कभी आपने गौर किया कि इस तरह का विरोध करने वाले कौन हैं? इनकी कुछ खासियत हैं। ये भाजपा के पारंपरिक वोटर्स हैं, मुस्लिम नफ़रत में आकंठ डूबे हैं। गांधी के विरोधी हैं, गोडसे के पुजारी हैं। इनकी नज़र में तमाम स्वतंत्रता सेनानियों की कोई अहमियत नहीं है, लेकिन सावरकर ‘वीर’ हैं। ये इतने शातिर हैं कि खुद को हिंदुओं का हितैषी बताकर समस्त हिंदुओं का ठेकेदार बनने का दंभ भरते हैं, लेकिन जब हिंदुओं के किसी परिवार पर संकट आता है तब ये कहीं नज़र नहीं आते। हाँ! कहीं माहौल खराब करना हो तो ये पहली सफ में नज़र में आते हैं।
स्टॉकहोम, स्वीडन में 2020 में तीसरे ग्लोबल मिनिस्ट्रियल कॉफ़्रेंस में बैठ कर रोड सेफ़्टी पर ज्ञान बघारते @nitin_gadkari
और भारत में सारे ज्ञान को ताक पर रख कर गड्डे वाली सड़क बनाते @nitin_gadkari
ज़ैद को पीट-पीट कर मार डालने वाले राहुल और उसके दोस्तों का अभी तक एनकाउंटर नहीं किया गया है। अभी तक हत्यारों के घरों पर बुलडोज़र नहीं चलाया गया है। @myogiadityanath की ज़ीरो टोलरेंस नीति यही है? यदि हत्यारे ‘दूसरे’ हों तो एनकाउंटर करा दो, बुलडोज़र चलवा दो पीड़ित को मुआवज़ा दे दो। लेकिन अगर पीड़ित ‘दूसरा’ हो तब? तब यह सब कार्रावाई क्यों नहीं होती? तब जीरो टोलरेंस नीति बदल जाती है?
इथेनॉल बहस में कार कंपनियों की कोई आवाज़ नहीं है। उन्हें सामने आकर अपना पक्ष रखना चाहिए। उनके सर्विस स्टेशन में कारें आती होंगी। बाइक आती होगी। कुछ तो फीडबैक होगा। उन्हें पता होगा कि मंत्री सही बोल रहे हैं या नहीं। क्या उन्हें भी डर लग रहा है? इतनी बड़ी बड़ी कार कंपनियाँ हैं और चूँ तक नहीं ? डर इस देश का बुनियादी चरित्र हो गया है।
An Assamese Muslim man has been declared a foreigner despite producing 15 documents, including the 1951 NRC, decades of electoral records, Aadhaar, voter ID, PAN and even a passport.
When the State’s own documents are treated as insufficient, citizenship is reduced to an arbitrary exercise. A system that keeps shifting the goalposts erodes faith in the rule of law and places ordinary citizens especially from minority community in perpetual fear.
"All citizens are being made slaves of Indian Government. They cannot stage protests, they cannot agitate-What is all this? Now so many papers have been leaked. If people protest, you will slap cases... What is this? It is the right of the citizens to protest.
The petitioner has just raised slogans like 'BJP Government Murdabad', 'Amit Shah Murdabad'... Why citizens can't raise such slogans? Why externment orders for such slogans?" - Bombay High Court Judge Justice Madhav Jamdar asks.
ये नितिन गडकरी का बहुत ही आपत्तिजनक बयान है!
इथेनॉल मिले पेट्रोल से तमाम समस्याएं हो रहीं हैं लेकिन नितिन गडकरी को ये “लॉबिज़” का काम लग रहा है! देश की जनता की तरफ़ से व्यक्त हर तकलीफ़ को ‘पैसा के बूते चलाया जा रहा कैंपेन’ बताना गडकरी का ओवर कॉन्फ़िडेंस दिखाता है। उल्टा विपक्षी पार्टियों का आरोप तो ये है कि अपने बेटे के बिज़नेस में फ़ायदा पहुँचने के लिए नितिन गडकरी ने इथेनॉल नीति बनायी है।
ख़ैर, जनता जब अपने कार-बाइक का कबाड़ इनके दरवाज़े पर रखना शुरू कर देगी तब शायद इनको एहसास होगा कि मंत्री पद के अहंकार में ये कितना आगे निकल चुके हैं!
इस विडियो में तो AG साफ़ कह रहे हैं कि एथनॉल ब्लेंडिंग एक एक्सपेरिमेंट है और इसका रिजल्ट एक साल में पता चलेगा।
फिर कल इसी रिपोर्ट पर इतना शोर क्यों मचाया गया? इसे ग़लत क्यों कहा गया?
