उत्तर प्रदेश के छात्र UPSSSC आयोग से waiting list की मांग कर रहे है,
आयोग की इस पर विचार करना चाहिए,
छात्रों का कहना है कि एक ही छात्र कई भर्तीयों में सिलेक्ट हो जाता है,
फिर सीटें खाली रह जाती है,ऐसे में आयोग जल्द विचार करके इसको लागू करें,
छात्रों ने यह भी बताया कि 25 अगस्त को हम आयोग पहुंचने वाले है।
@UpssscOfficial1@UPGovt
बदहाल व्यवस्था का सच दिखाने वाले युवा साथियों के साथ अभद्रता करने वाले,
लोगों को महान क्रांतिकारी लेनिन की एक बात कहना चाहूंगा - यदि आप किसी राष्ट्र को नष्ट करना चाहते हैं तो उसके युवाओं की सोच को नष्ट कर दीजिए।
अभद्रता करने वाले युवा एक बार विचार जरूर करें कि वह राष्ट्र निर्माण में क्या योगदान दे रहे हैं।
333और 1224 स्टोनो की टाइपिंग 1 SEP से शुरू है।54पद जूनियरएसिस्टेंट final होगया।200 स्टोर कीपर और 5369 जूनियर एसिस्टेंट का रिजल्ट आने वाला हैऔर 3284 की टाइपिंगdec में लगी है। लगभग 10491 पदटाइपिंग के हैयही बच्चे4जगह सेलेक्ट होंगे सीट खराब करेंगे। इसलिए #upsssc_waiting_listजरूरीहै
उत्तर प्रदेश के छात्र UPSSSC आयोग से waiting list की मांग कर रहे है,
आयोग की इस पर विचार करना चाहिए,
छात्रों का कहना है कि एक ही छात्र कई भर्तीयों में सिलेक्ट हो जाता है,
फिर सीटें खाली रह जाती है,ऐसे में आयोग जल्द विचार करके इसको लागू करें,
छात्रों ने यह भी बताया कि 25 अगस्त को हम आयोग पहुंचने वाले है।
@UpssscOfficial1@UPGovt
UPSSSC जूनियर असिस्टेंट 5512 पदों का रिजल्ट आने वाला है.
इसी के समानांतर UPSI, UPSSSC AGTA, VPO का रिजल्ट आ चुका है,
सबसे जरूरी बात ये है कि इन सभी परीक्षाओं में बैठने वाले अभ्यर्थी कॉमन हैं,
यानी कि जिनका सिलेक्शन उपर्युक्त परीक्षाओं में हो चुका है, वो लोग जूनियर असिस्टेंट में ज्वाइन ही नहीं करेंगे,
इसका प्रभाव ये होगा कि बहुत सारी सीट्स खाली चली जाएंगी.
तो निवेदन हैकि UPSSC आयोग को अपनी परीक्षाओं में WAITING LIST का प्रावधान करना चाहिए.
जिससे कि सीट्स खाली न रहें और कुछ अंको से बाहर हुए प्रतियोगी भी सिलेक्शन ले सकें।
'आज पूरे देश ने बीजेपी की गुंडागर्दी लाइव देखी है. हमारे साथियों के हाथ तोड़े गए हैं. महिलाओं पर पत्थर चलाए गए. ये सब मदन दिलावर के कहने पर हुआ है. हमारी गाड़ियां तोड़ी गईं. पुलिस ने हाथ खड़े कर दिए और कहा, 'हम कुछ नहीं करेंगे, ये आपका मामला है.'
48 घंटे का समय दे रहा हूं. ये सब गिरफ्तार होने चाहिए, नहीं तो ये आंदोलन शिक्षा से बढ़कर मदन दिलावर के खिलाफ होगा. शर्म आनी चाहिए तुम लोगों को. भैंसों के तबेले में स्कूल चल रहे हैं. हम तुम्हारी गुंडागर्दी से डरने वाले नहीं हैं.'
