हज़रत इमाम हुसैन जी का संघर्ष, त्याग और बलिदान हमें असत्य, अत्याचार और अन्याय के विरुद्ध मानवता की सबसे मज़बूत ढाल बनने की सीख देता है।
आज मुहर्रम के दिन हमें उनके बताए हुए रास्ते पर चलने की प्रेरणा लेनी चाहिए।
जयपुर में मौलाना अबुल कलाम आज़ाद वेलफेयर सोसायटी राजस्थान द्वारा आयोजित 'नवाब दादा कायम खां शहीद दिवस एवं सम्मान समारोह' में शामिल हुआ।
मातृभूमि की रक्षा में अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले नवाब दादा कायम खां की वीरता और अमर बलिदान को कोटि-कोटि नमन।
कायमखानी कौम का इतिहास शौर्य, पराक्रम और अटूट देशभक्ति की मिसाल रहा है। 1965 और 1971 के युद्धों से लेकर कारगिल तक, इस वीर कौम के जाँबाज़ों ने देश की सीमाओं की रक्षा के लिए हमेशा आगे बढ़कर शहादत दी है। समाज के इस गौरवशाली अतीत और देशप्रेम पर पूरे प्रदेश को नाज़ है।
बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने हमें सिर्फ़ संविधान नहीं, न्याय, समानता और सम्मान पर आधारित एक सशक्त भारत का सपना दिया।
लेकिन आज कुछ ताकतें सुनियोजित तरीके से बाबासाहेब की इस विरासत और हमारे संविधान को कमजोर करने में लगी हैं - लोकतांत्रिक संस्थाओं को खोखला किया जा रहा है, अधिकारों को कुचला जा रहा है, और समता की सोच पर हमला हो रहा है।
यह देश बाबासाहेब के विचारों पर बना है - मैं पूरी शक्ति के साथ, आखिरी दम तक इनकी रक्षा के लिए लड़ता रहूंगा। हम सब मिल कर बाबा साहेब के सपनों के भारत को फिर से साकार करेंगे।
आप सभी को अंबेडकर जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं।
वीर भूमि राजस्थान के स्थापना दिवस पर सभी प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं।
विविध कला, समृद्ध संस्कृति और गौरवशाली इतिहास से परिपूर्ण राजस्थान, भारत की अमूल्य धरोहर है। यहां की परंपराएं और विरासत हमारा गौरव हैं।
Congratulations to our Under-19 men's team on the phenomenal World Cup victory!
Your composure, fearlessness and determination is what defines the Gen Z of India, today.
This sixth U-19 World Cup title is a proud statement of Indian cricket’s future.
Well played, champions. 🇮🇳
उत्तराखंड के दीपक भारत के हीरो हैं।
दीपक संविधान और इंसानियत के लिए लड़ रहे हैं - उस संविधान के लिए जिसे BJP और संघ परिवार रोज़ रौंदने की साज़िश कर रहे हैं।
वे नफ़रत के बाज़ार में मोहब्बत की दुकान का जीवित प्रतीक हैं और यही बात सत्ता को सबसे ज़्यादा चुभती है।
संघ परिवार जानबूझकर देश में आर्थिक और सामाजिक ज़हर घोल रहा है, ताकि भारत बँटा रहे और कुछ लोग डर के सहारे राज करते रहें। उत्तराखंड की BJP सरकार खुलेआम उन असामाजिक ताक़तों का साथ दे रही है जो आम नागरिकों को डराने और परेशान करने में लगी हैं।
नफ़रत, डर और अराजकता के माहौल में कोई भी देश आगे नहीं बढ़ सकता। शांति के बिना विकास सिर्फ़ एक जुमला है।
हमें और दीपकों की ज़रूरत है - जो झुकें नहीं, जो डरें नहीं, और जो पूरी ताक़त से संविधान के साथ खड़े रहें।
हम तुम्हारे साथ हैं भाई। डरो मत।
तुम बब्बर शेर हो। 🇮🇳
भर्ती प्रक्रियाओं में रोस्टर से छेड़छाड़ और OMR घोटालों ने हज़ारों मेहनती युवाओं के भविष्य को अंधेरे में धकेल दिया है।
