मेट्रो बंद करो।
रास्ते बंद करो।
दुकानें बंद करो।
Internet बंद करो।
खाना बंद करो।
अपना हक़ मांग रहे छात्रों के ख़िलाफ़ सरकार ने ये क्रूर कदम उठाए।
बस एक चीज़ बंद नहीं कर पाए, मोदी जी - पेपर लीक।
साहिल हाथ में तिरंगा लेकर बस साफ़-सुथरी परीक्षा और मेहनत का फल मांग रहा था - पुलिस ने बंदूक उठाई और छर्रे दाग कर बुरी तरह घायल कर दिया।
ये अंग्रेज़ों का ज़ुल्म नहीं, आज़ाद भारत की मोदी सरकार की बर्बरता है - जहाँ अपना हक़ मांगते मासूम छात्रों को न्याय नहीं, छर्रे मिलते हैं।
The exam leaks destroy the hopes and futures of millions of students.
The Congress always protected our institutions. This is what happens when institutions are destroyed by the RSS/BJP.
Believe me when I say, this is only the beginning.
पिस्तौल निकालनेवाले ये भूल गये कि अगर उनकी पढ़ाई बीच में रुक जाती, तो ये पुलिस की नौकरी इनके हाथ न आती।
विश्वविद्यालय हमेशा आक्रांताओं ने तोड़े हैं, और कुछ नहीं कहना है।
#जौहर_यूनिवर्सिटी_रामपुर_उप्र
How dare you threaten students for exercising their democratic rights?
Please note, you are the ones that will be held accountable when the time comes.
“The Narendra Modi government has responded to the students’ courage with cowardice and wanton cruelty, treating them not as inheritors of the future but as enemies of the nation.
The Modi government has not just degraded India’s education landscape but has also made a habit of acting with utter impunity, supreme self-delusion, and abject insensitivity.
If is our moral, political and constitutional duty to stand with students and safeguard their future.”
Congress Parliamentary Party Chairperson Smt. Sonia Gandhi Ji.
Mr. Modi, our students are demanding Dharmendra Pradhan’s resignation.
Don’t insult their intelligence with this pathetic midnight video.
1. Sack Pradhan.
2. Punish those who beat students.
3. Apologise
Right now, MPs and leaders of the INDIA alliance are peacefully heading to Gandhi Smriti on Tees January Marg.
We go to remember the students we lost - the children driven to take their own lives after the NEET paper leak.
And we go to stand with the students who lie injured today - beaten for peacefully demanding justice and accountability.
India’s students are not alone. The entire Opposition stands with them and their demands.
अभी, INDIA गठबंधन के सांसद और नेता शांतिपूर्ण तरीके से तीस जनवरी मार्ग पर गांधी स्मृति जा रहे हैं।
हम उन छात्रों को याद करने जा रहे हैं जिन्हें हमने खो दिया - वे बच्चे जिन्हें NEET पेपर लीक के बाद अपनी जान देने के लिए मजबूर होना पड़ा।
और हम उन छात्रों के साथ खड़े होने जा रहे हैं जो आज घायल हैं - जिन्हें न्याय और जवाबदेही की शांतिपूर्ण मांग करने पर पीटा गया।
भारत के छात्र अकेले नहीं हैं। पूरा विपक्ष उनके और उनकी मांगों के साथ खड़ा है।
दिल्ली में परीक्षा का आंदोलन चल रहा है और रामपुर में शिक्षा का।
जौहर यूनिवर्सिटी को बचाने से ही यहाँ के छात्रों का भविष्य बचेगा, इसी हमदर्दी भरे नज़रिए से आज समाजवादी पार्टी का हमारा डेलीगेशन वहाँ पहुँचा, जिसने छात्रों की माँगों का पूरा समर्थन किया।
#Save_Education_Stop_Demolition
पेपर लीक क्यों हुआ, इसका जवाब शिक्षा मंत्री को देना चाहिए।
बच्चों पर लाठी क्यों चलाई गई, इसका जवाब गृहमंत्री को देना चाहिए।
इन दोनों की जवाबदेही क्यों नहीं तय हुई, इसका जवाब प्रधानमंत्री को देना चाहिए।
आपने हमारे लोकतंत्र के इतिहास में कभी देखा है कि सरकार के सांसद खुद संसद के बाहर प्रदर्शन करें? ये संसद नहीं चला पा रहे हैं, बेहद कमजोर और कायर हैं।
इस लोकतंत्र में युवाओं के साथ कैसा व्यवहार हो रहा है? जायज मांगों के लिए उनपर अत्याचार कर रहे हैं, लाठी और आंसू गैस चलवा रहे हैं। प्रधानमंत्री जो हर भारतीय की उपलब्धि का श्रेय लेते हैं, जो भारत के मंगल ग्रह पर जाने का भी श्रेय लेते हैं, वे पेपर लीक की जिम्मेदारी क्यों नहीं ले रहे? 152 पेपर लीक हुए और किसी को सजा नहीं हुई। मोदी जी को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
You are the one who has harmed the future of our youth the most.
