@iBedardiRaja रीवा से इलाहाबाद जाते समय एक जगह स्कूल क्रॉसिंग है ,वहाँ स्पीड लिमिट है शायद 40km की, पर वो जब तक समझ आता है लोग उसे क्रॉस कर चुके होते हैं..इसमें बहुत लोगों का चालान कटता है, अब जो यूपी के हैं उन्हें तो पता है, पर जो रीवा से पहली बार जाते हैं उनका पक्का कट जाता है
AI हम सबको मार डालेगा?
Artificial intelligence (AI) ने चार साल में हमारी दुनिया बदल कर रख दी है. कभी वो गणित के अनसुलझे सवालों को सुलझा लेता है तो कभी हमारी नौकरी खाने पर आ जाता है. अब Anthropic AI के रिसर्चर ने यह कहकर इस्तीफ़ा दिया है कि AI दस साल में मानवता को ख़त्म कर सकता है, इस दावे से सनसनी फ़ैल गई है कि क्या AI की अंधी दौड़ में सावधानी से मुँह मोड़ लिया जा रहा है?
हिसाब-किताब AI के ख़तरे का .
जैकब कॉक्सन Anthropic (Claude) में रिसर्च का काम करते थे. यह कंपनी दावा करती रही है कि OpenAI (ChatGPT) के मुक़ाबले ज़्यादा ज़िम्मेदार है, बल्कि Claude बनाने वाले डारियो अमोडेई ने OpenAI को यह कहकर छोड़ा था कि वो पैसे बनाने के लिए जल्दबाज़ी कर रही है. जैकब भी OpenAI में काम कर चुके हैं. उन्होंने Anthropic से पिछले हफ़्ते इस्तीफ़ा दे दिया. उनका आरोप है कि मानवता पर ख़तरे को लेकर AI कंपनियाँ गंभीर नहीं हैं.
जैकब की आशंका पर Anthropic के CEO और फाउंडर डारियो अमोडेई ने भी एक तरह से मुहर लगा दी है. उन्होंने जैकब के आरोपों पर सीधे जवाब तो नहीं दिया है लेकिन उन्होंने AI के ख़तरे पर ब्लॉग लिखा है. उन्होंने AI कंपनियों से अपील की है कि डेवलपमेंट के काम को धीमा करें. AI के ख़तरे को देखकर सुरक्षा चाक-चौबंद की जानी चाहिए वरना 6 से 12 महीनों में AI एजेंट का झुंड इंटरनेट को ठप करने की ताक़त रखता है. OpenAI के फाउंडर सैम अल्टमन और xAI के फाउंडर एलन मस्क ने डारियो का समर्थन किया है.
डारियो के ब्लॉग से पहले Anthropic की सुरक्षा रिपोर्ट भी आई है. रिपोर्ट में बताया गया है कि Claude AI का दुरुपयोग करने की कोशिश कैसे और कहाँ की गई है.
उत्तरी यमन में Claude की मदद से मिसाइल बनाने की कोशिश की गई.
Claude की मदद से Bio Weapon बनाने की कोशिश भी हुई है. चिकनगुनिया और एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस के साथ छेड़छाड़ की गई थी. इसका इस्तेमाल बीमारी फैलाने के लिए हो सकता था. मतलब मानवता को नष्ट करने की कोशिश में AI की मदद लेने के सबूत मिले हैं.
जैकब जिस ख़तरे की बात कर रहे हैं वो यह नहीं है. अभी तो आदमी ही AI का इस्तेमाल करते हुए ख़तरे पैदा कर रहा है, लेकिन AI हमसे तेज़ हो गया तो क्या होगा? अभी तो वो हमारे कहने पर चल रहा है लेकिन साथ में वो खुद भी सीख रहा है. जब वो हमारे क़ाबू से बाहर निकल जाएगा तो दो तरह के खतरों की बात हो रही है.
AI खुद Bio weapon बनाकर हमें खत्म कर सकता है, मानो कोई वायरस ही बनाकर छोड़ दे.
दूसरा ख़तरा है कि AI हमारी ज़िंदगी के हर हिस्से में है. बिजली सप्लाई हो, एयरपोर्ट, रेलवे, सेना. वहाँ से भी AI तबाही मचा सकता है.
सबको इन ख़तरों के बारे में पता है लेकिन कोई इस रेस में पीछे नहीं छूटना चाहता है. एक रेस अमेरिका और चीन में चल रही है. दूसरी रेस अमेरिकी कंपनियों जैसे OpenAI और Anthropic में चल रही है. ये कंपनियाँ IPO लाने की तैयारी कर रही हैं. अमेरिका की सरकार भी कंपनियों को कसने के मूड में नहीं है क्योंकि चीन के आगे बढ़ने का डर है. एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ दुनिया को ख़तरे में डाल सकती है और यह बात तो अब डारियो ही कह रहे हैं.
Nikita just permanently demonetized an account for making up a 9/11 story for views.
The account claimed their aunt was across the street when the towers fell, covered in debris, and that Starbucks refused to give her free water.
But they don’t even live in the U.S. 🫠
गेस्ट इन द न्यूज़रूम में इस बार हमारे मेहमान हैं, डिफेंस जर्नलिस्ट और नेशनल सेक्योरिटी एनालिस्ट नितिन गोखले.
क्या चीन ने भारत की ज़मीन पर कब्ज़ा किया है? ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की क्या हालत थी? अजीत डोभाल से नितिन गोखले की क्या बातचीत हुई? और कारगिल वॉर के दौरान कैप्टन विक्रम बत्रा से उनकी मुलाकात कैसे हुई?
जानने के लिए देखिए पूरा एपिसोड https://t.co/ankzrEt587 पर.
@kuldeepmishra@nitingokhale
#Watch | Here’s what’s on the breakfast menu for national and international media covering the BRICS Summit in New Delhi. Only vegetarian food is being served.
https://t.co/JKMi17Oacj
रसियन शेर ब्लादिमीर पुतिन 🐯🔥🔥
रूस पर 30,000 से ज्यादा प्रतिबंध हैं, फिर भी कोई रूस को नही रोक पाया, हमे रूस की संप्रभुता के लिए जो अच्छा लगा वह किया क्योंकि मेरे लिए रूस ही सबकुछ है।
Russia पर कुल 30,000 प्रतिबंध लगाए गए जो पूरे दुनिया में लगाए गए प्रतिबंधों से भी दुगना है लेकिन कोई हमें झुका नहीं सकता है।