल टीम बनाए जो यह सुनिश्चित करे कि भविष्य में ऐसी घटना किसी कीमत पर न हो।
पत्रकार: सर, व्यापारियों द्वारा मुआवज़े की भी मांग की जा रही है।
जवाब: हैरानी की बात है कि अब तक सरकार का कोई नुमाइंदा या मंत्री यहाँ नहीं आया है। पड़ोस के एक विधायक आए और चले गए। अगर कोई मंत्री यहाँ आता, तो लोगों का हौसला बढ़ता कि सरकार का ध्यान इस ओर है।
यहाँ करीब 20 दुकानें जलकर बर्बाद हो गई हैं। 20 साल से काम कर रहे एक व्यापारी मुझे मिले, जिनकी 5 दुकानें राख हो गईं। वे ईमानदारी से GST और यूडी टैक्स भरते हैं। उनका 1 करोड़ 60 लाख रुपये का बीमा है, लेकिन नुक़सान कई करोड़ों का हुआ है। अब वे इस बात को लेकर परेशान हैं कि बीमा कंपनी उन्हें क्या क्लेम देगी।
ऐसे समय में सरकार को तुरंत हस्तक्षेप (Intervene) करना चाहिए। सरकार व्यापारियों से बातचीत करे और मॉनिटरिंग करे ताकि इंश्योरेंस कंपनी बिना किसी अड़चन के उन्हें अधिकतम मुआवज़ा दे सके। इससे व्यापारियों में यह विश्वास जगेगा कि सरकार उनके साथ खड़ी है।
मैं उम्मीद करता हूँ कि सरकार तुरंत हरकत में आएगी। व्यापारियों को मुख्यमंत्री आवास बुलाकर या उनके साथ मीटिंग कर उन्हें विश्वास में ले, उनकी तकलीफें सुने, आग लगने के कारणों की निष्पक्ष जांच करवाए और तत्काल उनकी हर संभव मदद करे।
गत दिवस जयपुर के पुरोहित जी के कटले में हुए भीषण अग्निकांड के बाद आज मौके पर जाकर नुकसान का जायज़ा लिया एवं प्रभावित व्यापारियों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया।
हादसे से हताश व्यापारियों की पीड़ा है कि राज्य सरकार की ओर से अब तक उनसे मिलने भी कोई नहीं आया। सरकार संवेदनशीलता दिखाते हुए राज्य सरकार के प्रतिनिधियों को पीड़ित व्यापारियों से मुलाकात कर सभी प्रभावितों को अविलंब उचित मुआवजा देना चाहिए।
डेगाना, कुचेरा में अनैतिक तरीके से भाजपा का चेयरम��न के प्रयास चल रहे हैं। कल भरतपुर में निर्दलीय मेयर प्रत्याशी के प्रतिष्ठानों पर प्रशासन ने धमकाया और आज स्वयं गृहराज्य मंत्री ने पहुंचकर प्रत्याशी का नामांकन वापस करवा दिया।
राजस्थान के मुख्यमंत्री के गृह जिले में सरकार के मंत्री जाकर लोकतंत्र की हत्या कर रहे हैं। भरतपुर की जनता ने भाजपा को नकार दिया था। वहां 65 में से 20 ही पार्षद जीत पाए थे। इसके बावजूद सरकार और पूरा प्रशासन मिलकर अलोक��ांत्र���क तरीके से भाजपा का मेयर बना रहे हैं।
भाजपा राजस्थान में सरकार के दुरुपयोग की नई परंपरा डाल रही है। यह राजस्थान के लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण एवं निंदनीय स्थिति है।
प्रदेश का किसान आज दोहरी मार झेल रहा है, न राम साथ दे रहा है, न राज। मानसून ने धोखा दिया तो फसलें सूखने लगीं, और जब खाद की जरूरत पड़ी तो वह भी नसीब नहीं हो रही। प्रदेशभर की सहकारी समितियों में खाद वितरण व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है, किसान सुबह से शाम तक इधर-उधर भटक रहे हैं, ऑनलाइन बुकिंग के बावजूद खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
हालात इतने बिगड़ गए हैं कि सहकारी कर्मचारी संगठनों को खाद कारोबार बंद करने की चेतावनी तक देनी पड़ रही है। जिस सरकार को ��मय पर खाद और सिंचाई की व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए थी, वह मूकदर्शक बनी बैठी है। अन्नदाता प्रकृति की मार और सरकार की लापरवाही, दोनों के बीच पिस रहा है। भजनलाल जी, कम से कम खाद की व्यवस्था तो सुनिश्चित कीजिए, किसान का धैर्य अब जवाब दे रहा है।