कभी पदों के वर्गीकरण के नाम पर, तो कभी परीक्षा प्रणाली से खिलवाड़ कर शासन ने भरोसे की नींव ही हिला दी है और दुखद यह है कि इन सबकी जवाबदेही आज भी शून्य बनी हुई है।
इन्हीं सवालों और इन्हीं अन्यायों के ख़िलाफ़ बाड़मेर ज़िला मुख्यालय पर बेरोज़गार युवाओं का विशाल धरना प्रदर्शन आयोजित किया जा रहा है।
तमाम राजनीतिक विचारधाराओं से परे अपने हक़ के लिए, अपने परिवार की उम्मीदों के लिए, और एक सुरक्षित भविष्य के लिए आपकी मौजूदगी ज़रूरी है।
दिनांक: 27 जनवरी 2026
समय: प्रातः 11 बजे
स्थान: जिला कलेक्ट्रेट, बाड़मेर
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड में ओएमआर शीट बदलने वाले गिरोह के पकड़े जाने के 5 दिन बीत चुके हैं, लेकिन राज्य सरकार की रहस्यमयी चुप्पी चिंताजनक है।
हमारी सरकार ने युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए आजीवन कारावास, 10 करोड़ जुर्माना और दोषियों की संपत्ति ज़ब्त जैसा देश का सबसे सख्त कानून बनाया और बिना किसी भेदभाव के RPSC सदस्य तक को जेल की सलाखों के पीछे भेजकर नजीर पेश की। हमने गड़बड़ी मिलने पर कभी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़कर केवल पूर्ववर्ती सरकारों पर दोष नहीं मढ़ा, बल्कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की।
अब 'जीरो टॉलरेंस' का दावा करने वाली भाजपा सरकार बताए कि वह अपने कार्यकाल (2024-25) के दौरान हुई परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच करवाने की घोषणा करने से क्यों बच रही है? क्या भाजपा सरकार युवाओं के साथ न्याय नहीं करना चाहती है?
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) के अंदर ओएमआर (OMR) शीट बदलने का इतना बड़ा खेल पकड़ा गया है और मुख्यमंत्री जी ने चुप्पी साध रखी है।
आरोपियों की गिरफ्तारी को 5 दिन बीत चुके हैं, लेकिन सरकार 2024-25 में हुई भर्तियों की जांच करवाने से क्यों कतरा रही है? क्या सरकार को डर है कि अगर जांच हुई तो इनके खुद के कार्यकाल के "काले कारनामे" उजागर हो जाएंगे?
युवाओं के भविष्य पर भाषण देने वाली भाजपा सरकार की यह चुप्पी बता रही है कि "दाल में कुछ काला" नहीं, बल्कि पूरी "दाल ही काली" है। हम सड़क से लेकर सदन तक जवाब मांगेंगे।
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड में OMR शीट बदलने के हालिया खुलासे ने राज्य की पूरी भर्ती व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं।
SOG की रिपोर्ट के अनुसार तो यह संगठित फर्जीवाड़ा केवल बीते 9 वर्षों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वर्ष 2014 से 2025 तक लगातार चलता रहा।
बड़ा चिंता का विषय है कि पिछले 11 वर्षों में 2014 से 2025 के बीच आयोजित लगभग सभी भर्ती परीक्षाएँ एक ही पद पर जमे रहे उसी स्टाफ और भ्रष्ट सिस्टम की सक्रिय भूमिका एवं निगरानी में हुई हैं। जो आज OMR शीट में गड़बड़ी के आरोप में पकड़े गए हैं। ऐसे में इन सभी परीक्षाओं की शुचिता संदेह के घेरे में है।
इस अवधि में 6 वर्ष भाजपा की सरकार रही और वर्तमान भाजपा सरकार के कार्यकाल में 2024 व 2025 में भले ही सीमित पदों पर लेकिन कई भर्तियाँ आयोजित की गई। इन दो वर्षों की भर्तियों में भी गंभीर अनियमितताओं और फर्जीवाड़े के आरोप और तथ्य सामने आए हैं। तो फिर सरकार इन भर्तियों की निष्पक्ष जांच करवाने से क्यों बच रही है?
