विदेश में रहने के बाद भारतीयों को सबसे ओड चीज जो लगती है वह है आईएएस / पीसीएस अफ़सर.
भारत की सबसे प्रेस्टीजियस जॉब होती है आईएएस पीसीएस. भारत के सबसे टैलेंटेड बच्चे - डेढ़ अरब जनसंख्या का सर्वश्रेष्ठ दिमाग़ जिस काम में लगाया जाता है उस काम की कोई आवश्यकता ही नहीं.
दुनिया के शायद ही किसी विकसित देश लोकतांत्रिक देश में ज़िलाधिकारी, अप जिलाधिकारी टाइप पोस्ट होती हों. अमेरिका में तो किसी को ये कॉन्सेप्ट भी नहीं समझाया जा सकता कि लोकतंत्र में लोगों को अपने ऊपर एक अधिकारी की आवश्यकता होती है जिसे वह न चुन सकते हैं न हटा सकते हैं. सामान्य प्रशासन के लिए यहँ एक सीईओ होता है काउंटी में जिसे जनता चुनती है. फिर टैक्स लिपिक टैक्स का कार्य देखता है, क़ानून व्यवस्था शेरिफ़ देखता है, मजिस्ट्रेट का काम जज का और सजा दिलाने का काम डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी का. यह सारे पद जनता चुनती है तो सबको जनता के सामने अपनी काबिलियत भी दिखानी होती है. शहर में कोई मर्डर हो गया, अपराधी न पकड़ा गया तो शेरिफ की कुर्सी खतरे में. अपराधी के ख़िलाफ़ ठीक से मुकदमा न लड़ा गया तो DA को वोट न मिलेंगे. जज ने जल्दी सजा न सुनाई जो उसकी कुर्सी खतरे में.
आईएएस / प्रशासनिक सेवा भारत में ईस्ट इंडिया कंपनी की देन थी. गोरे साहबों को मीडिएटर चाहिए थे जो उनके आदेश सही हों या ग़लत उन्हें अक्षरशः पालन करवाने के लिए आईसीएस की आवश्यकता थी. भारत कब आजाद हुआ तो सिस्टम वही मैकाले वाला ही रहा बस आईएएस को आदेश देने वाले गोरे अंग्रेज की जगह काले अंग्रेज के रूप में मंत्री जी आ गए.
नेताओं को जिम्मेदारी / जनता के प्रति जवाबदेही से उचित तरीका लगा कि जो सिस्टम चल रहा है चलने दो, एक बार कुर्सी मिल गई तो फिर मजे ही मजे हैं. और वह सिस्टम चलता ही आ रहा है.
@ipsvijrk Tumhare karnamo ki sja govt kyo bhugte? Raja ban Kr kam to aap log krte h. Ab uske ander to thodi accountability aayegi, aisa step lene se pahle sochegi ek baar
हमें पैसों की जरूरत नहीं है, हम वकील करके इन सब चीजों का जवाब देते रहेंगे और पोल खोलते रहेंगे,
हमारा अकाउंट कभी भी उड़ाया जा सकता है बस आप लोगों से अनुरोध है कि आप लोग हमें
Instagram : https://t.co/Vp7atI2fF6
Youtube: https://t.co/fJq5izSqrl
पर सपोर्ट करिए हम इन भ्रष्टाचारियों के खिलाफ लगातार आवाज उठाते रहेंगे।
खिंवसर की जनता के लिए ख़ुद सारथी बन रथ चलाता है वो , ख़ुद बच सकता है लेकिन लोगो के लिए अपने हाथ भी जलाता है वो...
लोग साथ रहे हाथ पकड़ आगे बढ़े मौक़ा देख निकल गए , वो सबका हुआ सब लेकिन उसके ना होकर फिसल गए...
फिर भी दलित , शोषित , कमेरे के हक को लड लड के दिलाता है वो , सब चाहते है काश एक बार हारे जाये...
एक बार हमारी कश्ती भी उस पार जाये ,
मगर जुगनू है गरीब के लिए आधी रात को भी जगमगाता है वो....
दिल्ली बैठे ख़ुद को सिकंदर कहने वाले ,
उसके अपनों के कंधो पr बंदूक डाले ,
चल रहे है लाखो अनगिनत चाले ,
मगर ऐसे ही तो नहीं जनता का नेता कहलाता है वो...
एक वही जिसके नंबर पे रात को भी फ़ोन का जवाब मिलेगा , बच्चा भी कर दे फ़ोन अगर जनता का काम ही उसका ख़्वाब मिलेगा ,
वो नहीं आसमानों में रहने वाला हर वक़्त मेन रोड पर खुला उसका मकान मिलेगा...
हनुमान नाम है उसका , हर वक्त हर जगह जनता के लिए करता घमासान मिलेगा..!!
आज पांचू (बीकानेर) में शहीद रामस्वरूप जी कस्वा की अंतिम यात्रा में सम्मिलित होकर उनकी पार्थिव देह पर पुष्प चक्र अर्पित किया !
शहीद रामस्वरूप जी कस्वा अमर रहें !