I apologise to all our supporters, especially the girls who were brutally beaten by male police officers.
We could have done better. I could have done better to protect you from the inhumane actions of the Delhi Police.
To protect one Dharmendra Pradhan, who is responsible for the deaths of more than 20 students, the Govt was willing to spill the blood of many more young students.
If you were injured and see this, please DM me. I want to speak to you personally and apologise.
We will keep fighting for all of you.
लोग बिना डरे मोदी सरकार का विरोध करना शुरू का दिए !
ऋषिकेश में सड़क चौडीकरण के लिए 3 हजार पेड़ काटे जाने के खिलाफ आम लोग भाजपा सरकार का विरोध कर रहे हैं !
देश की मरी हुई जनता को जगाने का काम आखिरकार सफल हुआ। जो इतने सालों से सो रहे थे वह एक पेड़ बचाने के लिए तो जागे कम से कम ।
वरना यह सिर्फ रील बनाने के लिए ही नचनिया बने पड़े थे अब तक। अभी तो यह सिर्फ पेड़ों के लिए जागे हैं आगे भ्रष्टाचार के लिए जागेंगे।
जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक के अनशन को आज 17 दिन पूरे हो गए हैं और इतने पर भी सरकार की तरफ से एक बयान तक नहीं आया है। ये देखकर शशि थरूर की एक मारक बात याद आ गई जो उन्होंने जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में कही थी।
शशि थरूर कहते हैं कि
"महात्मा गांधी का सत्याग्रह, अंहिसा और अनशन इसलिए कारगर साबित हुआ क्योंकि उनके सामने अंग्रेज थे जो कुछ हद तक सही थे अंग्रेज जानते थे कि वे गलत कर रहे हैं, वे मीडिया और दुनिया की नजर में जवाबदेह थे। इसलिए गांधी के सत्याग्रह और अनशन ने उन्हें परेशान और शर्मिंदा किया।
लेकिन अगर यही तरीका हिटलर के खिलाफ अपनाया जाता तो काम नहीं आता, क्योंकि उसके पास कोई नैतिक संकोच नहीं था और ना उसे किसी मीडिया या अंतरराष्ट्रीय दबाव की चिंता थी।
अब इस बात को भारत पर लागू करके देखिए-
2014 से पहले अन्ना हजारे का अनशन का तरीका इसलिए कारगर साबित हुआ क्योंकि उनके सामने कांग्रेस थी जिसकी सरकार में मीडिया को आजादी थी और उसे दुनिया में भारत की इमेज की चिंता थी।
और अब सोनम वांगचुक का अनशन इसलिए कारगर नहीं हो रहा क्योंकि उनके सामने बीजेपी है और बीजेपी के हाथ में मीडिया है बाकि बीजेपी क्या है ये सब जानते हैं...
Dear sir, I humbly request ki ek baar aap Delhi aakar Sh. Sonam Wangchuk ji ka support krein. He is in bad condition. I believe your Support will surely make some change in the strike.
@actorvijay
@myogiadityanath Ye kaise ho sakta hai ki desh k sabhi Sonam Wangchuk ji k sath hain aur BJP ke sabhi neta virodh me. Ye virodh hai ya sarkar ki tanashahi, jisse log dare hue hain. Ek bhi neta samne nhi aa rha hai.
