Odd Day — कोई नौकरी नहीं देता, बाहर मज़दूरी करनी पड़ती है, ऊपर से गालियाँ भी खानी पड़ती हैं… बुहूहू 🥹
Even Day — ये पोंगा सबको नौकरी देगा और खुद कमीशन खाएगा… बुहूहू 🥹
जिस तरह कभी मिडिल क्लास में नरेंद्र मोदी को लेकर उत्साह और उम्मीद का माहौल था, कुछ वैसा ही माहौल आज प्रशांत किशोर को लेकर दिखाई दे रहा है। सोशल मीडिया से दूर रहने वाले लोग भी आज अपने व्हाट्सऐप स्टेटस पर प्रशांत किशोर की तस्वीरें लगा रहे हैं।
कोई एक जर्नलिस्ट जिन्हें प्रशांत की जीत जेनुइनली ख़ुशी देगी वो संतोष सिंह हैं।
जब बाक़ी पत्रकार प्रशांत किशोर को दूसरा पुष्पम प्रिया घोषित करके अपने पत्रकारिता की समझ दिखा रहे थे तब संतोष सिंह जेन्युइनली प्रशांत के विजन को समझ रहे थे और सीरियसली उसे रिपोर्ट कर रहे थे।
प्रशांत के पॉलिटिक्स के इंपैक्ट को लांग टर्म में समझा रहे थे।
अब इस जीत के बाद इनके आर्टिकल का इंतेजार रहेगा।
लोगों ने सिर्फ नाम में पांडे लगाकर खत्म करना चाहा, जनता ने वहां से चुना जहां ब्राह्मण वोट से कोई फर्क नहीं पड़ता ।
हर इंटरव्यू में प्रशांत से जाति का कठिन प्रश्न होता था,आज जनादेश ने स्पष्ट कर दिया कि पांडे होना राजनीतिक अश्पृश्य होना नहीं है।