-आशुतोष रांका
CJP प्रवक्ता
Naukri Chakri : पिछले दिनों UPSSSC ने 1,468 पदों पर अंतिम चयन परिणाम जारी कर दिया. महीनों से रिजल्ट की राह देख रहे अभ्यर्थियों का इंतजार खत्म हुआ लेकिन इसी भर्ती के एक कैंडिडेट ने रिजल्ट के अगले ही दिन सोशल मीडिया पर भावुक वीडियो अपलोड कर एक अहम मुद्दा उठा दिया. देखिए पूरी कहानी -
#NaukriChakri #UPSSSC #VillagePanchayatBharti #Result #CutOff @I_Gaurav_Pandey@AakashR10800384
प्रयागराज : UPSSSC जारी कर सकता चयन परिणाम
➡️10 सितंबर तक घोषित हो सकता चयन परिणाम
➡️कनिष्ठ सहायक, लिपिक एवं सहायक स्तर-III का परिणाम
➡️परिणाम जारी करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में
➡️आयोग के अनुसार अभ्यर्थियों के हित सर्वोच्च प्राथमिकता
➡️परीक्षा की निष्पक्षता की विश्वसनीयता पर जोर
➡️आयोग की अपील अफवाहों पर विश्वास न करें
➡️चयन संबंधी जानकारी के लिए वेबसाइट पर करें भरोसा
#Prayagraj #UPSSSC #UttarPradesh
मोदी जी की ’वैज्ञानिक सोच’ का कमाल देखिए...
गन्ने से इथेनॉल बना कर आपकी गाड़ी में डाला जिससे गाड़ी खराब हो रही है, अब उसी इथेनॉल बनाने की वजह से चीनी बनाने लायक गन्ना बचा नहीं तो चीनी महंगी हो गई है। अब नौबत ये आ गई है कि बड़ी मात्रा में चीनी आयात करनी पड़ रही है। इस तरह मोदी जी का कहना है कि पहले इथेनॉल बना कर विदेशी मुद्रा बचाई अब उसी मुद्रा से चीनी खरीदेंगे।
और फिर कोई सवाल पूछेगा तो मोदी जी उसे दिमागी नक्सल कह देंगे।
17 दिन में चीनी 19 रुपये महंगी होकर फुटकर बाजार में 65 रुपये और थोक में 60 रुपये प्रति किलो पहुंच गई। चाय दुकानदार, मिठाई कारोबारी और सबसे बढ़कर आम उपभोक्ता इसकी मार झेल रहे हैं।
11 अगस्त को मैंने सवाल उठाया था कि E20 नीति के तहत गन्ने और मक्के जैसी फसलों को ‘खाद्य से ईंधन’ की दिशा में मोड़ने का असर देश की खाद्य सुरक्षा और चीनी की कीमतों पर क्या पड़ेगा। विशेषज्ञों के अनुसार, अब करीब 30 लाख टन चीनी के बराबर उत्पादन एथेनॉल की ओर डायवर्ट होने की बात सामने आ रही है।
कच्चे तेल के आयात और विदेशी मुद्रा के दबाव को कम करने के लिए E20 नीति लाई गई है, लेकिन भारत आयातित कच्चे तेल का उपभोग केवल घरेलू ऊर्जा जरूरतों के लिए नहीं करता, बल्कि उसे रिफाइन करके पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात भी करता है।कुल आयातित कच्चे तेल का लगभग एक-चौथाई हिस्सा रिफाइनिंग के बाद पेट्रोलियम उत्पादों के रूप में निर्यात किया जाता है। रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात में भारत दुनिया में दूसरे स्थान पर है और इससे बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा अर्जित होती है।
ऐसे में सवाल है, जब भारत आयातित कच्चे तेल को रिफाइन करके पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात कर विदेशी मुद्रा अर्जित कर रहा है, तो E20 के लक्ष्य पूरे करने के लिए गन्ने और मक्के जैसी खाद्य फसलों को एथेनॉल की ओर मोड़ने की कीमत देश की खाद्य सुरक्षा और आम उपभोक्ता को क्यों चुकानी पड़े? इसका असर अब चीनी की उपलब्धता और कीमतों पर दिख रहा है और हालात चीनी आयात करने की नौबत तक पहुंच गए हैं।
(संबंधित मंत्री से न पूछकर सरकार से इसलिए पूछ रहा हूं कि आपके यहां पता ही कौन-सा मंत्री जवाब देगा!)
सरकार E20 नीति की व्यापक समीक्षा करे और चीनी के बढ़ते दामों पर तत्काल प्रभावी कदम उठाए।
“E20 का जुनून, जनता मजबूर!”
@mygovindia@narendramodi@nsitharaman@nitin_gadkari@HardeepSPuri@ChouhanShivraj
छात्र तब भी बेबस थे
वो अब भी बेबस है
रोजगार के लिए पढ़े भी छात्र
Resultके लिए लड़े भी छात्र
जितनी तैयारी परीक्षा को निकालने के लिए नही करनी पड़ती उससे ज्यादा तैयारी परीक्षा अंतिम परिणाम जारी कराने मे लगती है
@IasHarikesh@brajeshpathakup@CMOfficeUP#UPSSSC_JA_5512_RESULT