@alokrajRSSB LDC के निम्न टॉपिक जिनसे एक भी प्रश्न नहीं पूछा गया-
वैदिक विधियां, घनमूल,प्रतिशत,अनुपात समानुपात,साझा,लाभ हानि,बट्टा,सरल ब्याज,चक्रवृद्धि ब्याज,लघुगणक इन टॉपिक से कोई प्रश्न नहीं पूछा गया है। युगों युगों तक याद किया जाएगा आपको! @alokrajRSSB@madandilawar@RajCMO
LDC के निम्न टॉपिक जिनसे एक भी प्रश्न नहीं पूछा गया-
वैदिक विधियां, घनमूल,प्रतिशत,अनुपात समानुपात,साझा,लाभ हानि,बट्टा,सरल ब्याज,चक्रवृद्धि ब्याज,लघुगणक इन टॉपिक से कोई प्रश्न नहीं पूछा गया है। युगों युगों तक याद किया जाएगा आपको! @alokrajRSSB@madandilawar@RajCMO
@alokrajRSSB OMR को ऑनलाइन करना मात्र परीक्षा की पारदर्शीता नहीं हैं साहब। अब सरकार को जिस सेंटर पर परीक्षा होती हैं वहीं अभ्यार्थियों के सामने ही OMR जांच होनी चाहिए और परिणाम भी वहीं सबके सामने ही जारी किया जाना चाहिए। #OMR_का_खेल_बंद_करो@alokrajRSSB
समाज कल्याण विभाग द्वारा दी जाने वाली उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति 2024-25 का केंद्र सरकार द्वारा दिया जाने वाला 60℅ हिस्सा विद्यार्थियों के खाते में अभी तक नहीं आया हैं।
@DIPRRajasthan@govtraj8686@RajCMO@PMOIndia
दैनिक भास्कर के स्टिंग ऑपरेशन के खुलासों को ध्यान में रखते हुए;
MLAs और MP की भी जांच होनी चाहिये।
हर साल इनके द्वारा होने वाले कार्यों को प्रमुख अखबारों में जनता के सामने रखना चाहिए। जैसे 6 लाख की दरी की डील 50 लाख में!
@DIPRRajasthan@RajCMO@RTIIND
@iamAKstalin नाबालिग की शादी होना भी अपराध है। यदि कोई बालिका अपनी इच्छा से शादी करके किसी के साथ जाए भले वो बालिंग हो लेकिन document में उम्र कम हो उसे भी सुधार गृह में भेजा जाता हैं । इस बालिका को किस नियम के तहत भेजा गया।
2- मुझ अनाथ को शरण पीपल वृक्ष ने दी है। अतः जो भी व्यक्ति सूर्योदय के पूर्व पीपल वृक्ष पर जल चढ़ाएगा उसपर शनि की महादशा का असर नहीं होगा।
ब्रह्मा जी ने तथास्तु कह वरदान दिया।तब पिप्पलाद ने जलते हुए शनि को अपने ब्रह्मदण्ड से उनके पैरों पर आघात करके उन्हें मुक्त कर दिया । जिससे शनिदेव के पैर क्षतिग्रस्त हो गए और वे पहले जैसी तेजी से चलने लायक नहीं रहे।अतः तभी से शनि "शनै:चरति य: शनैश्चर:" अर्थात जो धीरे चलता है वही शनैश्चर है, कहलाये और शनि आग में जलने के कारण काली काया वाले अंग भंग रूप में हो गए।
सम्प्रति शनि की काली मूर्ति और पीपल वृक्ष की पूजा का यही धार्मिक हेतु है।आगे चलकर पिप्पलाद ने प्रश्न उपनिषद की रचना की,जो आज भी ज्ञान का वृहद भंडार है.....
जय जय श्री राम
2- मुझ अनाथ को शरण पीपल वृक्ष ने दी है। अतः जो भी व्यक्ति सूर्योदय के पूर्व पीपल वृक्ष पर जल चढ़ाएगा उसपर शनि की महादशा का असर नहीं होगा।
ब्रह्मा जी ने तथास्तु कह वरदान दिया।तब पिप्पलाद ने जलते हुए शनि को अपने ब्रह्मदण्ड से उनके पैरों पर आघात करके उन्हें मुक्त कर दिया । जिससे शनिदेव के पैर क्षतिग्रस्त हो गए और वे पहले जैसी तेजी से चलने लायक नहीं रहे।अतः तभी से शनि "शनै:चरति य: शनैश्चर:" अर्थात जो धीरे चलता है वही शनैश्चर है, कहलाये और शनि आग में जलने के कारण काली काया वाले अंग भंग रूप में हो गए।
सम्प्रति शनि की काली मूर्ति और पीपल वृक्ष की पूजा का यही धार्मिक हेतु है।आगे चलकर पिप्पलाद ने प्रश्न उपनिषद की रचना की,जो आज भी ज्ञान का वृहद भंडार है.....
जय जय श्री राम