पहले झुंझुनूं में होटल में घुसकर तलाशी, फिर नीमराना में पार्षद के परिजन को उठाना, कापरेन में पीहर जा रही महिला पार्षद को रोकना, और अब बीकानेर में सरकारी नोटिस का हथियार, हर जगह एक ही स्क्रिप्ट चल रही है। नगर निगम बोर्ड बनाने के लिए भाजपा किस हद तक गिर सकती है, इसका एक ताजा नमू��ा बीकानेर से सामने आया है।
बीकानेर के रानी बाजार स्थित होटल को लेकर इसके मालिक और नवनिर्वाचित कांग्रेसी पार्षद श्री मनोज विश्नोई को बीडीए ने अचानक नोटिस थमा दिया है और सिर्फ 2 दिन की मोहलत देकर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
यह प्रशासन नहीं, प्रशासन के नाम पर चलाया जा रहा भाजपा का डर और दबाव तंत्र है। पार्षद श्री मनोज विश्नोई ने साफ कह दिया है, "हम डरने वाले नहीं हैं", यही जवाब काफी है इस गुंडाग���्दी का।
@BhajanlalBjp जी, बोर्ड जीतने के लिए कानून का इस्तेमाल हथियार की तरह मत कीजिए। प्रशासनिक अधिकारियों को भी ध्यान रखना चाहिए कि सरकारें बदलती रहती हैं, लेकिन अपने दायरे से बाहर जाकर काम करने पर उनकी जवाबदेही तय की जाएगी।
भारत की जनता को यह क्रॉनोलॉजी जरूर समझनी चाहिए।
यही बात नेता प्रतिपक्ष श्री @RahulGandhi बार-बार देशवासियों को समझा रहे हैं कि मोदी स���कार भारत की जनता की बजाय अमेरिका की सरकार के इशारों पर काम कर रही है। फायदा अमेरिका का और नुकसान भारत की जनता का, यह कैसा आत्मनिर्भर भारत है।
11 जून 2025- केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने खुद X पर पोस्�� कर कहा कि यूपीआई पर MDR चार्ज लगाने के दावे झूठे, बेबुनियाद और भ्रामक हैं, सरकार मुफ्त डिजिटल भुगतान के प्रति प्रतिबद्ध है।
मार्च 2026- अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यालय के अधीन काम करने वाली संस्था USTR (यूनाइटेड स्टेट्स ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव) ने अपनी रिपोर्ट में भारत की यूपीआई नीति को वीजा-मास्टरकार्ड जैसी अमेरिकी कंपनियों को नुकसान पहुंचाने वाली बताया।
सितंबर 2026- भारत सरकार ने 2000 रुपए से अधिक के य��पीआई लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत चार्ज लगाने का ऐलान कर दिया।
अमेरिकी सरकार और अमेरिकी कंपनियों के दबाव में कुछ ही महीनों बाद भारत सरकार ने अपना रुख बदल दिया। इस पूरे फैसले का नुकसान सीधे आम जनता और छोटे व्यापारियों को भरना पड़ेगा, जबकि फायदा वीजा-मास्टरकार्ड जैसी अमेरिकी कंपनियों को मिलेगा।
राजस्थान में लोकतंत्र की सरेआम लूट हो रही है। मुख्यमंत्री कार्यालय से एक IAS अधिकारी कलेक्टरों और SDMs को धमका रहा है कि कैसे भी भाजपा का बोर्ड बनाएं। चेयरमैन और मेयर बनने के लिए भाजपा निर्दलीय और दूसरे दलों के पार्षदों को करोड़ों रुपए की रिश्वत बांट रही है, जो नहीं मानते उन्हें पुलिस भ��जकर जबरन उठवाया जा रहा है, धमकाया जा रहा है।
सोचिए, जो व्यक्ति करोड़ों रुपए खर्च कर मेयर-चेयरमैन बनेगा, वह जनता की सेवा करेगा या अपनी लगाई पूंजी वसूलने में जुटेगा? जितनी बड़ी रिश्वत उतनी ही बड़ी वसूली, और वह वसूली होगी जनता के लिए बनने वाली सड़कों, पट्टों, नालियों और हर छोटे-बड़े काम की फाइल से। अगले पांच साल जनता को अपने ही शहर में हर काम के लिए बड़ी रिश्वत देनी पड़ेगी। यह सिर्फ भाजपा की राजनीति नहीं, आपकी जेब पर सीधा डाका है। जनता को अब जागना होगा, वरना यह लूट आपके दरवाजे तक पहुंच��ी तय है।
