🚩 राम मंदिर दर्शन नहीं करने पर BJP नेता बृजभूषण शरण सिंह का बड़ा बयान...
"जहां अपमान हो, वहां जाने का कोई सवाल ही नहीं। राम जी तो घर-घर में हैं।"
उन्होंने आगे कहा—
• "हमारे जैसे लोगों को निमंत्रण नहीं दिया, जबकि लगभग 6 हजार लोगों को बुलाया गया।"
• "बहुत से ऐसे लोग भी थे, जिनका उस विचारधारा से कोई संबंध नहीं था। ऐसे में जाने का सवाल ही नहीं उठता।"
संसदीय क्षेत्र के जैसलमेर की पावन धरा पर स्वर्गीय श्री चन्द्रवीर सिंह फुलिया की स्मृति में आयोजित चन्द्रवीर सिंह प्रीमियर लीग (CPL) के फाइनल मुकाबले में सम्मिलित होकर दिवंगत पुण्यात्मा को सादर श्रद्धासुमन अर्पित किए और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।
इस अवसर पर विजेता एवं उपविजेता टीमों को पुरस्कृत कर सभी खिलाड़ियों को उज्ज्वल भविष्य एवं निरंतर सफलता की शुभकामनाएं प्रेषित की। खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने वाले ऐसे आयोजन युवाओं में नई ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार करते हैं।
सीमांत क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने एवं सफल आयोजन के लिए समस्त आयोजन समिति का साधुवाद।
राजनाथ सिंह जी का राजनीतिक जीवन — ✅
1975 — 24 की उम्र में जनसंघ मिर्जापुर के अध्यक्ष बने
1977 — 26 की उम्र में मिर्जापुर से पहली बार विधायक
1980 — 85 BJP के पहले जिला अध्यक्ष बने मिर्जापुर से
1983 — 32 की उम्र में bjp युवा मोर्चा के सचिव बने
1984 — 33 की उम्र में युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष बने
1988 — 37 की उम्र में MlC बने
1991 — 40 की उम्र में उप्र के शिक्षा मंत्री बने
1994 — 43 की उम्र में राज्यसभा सांसद बने
1997 — 46 की उम्र में प्रदेश अध्यक्ष
2000 — 49 की उम्र में मुख्यमंत्री (CM)
2003 — 52 की उम्र में सेंट्रल केबिनेट मिनिस्टर,
2005 — 54 की उम्र में राष्ट्रीय अध्यक्ष
2013 — 62 की उम्र में दुबारा राष्ट्रीय अध्यक्ष,
2014 — 63 की उम्र में होम मिनिस्टर
2019 — 68 की उम्र में पहली बार डिफेंस मिनिस्टर
2024 — 73 की उम्र में दूसरी बार डिफेंस मिनिस्टर बने
उम्मीद करता हूँ आने वाले समय मे आप और ऊँचे पदों पर जायेंगे और पुर्वांचल का नाम रोशन करेंगे 😊
बिना विवादों के किस तरह शांति और ईमानदारी से काम करके राजनीती मे आगे बढ़ा जा सकता है इसके सर्वश्रेष्ठ उदाहरण राजनाथ सिंह जी है | जहाँ लोगों को थोडी सफलता मिलते ही घमंड अकड़ बदजुबानी आ जाती है वही इतने बड़े पदों पर रहने के बावजूद राजनाथ सिंह जी मे लेश मात्र का घमंड नही है, काम हो ना हो लेकिन उनसे मुलाकात करना सरल है, उनसे मिलकर आभास नहीँ होता की ये व्यक्ति इतने बड़े पद पर है |
नाराजगी बस इस बात की है कि काश आप 2014 में महामानव को प्रधानमंत्री उम्मीदवार न घोषित करते तो कितना अच्छा रहा होता | भारत गुजरात सुप्रीमेसी से मुक्त होता .......😐
#RajnathSingh @rajnathsingh
युवाओं के भविष्य का सौदागर आखिर किसके संरक्षण में फरार है !
10 पेपर लीक मामलों का मुख्य आरोपी,लाखों युवाओं के सपनों को कुचलने वाला मोस्ट वांटेड सुरेश ढाका सालों से फरार है एसओजी और ED जैसी बड़ी एजेंसियां उसे ढूंढ नहीं पा रही हैं लेकिन सोशल मीडिया से लेकर गलियारों तक उसकी तस्वीरें और रसूख साफ गवाही दे रहे हैं
ये फोटो जिसमे सुरेश ढाका और हनुमान बेनीवाल नजर आ रहे हैं आखिर ये रिश्ता क्या कहलाता हैं, मुख्य कुर्सी पर बैठे रसूखदार नेताओं के सामने सुरेश ढाका की मौजूदगी यह साफ बताती है कि उसे राजनीतिक शह हासिल थी आखिर एक बड़े पेपर लीक माफिया की पहुंच नेताजी से कैसे हुई..?