अभ्यर्थी लगातार शिकायत कर रहे हैं कि बीते दो वर्षों से कट-ऑफ असामान्य रूप से अधिक जा रही है, रोस्टर प्रणाली में गंभीर अनियमितताएँ हुई हैं और आरक्षित वर्ग विशेषकर OBC, SC एवं ST के पदों में कटौती कर उनके संवैधानिक अधिकारों और भविष्य पर कुठाराघात किया गया है। इन गंभीर आरोपों की भी निष्पक्ष जांच अत्यंत आवश्यक है।
यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि भाजपा सरकार पेपर लीक और OMR घोटाले जैसे संवेदनशील मुद्दों पर न्याय सुनिश्चित करने के बजाय इन्हें केवल राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है। निष्पक्ष जांच के बजाय सरकार केवल कांग्रेस सरकार के कार्यकाल की परीक्षाओं को निशाना बनाने का प्रयास कर रही है।
सरकार को आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति छोड़कर उन सभी भर्तियों की जांच करवानी चाहिए जिन पर अनियमितताओं के आरोप लगे हैं, ताकि लाखों युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले दोषियों पर कठोर कार्रवाई हो और पीड़ित अभ्यर्थियों को न्याय मिल सके।
पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने पेपर लीक के नासूर को जड़ से खत्म करने के लिए देश का सबसे कठोर कानून बनाया, जिसमें दोषियों को उम्रकैद, संपत्ति जब्ती और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया। युवाओं के साथ न्याय करते हुए दोषी RPSC सदस्यों की गिरफ्तारी और पेपर लीक आरोपियों की अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई की।
भाजपा ने सत्ता में आने से पहले RPSC और RSSB को भंग करने, भर्तियाँ रद्द कर नए सिरे से कराने जैसे बड़े-बड़े वादे किए थे। आज सत्ता में आने के बाद उन वादों का क्या हुआ?
सरकार हिम्मत क्यों नहीं जुटा पा रही है, और आखिर किसे संरक्षण देने का प्रयास किया जा रहा है?
मैं मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp जी से आग्रह करता हूँ कि इस नए खुलासे के बाद पिछले 11 वर्षों में हुई सभी भर्ती परीक्षाओं, विशेषकर 2024 और 2025 में आयोजित परीक्षाओं की निष्पक्ष, स्वतंत्र और गहन जांच करवाई जाए। युवाओं के भविष्य और न्याय की उम्मीद को ध्यान में रखते हुए सरकार को बिना देरी ठोस और निर्णायक कदम उठाने चाहिए।
@RajGovOfficial@RajCMO
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड में OMR शीट बदलने के खुलासे ने व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। SOG की रिपोर्ट के अनुसार 9 साल पहले यानी 2018 से पूर्व की भाजपा सरकार से शुरू हुआ यह खेल 2026 तक जारी रहा है जो बेहद ही चिंताजनक तथ्य है। जो कर्मचारी इस फर्जीवाड़े में लिप्त थे, वे 2024 और 2025 में भी सक्रिय तथा राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड में पदस्थ थे।
