संभल में पैसे के लेनदेन के मामलें पुलिस द्वारा पूछताछ के नाम रायसत्ती पुलिस चौकी उठाकर ले जाये गये इरफ़ान (45 ) की मौत, परिजनों का आरोप है कि " इरफ़ान का एक दिन पहले ही ऑपरेशन हुआ था 4 पुलिसकर्मी आये और उसे अपने साथ ले गये उन्हें दवाई भी नही खाने दी गई!"
संभल पुलिस इरफ़ान की मौत को "पुलिस हिरासत में मृत्यु हुई, टॉर्चर से मृत्यु हुई" लिखने वालों के कमेंट बॉक्स में कार्रवाई करने की धमकी दे रही है, पुलिस का साफ़ साफ़ कहना है कि "प्रथम दृष्टया देखने पर इरफ़ान की मृत्यु ह्रदय गति रुकने से हुई है, बॉडी को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है"
@India_NHRC@HMOIndia@CMOfficeUP@PMOIndia कृपया परिजनों को सुने और फैसला करें कि ठाय ठाय पुलिस सही या पीड़ित परिजनों के आरोप?
(1) पुलिस का स्लोगन है-
सुरक्षा आपकी संकल्प हमारा...
लेकिन मालूम नहीं ये कैसी सुरक्षा है और कैसा संकल्प है कि हिरासत में आदमी की मौत हो जाती है. पुलिस के माथे पर ये दाग पहली बार नहीं लगा है और जिस तरह के हालात हैं, वैसे लगता नहीं कि आखिरी बार है. यह हत्या है।
सम्भल में बुलडोज़र चल रहा है। सम्भल हिंसा के बाद @UPGovt की @Uppolice को पता चला कि सम्भल में तो अतिक्रमण है। अब लोगों के घरों के छज्जों, दुकान की पैड़ियों, नाले पर रखी पटियों को ध्वस्त किया जा रहा है। क्या खूब बीनाई है! @sambhalpolice को यह सब सम्भल हिंसा के बाद ही नज़र आया है?
I visited Sambhal, U.P. Yesterday to speak to the families of those killed in the Police firing there. While going to the Jama Masjid, which is unfortunately the site of the dispute, I interacted with the locals of the area.
Most of the businesses (shops) and even houses in the area were locked and people scared.
My understanding is that this issue is not a Hindu-Muslim issue as some sections might potray it. It is a particular ideology vs. Muslims. The violence that occurred in Sambhal was a failure of the State. The locals I spoke to informed me of their brotherhood and bonhomie. They have lived together peacefully for centuries now.
I urge the administration to foil attempts to instigate people and deliver justice to all those who have been wronged in Sambhal.
गजब की दोगली रिपोर्टिंग है इसकी:-
संभल जिया-उर-रहमान-बर्क के मोहल्ले में बुलडोजर चला
-कभी सुना है मोदी के गुजरात से हजारों करोड़ का ड्रग्स बरामद।
-योगी के गोरखपुर में महिला से बलात्कार।
शर्म से डूब मरो @ZeeNews@anuraagmuskaan
थोड़ी बहुत पत्रकारिता की मर्यादा रख लो
श्री विभूति नारायण रॉय जी खुद पुलिस सेवा से रिटायर्ड एक्स डीजीपी रहे हैं और इनका तक का स्पष्ट मानना है कि सम्भल हिंसा DM ,SP और सम्बंधित जिले के प्रमुख उच्च अधिकारियों ने सरकार के कहने/इशारे पर करवाया है
सबूतों ,तथ्यों ,माहौल को अगर देखा जाएगा और बिना किसी पूर्वाग्रह के गंभीरता से सबको सुना जाएगा तो स्पष्ट सबको नजर आएगा कि ये हिंसा प्रायोजित थी और इसके पीछे पुलिस प्रशासन और भाजपा सरकार जिम्मेदार थी और बाकायदा ये साजिशन करवाया गया है
प्रत्येक बुद्धिजीवी और न्यायप्रिय व्यक्ति को सच ही दिखेगा ,भाजपा प्रवक्ताओं के चीखने चिल्लाने से सच नहीं बदलेगा
#नहीं_चाहिए_भाजपा
"संभल में क़त्ल हुआ है पुलिस को गोली मारते देख सकते है, इसे पुलिस की कार्रवाई नही क़त्ल कह सकते है और ये हकीक़त भी है, बाबरी मस्जिद मामलें में भी जुर्म करने वालों को इनाम दिये गये और मज़लूमों को सज़ा, हम इस मामलें को सदन में उठायेंगे" - @RuhullahMehdi सांसद श्रीनगर
पूरी बातचीत देखें: https://t.co/00ooXGgN0H
"क्या करे मुसलमान??
घर मे रहेगा तो दंगाई घुसकर मारेंगे, बाहर आएगा तो पुलिस मारेगी!
क्या हाल कर दिया है इस देश मे हमारा??
बहराइच मे जब सड़क पे नहीं निकले, घर मे थे तो घर में घुसकर मारा, मार्केट जला दी!