विश्व विख्यात श्री सोनम वांगचुक जी से फोन पर बात करके उनके स्वास्थ्य के बारे में जाना और उनसे अनशन तोड़ने की अपील की। उनके सत्याग्रह को हमारा खुला समर्थन है।
हमारा मानना है कि वो जनहित में इस आग्रह पर विचार करें। देश की संपूर्ण युवा शक्ति, उनके अभिभावकों, परिवार और परिजनों की आकांक्षा भी यही है क्योंकि उनके नैतिक बल की देश को बहुत आवश्यकता है अतः वो पूरी दुनिया से आ रहे निवेदनों को स्वीकार करते हुए अपना अनशन तोड़े दें, फिर कुछ दिनों का स्वास्थ्य लाभ लें और नई ऊर्जा का संचय करके पुनः नये आंदोलन में जुट जाएं। उनसे सविनय आग्रह है कि वो ‘नकारात्मक, भ्रष्ट, बेईमान, लोकतंत्र विरोधी सांप्रदायिक भाजपा’ के विरुध्द हो रहे आंदोलनों को पूरे देश में विस्तारित कर जन-एकजुटता की अखंड कड़ी बनें।
नीट की परीक्षा के घोटाले के बाद मंदिर में चोरी के महापाप का भंडाफोड़ भी एक गहरा दिव्य-संकेत है। डॉक्टर को धरती पर भगवान के रूप में ही देखा जाता है। हम सब तो मंदिर और मेडिकल दोनों के गहरे संबंध में विश्वास करते हैं। धर्म के मनोबल का और चिकित्सा का मनोवैज्ञानिक संबंध भी होता है।
जिस तरह संपूर्ण विश्व का मीडिया श्री सोनम वांगचुक जी के लिए चिंतित दिखाई दे रहा है, उसका एक दूसरा पक्ष ये भी है कि इससे भाजपा राज में दुनिया भर में हमारे देश की डेमोक्रेटिक इमेज बुरी तरह खंडित हो रही है।
हम श्री सोनम वांगचुक जी के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हैं।
@Wangchuk66
सभी बहुत चिंतित हैं। सरकार को बात करनी चाहिए। सरकार नहीं करती है तो समाज को आगे आना चाहिए। सोनम के साथ-साथ छात्र भी अनशन पर बैठे हैं। कितने साल तक परीक्षाओं में चोरी और धांधली को यह देश स्वीकार करेगा। 13 साल बीत गए फिर भी परीक्षाएँ विश्वसनीय नहीं हो सकी हैं। बात केवल परीक्षा की नहीं है, पढ़ाई के मामले में भी जो नुकसान हुआ है, वहाँ से वापसी करना संभव नहीं है।
इसी अवसर पर गंगा की सफाई और अविरलता को लेकर प्रो जी डी अग्रवाल के अनशन को याद करने की ज़रूरत है। 2018 में 109 दिनों के अनशन के बाद उनकी मौत हो गई थी। तब काफी सवाल उठे थे। मीडिया की पुरानी रिपोर्ट आप देख सकते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को तीन तीन पत्र लिखे। उन पत्रों को निकाल कर पढ़ सकते हैं। गंगा के लिए प्रो जी डी अग्रवाल ने जान दे दी और गंगा के नाम पर राजनीति करने वालों ने उन्हें भुला दिया। गंगा की समस्याओं का समाधान करने के बजाए गंगा के घाट पर आरती का आयोजन कर लोगों के सवालों की धारा मोड़ दी गई। अच्छा होता कि प्रो जी डी अग्रवाल को सुना जाता, गंगा भी साफ होती और तब उसके किनारे आरती की शोभा और दिव्य होती। जो मीडिया जंतर मंतर नहीं जा पा रहा है वह गंगा के नाम पर प्रो जी डी अग्रवाल के अनशन की कहानी के पन्ने फिर से पलट सकता है। गंगा के लिए तो बोल ही सकते हैं।
@IRCTCofficial ऐप को अपडेट नहीं किया जा रहा हो तो कृपया बंद कर दें। 4 दिनों से हाई लोड बता के टिकट नहीं बुक हो पा रहा है। इससे ज्यादा लोड प्राइवेट कंपनी के फेसबुक इंस्टाग्राम पर दिन भर रहता होगा।
सुविधा के नाम पर बस बेवकूफ बनाया जा रहा है। @CJP_for_India@aajtak@PMOIndia
CASE STATUS UPDATE 🚔
Earlier complaint: Ball going missing.
New complaint: Entire batting lineup going missing.
Our assessment: This is not a law & order problem.
This is Bumrah. 🎯🇮🇳
#INDvNZ#T20WorldCup2026Final
@Sheetal2242@aajtak यूपी में लगभग 3से 4 करोड़ महिलाएं गरीब है। 40 हजार प्रति महिला मतलब 1.5 लाख करोड़ हर साल इस पर होगा।अब हिसाब लगा के बताओ कहा से आयेगा। आधे से ज्यादा लोअर स्टाफ हर सरकारी ऑफिस में प्राइवेट है पैसे बचाने के चक्कर में तो फिर ये? जुमला है भाई जुमला
@Sheetal2242 Sab padh likh gye to Twitter pr पत्रकारिता कौन करेगा। सारे डिस्टेंस से पढ़े हुए BA BSc के लोग आज पत्रकारिता में लगे हैं। मुझे आपका भी दिख रहा है कितनी फेयर पत्रकारिता है आपकी। नियम का प्रचार कीजिए जाति का नहीं।