“इथेनॉल का माइलेज 30 फ़ीसदी कम होता है”
तेल कंपनी BPCL के बड़े अधिकारी अनुराग सरावगी का ये बयान ANI हैंडल से डिलीट करा दिया गया है!
किस लॉबी ने डिलीट कराया @nitin_gadkari जी?
(Video posted by @AjitSinghRathi)
डियर @HMOIndia@PMOIndia
क्या मुसलमान ताला मार के बैठे हैं तो कुछ ग़लत हुआ है? क्या उन्हें इन दंगाइयों का साथ देना चाहिये?
क़ानून कहाँ चला गया है देश का?
कोई है जो इस बढ़ती आतंकी सोच पर लगाम लगाये?
गाजियाबाद में राहुल नामक व्यक्ति ने उसकी कार से बाइक टच हो जाने पर अपने दोस्तों के साथ मिलकर मोहम्मद ज़ैद को पीट पीटकर मौत के घाट उतार दिया है, मुस्तफाबाद निवासी ज़ैद अपने दोस्तों के संग स्विमिंग पूल पर नहाने के लिए बाइक से निकला ही था कि लोनी बॉर्डर के आस पास उसकी बाइक राहुल नामक व्यक्ति की कार से टच हो गई। जिसके बाद राहुल ने मासूम ज़ैद की बेरहमी से पिटाई की और पिटाई करने करने के बाद भी पेट नहीं भरा तो उसे कार में डालकर नज़दीक ही मनीष प्रॉपर्टीज़ दफ़्तर में ले गया और दफ़्तर में ले जाकर भी उसके साथ मारपीट की गई। मारपीट इतनी की गई कि अब ज़ैद की मौत हो गई हैं।
मैं ज़ैद की बहन का मीडिया को दिया गया बयान सुन रहा था, ज़ैद बहन ने कहा "क्या मेरे छोटे भाई ज़ैद के हत्यारों के घरों पर योगी जी बुलडोजर चलाएंगे? क्या उनका भी एनकाउंटर किया जाएगा?"
मैं परिवार की मांग और बयान का समर्थक हूँ क्योंकि इसी गाजियाबाद में पिछले महीने एक सूर्य नामक लड़के की हत्या हो गई थी, जिसकी हत्या का आरोप असद नामक लड़के पर लगा, पुलिस ने तुरंत ही असद को एनकाउंटर में मार गिराया और उसके घर पर बुलडोजर चलाने की मांग हुई, इसी गाजियाबाद में सनातनी हिंदू सलीम वास्तिक पर हमला हुआ जिसका आरोप दो मुस्लिम लड़कों पर जो कि सगे भाई थे, पुलिस ने उन्हें तुरंत ही एनकाउंटर में मार गिराया।
@myogiadityanath गाजियाबाद में राहुल और उसके साथियों द्वारा पीट पीटकर मारे गए ज़ैद के हत्यारों का भी एनकाउंटर करने का आदेश देंगे? क्या योगी जी राहुल और उसके साथियों के घर पर भी बुलडोजर चलाने की कृपा करेंगे?
दिल्ली में 700 करोड़ का घोटाला हुआ है मेडिकल सेक्टर में, बड़ी अधिकारी गिरफ्तार हुई हैं लेकिन मीडिया में ऐसे ख़ामोशी है जैसे कुछ हुआ ही नहीं।
2014 से अब तक यही बदला है।
The rejection of 88,571 Waqf property applications highest from UP on the UMEED portal,nearly 11% of all submissions raises serious questions about transparency and due process. Thousands of long-recognised Waqf properties now face uncertainty, with no clear explanation or roadmap. @MOMAIndia should immediately establish a dedicated grievance redressal cell to review rejected applications, communicate reasons for rejection, and allow applicants a fair opportunity to rectify deficiencies.
#Waqf
#UMEED
दिल्ली के कनॉट प्लेस इलाके में मुस्लिम लड़के के साथ की गई मारपीट के मामले में दिल्ली पुलिस का कहना है कि जब हमें पिटने वाले तरफ़ से कोई तहरीर नहीं दी गई तो कार्रवाई कैसे करें? वाह बहुत ख़ूब दिल्ली पुलिस वाह
सभी लोगों से अपील हैं अपने मरने से पहले अपनी जेब में एक तहरीर लिखकर रखे और हो सके तो एडवांस में पुलिस को तहरीर दे दें, क्योंकि अगर आप मर भी गए तो पुलिस Sou Moto एक्शन नहीं लेगी।