बाहर निकले को पुलिस गोली मार दी"
सुने इमरान मसूद को
सम्भल हिंसा को लेकर कई गंभीर सवाल।
19 नवंबर को शाम 4 बजे सर्वे का आदेश हुआ 6.30 बजे सर्वे शुरू हो गया और कुछ ही घंटों में खत्म हो गया, फिर 24 नवंबर को किस भाजपाई आका के कहने पर DM ने दोबारा सर्वे का आदेश दिया ?
सभी पक्षों को सुने बिना आदेश कैसे हो गया ?
कानून के मुताबिक सुबह 10 से शाम 5 बजे तक ही सर्वे हो सकता है तो 19 नवंबर को शाम 6.30 बजे के बाद और 24 नवंबर को सुबह 7 बजे सर्वे कैसे शुरू किया गया ?
भाजपा UP के नौजवानों को रोजगार नहीं दंगा दे सकती है, किसानों को फसल का दाम नहीं फ़साद दे सकती है, महिलाओं को महंगाई से राहत नहीं बर्बादी दे सकती है, बच्चों को स्कूल नहीं बवाल दे सकती है।
#WATCH | On Sambhal stone pelting incident, AAP MP Sanjay Singh says "The violence in Sambhal is sponsored by BJP and the government. A survey was conducted in Kashi, Mathura and how is the survey being conducted here in Sambhal? A court order is being issued in an hour. A team is arriving to conduct the survey in an hour and a half. You have chosen Uttar Pradesh to create a ruckus, to throw it into the fire of hatred. There will always be violence, bulldozers will run there, there will be riots...The entire matter should be investigated under the supervision of the High Court and action should be taken against those who are guilty of this..."
संभल हिंसा पर बोले @apcrofindia के नेशनल सेक्रेटरी नदीम खान, कहा- सर्वे करने से पहले पीस कमिटी क्यों नहीं बनाई गई? सर्वे टीम के साथ आयी भीड़ ने जय श्री राम के नारे क्यों लगाए?
सरकारी गोलियाँ बहुजनों पर सीधे चलती हैं। यह कोई मिथक नहीं, बल्कि एक कटु सत्य है, जिसे हमसे बेहतर कोई नहीं समझ सकता। चाहे वह एससी/एसटी आंदोलन हो, किसान आंदोलन हो या सीएए विरोधी आंदोलन—हर बार सरकार के इशारे पर पुलिस ने निहत्थे आंदोलनकारियों पर सीधी गोली चलाकर हमारे लोगों की जान ली है।
आज संभल में हुई हिंसा में तीन मुसलमानों की जान गई है। इस घटना में कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। मैं जल्द ही घायल पुलिसकर्मियों से मिलकर इस हिंसा की सच्चाई देश के सामने लाने का प्रयास करूंगा। साथ ही, मैं पुलिसकर्मियों को यह याद दिलाना चाहूंगा कि उनकी वर्दी संविधान ने दी है और उन्हें संविधान का ही पालन करना चाहिए, न कि किसी 'ऊपरी आदेश' का।
कल मैं संभल जाऊंगा और इस हिंसा में मारे गए लोगों के परिजनों से मुलाकात करूंगा। हम अपने पीड़ित परिवारों को अकेला नही छोड़ेंगे। आगामी संसद सत्र में मैं सरकार की आंखों में आंख डालकर कहूंगा कि हमारे लोगों की जान इतनी सस्ती नहीं है।
साथ ही, मैं संभल के नागरिकों से अपील करता हूं कि शांति बनाए रखें। हिंसा किसी समस्या का समाधान नहीं है। हम अपनी लड़ाई लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से जारी रखेंगे।
यह लड़ाई केवल एक समुदाय की नहीं, बल्कि पूरे देश के लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकारों की है। आइए, हम सब मिलकर एकजुट रहें और संविधान के प्रति अपनी आस्था बनाए रखें।
संभल में अब तक पॉंच मौतें हो चुकी हैं, प्रशासनिक लापरवाही और षडयंत्र दोनों दिख रहा है, सरकार ने मृतक परिवारों के लिये संवेदना का एक शब्द नहीं बोला, उल्टे विपक्ष के नेताओं के ख़िलाफ़ FIR दर्ज कर दी गई।
संसद में संभल और अडानी पर सवाल ना उठ सके इसलिये संसद स्थगित कर दी गई।
दिल्ली - संभल हिंसा पर बोले अखिलेश यादव
➡ये दंगा सरकार ने कराया है
➡सांसद बर्क संभल में मौजूद नहीं थे
➡संभल में साजिश के तहत घटना हुई
➡संभल में दोबारा सर्वे क्यों?
➡चुनाव धांधली से ध्यान हटाने की साजिश
➡पुलिस की गोली से जान गई
➡पुलिस अधिकारी धमका रहा था
➡कोर्ट ने दूसरे पक्ष को सुना भी नहीं
➡अफसरों को आदेश किसने दिया था?
➡संभल हिंसा में हत्या का केस चलना चाहिए
➡प्रशासन को किसने एक्शन लेने की इजाजत दी?
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