फरारी के बीच पिता को 20 करोड़ का बजरी ठेका मिलना और बेटा फरार है खान विभाग ने फरारी के महज 14 महीनों के भीतर उसके पिता की फर्म को 20 करोड़ रुपये का बजरी खनन ठेका दे दिया यह कैसा कानून है यह जनता की आंख में धूल झोंकना नहीं तो और क्या है
जांच एजेंसियां बेअसर क्यों, लुकआउट सर्कुलर जारी होने के बाद भी यह अपराधी आज तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर क्यों है आखिर इसे किसका सुरक्षा कवच मिला हुआ है
नेताजी को सामने आकर जवाब देना होगा कि आखिर ऐसे गंभीर अपराधियों के साथ उनके क्या संबंध हैं और इसे कब तक छुपाकर रखा जाएगा
मंचों से ज्ञान बांटना बहुत आसान है नेताजी लेकिन बंद कमरों की इन तस्वीरों का क्या
राजस्थान की मीडिया और जनता के सामने बड़े-बड़े भाषण देने वाले नेता आज मौन क्यों हैं लाखों युवाओं का भविष्य बर्बाद करने वाले देश के सबसे बड़े 'मोस्ट वांटेड' पेपर लीक माफिया सुरेश ढाका के साथ मुख्य कुर्सी पर आमने-सामने बैठकर चर्चा करने वाली तस्वीरें कोई साधारण बात नहीं हैं यह सीधे तौर पर एक गहरी साठगांठ की ओर इशारा करती हैं।
@hanumanbeniwal@RLPINDIAorg
खेजड़ी क़ानून को लेकर रविंद्र सिंह भाटी ने फिर सरकार को चेताया
भाटी बोले कि हम लंबे समय से खेजड़ी सरक्षण की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं लेकिन सरकार अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठा पाई
साथ ही कहाँ कि विश्नोई समाज को जो वादा किया उसको भी पूरा करने में असफल होती दिख रही है।
वाकई में अरविंदसिंह भाटी की तारीफ करें उतनी कम है और यह कैंपस मारवाड़ ही बल्कि पूरे देश में फेमस हैं लेकिन सिर्फ मारवाड़ में यह भी चर्चा है कि शिव विधायक रविंद्रसिंह भाटी इस कार्यक्रम में होते तो और भी आनंद आता...
@ArvindSBhati9@RavindraBhati__
जहां बुलडोजर चला... वहाँ जनता के बीच पहुँचे रविन्द्र सिंह भाटी।
जैसलमेर में बुलडोजर कार्रवाई से प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने उनकी पीड़ा सुनी, प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया और मौके पर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।
पत्रकार— हनुमान बेनीवाल जी आप बाड़मेर आए हो जो भाटी का गढ़ माना जाता है
बेनीवाल:- बाड़मेर तो मेरा ही गढ़ है और किसी का नहीं
चलो बाड़मेर की राजनीति पर विश्लेषण करते हैं…📈
बाड़मेर- निर्दलीय विधायक
शिव- निर्दलीय विधायक
बायतू- कांग्रेस विधायक
गुड़ामालानी- भाजपा
सिवाना- भाजपा
पचपदरा- भाजपा
चोहटन- भाजपा
बाड़मेर जिले में RLP की एक भी सीट नहीं है तो फिर बाड़मेर जिला RLP का गढ़ कैसे हुआ
कोई जानकार बंदू इस गणित को समझाएगा क्या…🤔
आज़ बाड़मेर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम सरणु पनजी में सरपंच श्री नरपत सिंह जी के सुपुत्री के शादी समारोह में शामिल होकर शुभकामनाएँ दी।
#Barmer#AzadSinghRathore
जेएनवीयू के ओल्ड कैंपस में महाराजा जसवंत सिंह द्वितीय की प्रतिमा का अनावरण, परिसर का नाम उनके नाम पर रखने के प्रस्ताव को मिली सर्वसम्मति
जोधपुर। जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय के ओल्ड कैंपस में सोमवार को महाराजा जसवंत सिंह द्वितीय की प्रतिमा का अनावरण किया गया। विश्वविद्यालय परिसर की स्थापना उनके शासनकाल में हुई थी। उनके ऐतिहासिक योगदान और लोकहितकारी कार्यों की स्मृति को चिरस्थायी बनाए रखने के उद्देश्य से प्रतिमा स्थापित की गई। समारोह में अनेक संत महात्माओं की उपस्थिति रही। मुख्य अतिथि के रूप में @OmMathur_Raj ,सिक्किम के राज्यपाल शामिल हुए। विशिष्ट अतिथियों में @DrSatishPoonia ,राज्यसभा सांसद, @Rajendra4BJP पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता और @BsRathoreMLA , शेरगढ़ विधायक मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाराजा गज सिंह द्वितीय ,जोधपुर के पूर्व शासक ने की।
समारोह में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, शिक्षाविद, समाजसेवी और गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर जेएनवीयू के ओल्ड कैंपस का नाम महाराजा जसवंत सिंह द्वितीय के नाम पर रखने का प्रस्ताव रखा गया, जिसे उपस्थित सभी लोगों ने सर्वसम्मति से समर्थन दिया। वक्ताओं ने कहा कि विश्वविद्यालय की स्थापना और विकास में महाराजा जसवंत सिंह द्वितीय का योगदान ऐतिहासिक रहा है तथा उनके नाम पर परिसर का नामकरण नई पीढ़ी को इस गौरवशाली विरासत से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा। @ArvindSBhati9