कांग्रेस सरकार ने पेपर लीक के नासूर को मिटाने के लिए देश में सबसे पहले कदम उठाते हुए उम्रकैद की सजा, दोषियों की संपत्ति जब्त एवं 10 करोड़ जुर्माने का कड़ा कानून बनाया। इतिहास में पहली बार आरपीएससी (RPSC) के सदस्य को गिरफ्तार किया गया। कांग्रेस सरकार के दौरान SOG ने 250 से अधिक गिरफ्तारियां कीं और पेपर लीक माफियाओं की संपत्तियों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें ध्वस्त किया।
कांग्रेस सरकार ने कभी भी राजनीति को न्याय के आड़े नहीं आने दिया। जहां कमी थी उसका सामना करते हुए सुधार किया। कई परीक्षाओं को रद्द तक करने की परिस्थिति बनी तो युवाओं के हित में यह निर्णय भी लिया गया। चाहे कांग्रेस शासन हो या भाजपा शासन हो, अगर किसी ने भी बेईमानी की हो उन्हें पेपर लीक पर बने नए कड़े कानून के तहत सजा दिलाई जाए जिससे न्याय सुनिश्चित हो सके।
परन्तु ऐसा लगता है कि भाजपा सरकार पेपर लीक, OMR शीट बदलने जैसे गंभीर मुद्दों को न्याय सुनिश्चित करने की बजाय केवल राजनीति का माध्यम बना रही है इसलिए निष्पक्ष जांच करवाने की बजाय केवल कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में आयोजित हुईं परीक्षाओं को आरोपित करने का प्रयास कर रही है।
पिछले 2 साल में राजस्थानी कर्माचरी चयन बोर्ड द्वारा सूचना सहायक, संविदा नर्स (GNM/ANM), कृषि पर्यवेक्षक, कनिष्ठ लेखाकार, संगणक, समान पात्रता परीक्षा (CET- स्नातक व सीनियर सेकंडरी), पशु परिचर, कनिष्ठ अनुदेशक, LDC, कनिष्ठ अभियंता (JEN), पटवारी, वाहन चालक और ग्राम विकास अधिकारी (VDO) एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी (Grade 4) की परीक्षाएं संपन्न हुईं जिनमें 35 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए थे।
ये सभी परीक्षाएं उसी सिस्टम और स्टाफ की देखरेख में हुईं जो अब ओएमआर शीट में गड़बड़ी के लिए पकड़े गए हैं। इस कारण अब इन सभी परीक्षाओं की शुचिता संदेह के घेरे में है। अभ्यर्थियों द्वारा लगातार ये शिकायत की जा रही है कि बीते 2 सालों से भर्ती परीक्षाओं की कट ऑफ असामान्य रूप से अधिक जा रही है जिससे उनके मन में शंकाएं उपज रही हैं जिन्हें दूर किया जाना आवश्यक है।
मैं मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp से आग्रह करता हूं कि इस नए खुलासे के बाद अब 2024 व 2025 की सभी परीक्षाओं की भी गंभीरता एवं गहराई से जांच करवाई जाए। मुझे उम्मीद है कि युवाओं के भविष्य को देखते हुए सरकार तत्काल कदम उठाएगी।
OMR का खेल :
कल संजय माथुर व उसकी टीम पकड़ में आयी है यानी कल तक इन्होंने हर भर्ती में फर्जीवाड़ा किया है।
इसलिए कट ऑफ असामान्य रूप में बढ़ी हैं और कोई कारण जो बता रहें हैं वो फेंक है।
#RSSB_OMR_घोटाला_बंद_करो
हर घंटे में तीन-चार ट्वीट करने वाले चयन बोर्ड के अध्यक्ष पिछले 24 घंटे में मात्र दो ही ट्वीट कर पाए, किधर चले गए कप्तान साहब ? बोलिए बेरोजगार इंतजार कर रहे हैं 🙌
#चयन_बोर्ड_OMR_घोटाला
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की हाई मेरिट की जांच होनी चाहिए 🙏
बेरोजगारों के साथ नाइंसाफी नहीं होनी चाहिए 🙏
बार-बार कहे रहे हैं कि इतनी ऊंची मेरिट क्यों लेकिन सुनने वाला कोई नहीं।
#चयन_बोर्ड_OMR_घोटाला