You allowed and encouraged the total capture and destruction of our education system - and protected every person responsible for it.
The students’ demands are clear:
1. Sack Dharmendra Pradhan.
2. Apologise to the students.
3. Take action against those who assaulted them.
आपने ही हमारे युवाओं के भविष्य को सबसे ज़्यादा नुकसान पहुंचाया है।
आपने न सिर्फ हमारी education system पर पूरा कब्ज़ा होने और उसे बर्बाद होने दिया, उसे बढ़ावा भी दिया - और इसके ज़िम्मेदार हर व्यक्ति को संरक्षण दिया।
छात्रों की मांगें साफ़ हैं:
1. धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाएं।
2. छात्रों से माफ़ी मांगे।
3. छात्रों के साथ हिंसा करने वालों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करें।
सुना है युवाओं के आंदोलन पर भाजपा सरकार ने आनन-फ़ानन में अभी-अभी अचानक कोई ‘प्रेस कांफ्रेंस’ की है।
विभाग किस और मंत्री का, और जवाब किसी और मंत्री का। ये ही तथ्य बताता है कि भाजपा इस मसले को सुलझाने के लिए किस हद तक अगंभीर है और एक तरह से युवाओं का मज़ाक उड़ा रही है।
युवाओं ने इस तत्वहीन प्रेस कांफ्रेंस को ज़ीरो नंबर देकर फ़ेल करार दिया है।
आज हर छात्र कह रहा है, पुलिसवाले कह रहे हैं, पूरा देश कह रहा है - मोदी सरकार को जाना पड़ेगा।
विपक्ष के नेता के रूप में मेरी ज़िम्मेदारी हर भारतीय की आवाज़ बनना है - और उसके लिए हर कीमत छोटी है।
मोदी जी, अहंकार छोड़िए।
छात्रों की गूंज सुनिए, उनकी 3 मांगें पूरी कीजिए।
- नाकाम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से तत्काल इस्तीफा लीजिए।
- छात्रों पर बर्बरता करने वाले गुनहगारों की जवाबदेही तय कीजिए।
- छात्रों के साथ हुए हर अन्याय के लिए उनसे माफ़ी मांगिए।
मैं, कांग्रेस पार्टी और पूरा विपक्ष छात्रों और उनकी इन मांगों के साथ मजबूती से खड़े हैं।
वो सफ़ेद कपड़ा लेकर गये जंतर-मंतर
हम काला कपड़ा लेकर पहुँचे ‘संसद’!
देश के बच्चों, उनके माता-पिता और उनके शुभचिंतकों के साथ-साथ विपक्ष के सांसदों के साथ जो दुर्व्यवहार हुआ है, वो अति निंदनीय है। भाजपा का अमृतकाल, उनके दु-शासन के ‘काले’ काल में बदल जाएगा। भाजपा और उनके संगी-साथियों का इतिहास कोयले तक से भी नहीं लिखा जाएगा। भाजपा के शासनकाल को इतिहास जगह ही नहीं देगा, जिससे कि कोई कभी भी पढ़कर उसका दोहराव न करे।
समझौता नहीं; संघर्ष होगा!