हिंदू एकता नामुमकिन है,
इसके लिए बहुत त्याग करने होंगे सबको,
किन्हीं आरक्षण,किन्हीं को जातीय घमंड, किन्हीं को जातीय घृणा ।
क्योंकि हिन्दू एकता के बाद कोई दलित,शूद्र,वैश्य,क्षत्रिय और ब्राह्मण नहीं होंगे सभी हिन्दू हो जाएंगे....
नुकसान एक को हो तो हो भी जाए लेकिन यहां सबका है
हिंदू एकता ���भी मजबूत हो सकती है जब रोटी, बेटी के बीच जाती न आए,
ये समस्या जिस दिन हल हो गया उस दिन हिन्दू एकजुट हो जाएंगे, सारे जाती आधारित आरक्षण समाप्त हो जाएंगे, जाती आधारित राजनीति समाप्त हो जाएगी और देश हिन्दू राष्ट्र बन जाएगा
@Ingenious_AI मनराजी लीची में बीज बहुत छोटा होता है और पल्प मोटा होता है,
बस एक दिक्कत है ज्यादा मीठा और बारिश होने के बाद कीड़े लगते हैं जिससे रोकथाम के लिए विशेष ध्यान देना पड़ता है
श्री सूरजमल सिंह अम्मू जी,
कथित करणी सेना के कथित नेता सूरजपाल सिंह अम्मू कौन है, हमें नहीं पता लेकिन ��नका दर्द क्या है, ये सबको पता लग गया है। दर्द ये है कि ये विधायक बनना चाहते हैं लेकिन बन नहीं पा रहे। बनेंगे कैसे? जब किसी का भला इन्होंने किया नहीं तो लोग इनको क्यों अपना मानेंगे?
ये अम्मू क्षत्रियों के नेता बनने के लिए घूम रहे हैं। दावा है कि इनको दूसरे समाज के लोग भी नेता मानते हैं। अरे अम्मू जी, सुनिए। दूसरों को गाली देकर आप नेता नहीं बन सकते। अपनों के लिए कुछ काम कीजिए। रही बात हमें नालायक़ होने की तो ये जनता पर छोड़ दीजिए। जिस इंसान ने पिछड़ो को आगे लाने के लिए अपनी ज़िंदगी दे दी, वो आपको नालायक़ लग रहा। लगेगा भी। जानते हैं क्यों? क्योंकि आप सामंती हैं।
आपकी सामंती सोच, जो हम जैसे पिछड़ों को नदी और हैंडपंप से पानी नहीं भरने देती थी। वही सोच, जो हमारा छूआ दूर कर देती थी। वही सामंतवाद जो ख़ुद चारपाई पर बैठकर हमें नीचे बिठाता रहा है। वही सामंतवाद जो हमारे पाँव में चप्पल नहीं देख पता था। वही सामंतवाद जो हमारे कानों में शीशा पिघलाकर डाल देता था। वही सामंतवाद जो हमसे पढ़ने का हक़ छीन लेता था। सच्चा क्षत्रिय सबको साथ लेकर चलता है। आप तो उद्दंडी हैं, क्षत्रिय नहीं।
अगर आप सच्चे क्षत्रिय होते तो इस भाषा का इस्तेमाल नहीं करते। सच्चा क्षत्रिय तन, मन और जुबान से फौलादी होता है। आपकी तो जुबान बता रह�� है कि आप क्षत्रिय वंश में पैदा होकर भी क्षत्रिय हैं नहीं। आपने कहा कि आप यूपी के विधानसभा चुनाव में अपना प्रत्याशी उतारेंगे। उतारिए। शौक से उतारिए। कोई रोकने वाला नहीं है। जनता को तय करना है कि लायक़ कौन है और कौन नालायक़ है। चुनाव के नतीजे आयेंगे तो जनता आपको बेहतर लायक़ और नालायक़ का फ़र्क़ समझा देगी।
भाई, हम तो पिछड़े हैं। आपके बराबर आने की कोशिश कर रहे हैं। बाबा साहब भीमराव अंबेडकर ने ��े ह���़ हमें दिया है। दीनदयाल उपाध्याय जी ने अंत्योदय की बात कहकर हम जैसे पिछड़ों को साथ लाने की सोच विकसित की। महाराजा सुहेलदेव ने पूरे समाज को अपने साथ जोड़कर राक्षस का अंत किया। हम उसी महाराजा सुहेलदेव के वंशज हैं। आपकी गाली से हम पर कोई असर नहीं पड़ने वाला।
राजभर लड़ाकू क़ौम है। हम अपना अधिकार लड़कर लेंगे। चाहते तो हम भी आपकी भाषा में अपनों जवाब देते लेकिन मेरी माता पिता ने हमें ये सिखाया नहीं हैं। हम प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के सबका साथ, सबका विकास के नारे के साथ हम जुड़े हैं। मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के विज़न से हम जुड़े हैं। हमें आपके लायक़ और नालायक होने का सर्टिफिकेट नहीं चाहिए। बाक़ी विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद आपसे बात करेंगे। जय भारत, जय सुहेलदेव।
@_therahulyadav@aloojii भाई इसको कहाँ डिफेंड किया,
बात सिर्फ बोला ऐसा हो सकता है,
बांकी जिस राज्य में साइंस का यूनिवर्सिटी नहीं है वहां फिजिक्स का यूनिवर्सिटी बातें करना मूर्खता है