देवधाम जोधपुरिया में चल रहे लक्खी मेले के दौरान हुए करंट हादसे में जयपुर निवासी श्रद्धालु श्री पीयूष गु���्जर की मृत्यु होना बेहद दुखद एवं दुर्भाग्यपूर्ण है। शोकाकुल परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं, ईश्वर उन्हें इस कठिन समय में संबल प्रदान करें एवं दिवंगत की आत्मा को शांति प्रदान करें। हादसे में घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं।
"एक बार इंदिरा गांधी जी से पूछा गया कि उनका झुकाव लेफ्ट की ओर है या राइट की ओर...? उनका जवाब था - मेरा झुकाव न लेफ्ट है, न राइट, मैं रीढ़ सीधी रखती हूं। लेकिन मोदी जी का सिद्धांत अलग है, उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप के सामने सीधे लेट जाने का फैसला किया है। उन्होंने अमेरिका को भारी मुनाफा पहुंचाने के लिए UPI पर चार्ज लगाकर हर एक भारतीय पर टैक्स थोप दिया है। मोद��� जी, रीढ़ सीधी कीजिए और UPI टैक्स वापस लीजिए।" - श्री @RahulGandhi , नेता प्रतिपक्ष।
जनता ने नकार दिया तो भाजपा अब पुलिस के दम पर बैकडोर से चेयरमैन और सभापति बनाने में जुट गई है।
झुंझुनूं के मंडावा में कांग्रेस और कांग्रेस समर्थक पार्षदों पर छापामारी, कापरेन में पीहर जा रही निर्दलीय महिला पार्षद को पुलिस से परेशान करवाना, नीमराना में महिला पार्ष�� के जेठ को जबरन उठवा लेना, यह कोई इक्का-दुक्का घटना नहीं, पूरे प्रदेश में एक ही स्क्रिप्ट चल रही है। पुलिस भेजकर नवनिर्वाचित पार्षदों को डराया जा रहा है, धमकाया जा रहा है, ताकि जबरन भाजपा को समर्थन मिल जाए। यह सीधा-सीधा जनादेश पर डाका है, लोकतंत्र को भयतंत्र में बदलने की साजिश है।
मुख्यमंत्री जी, पुलिस जनता की सुरक्षा के लिए है, भाजपा की सत्ता लोलुपता के लिए नहीं। पुलिस महानिदेशक को सुनिश्चित करना चाहिए कि पुलिस द्वारा लोकतंत्र की यह हत्या न हो।
@PoliceRajasthan @RajCMO
लगभग आधा राजस्थान अब सूख रहा है और भाजपा सरकार सो रही है। खेतों में लहलहाती फसलें अ��� जलने लगी हैं, बांधों का पानी दिन-ब-दिन घट रहा है जिससे जल आपूर्ति का अंतराल बढ़ने लगा है और आने वाले दिनों में पीने का पानी की कमी पड़ने वाली है, फिर भी सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही।
अभी तक न कोई सूखाग्रस्त इलाकों का सर्वे हुआ है, न कोई राहत पैकेज देने की बात आई है। यह सरकार की नीयत साफ बताती है, इन्हें सिर्फ चुनाव और कुर्सी से मतलब है, किसान और आम जनता की चिंता से नहीं।
आखिर कब भाजपा सर���ार राजस्थान के किसानों और आम जनता की ओर ध्यान देगी?
अमीर व्यापारियों के लाखों करोड़ रुपये के लोन माफ करने वाली मोदी सरकार अब 2000 रुपए से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर 0.4 प्���तिशत तक चार्ज वसूलने जा रही है। इसका सबसे ज्यादा असर छोटे दुकानदारों और व्यापारियों पर पड़ेगा।
इस संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता कि ��स चार्ज का बोझ आखिर में ग्राहक पर ही पड़ेगा। ऐसे कदम बार-बार साबित करते हैं कि ये सरकार गरीब, मिडिल क्लास, छोटे व्यापारी को लूटने और अमीरों की जेब भरने का काम कर रही है।
डीडवाना-कुचामन के नावां में हुए एक भीषण सड़क हादसे में पति-पत्नी एवं बेटी समेत 4 लोगों की मृत्यु बेहद दुखद एवं हृदयविदारक है। शोकाकुल परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। ईश्वर उन्हें सम्बल प्रदान करें एवं दिवंगतों की आ��्मा को शांति प्रदान करें।