@panditain_kimji यो व एतदक्षरं गार्गी / अविदित्वाडस्मल्लोकत्प्रैति स कृपणः
अथ य एतदक्षरं गार्गी / विदित्वाडस्मल्लोकत्प्रैति स ब्रह्मणः
- ब्रुह्दारण्यक-उपनिषद 3-8-10
You are कृपणः and so you are just misusing your religion for your favor. If u understand above shloka you don’t be fooling around
इंजीनियरिंग की पढ़ाई तो बस डिग्रियां देती है ! असली दिमाग तो हमारे इन अन्दाताओ के पास है ! 🥺
AC वाले केविन तो बहुत देखे होगे, जरा हमारे इस किसान भाई का भी लग्जरी केविन भी देख लीजिए !
जो लोग कहते हैं किसान तो आराम में रहते हैं उन्हें यह वीडियो दिखाएं !