#JusticeForTeachers
देश के सभी राज्यों में आरटीई लागू होने के पूर्व राज्यों द्वारा निर्धारित अर्हता रखने वाले अभ्यर्थियों को ही शिक्षक पद पर नियुक्त किया गया है जोकि 25-30 वर्षों से शिक्षण कार्य कर रहे हैं ।
परन्तु आरटीई लागू होन�� के बाद शिक्षक पद पर नियुक्ति हेतु निर्धारित अर्हता उसके पूर्व में नियुक्त शिक्षकों पर थोपना सरासर अन्याय है ।हम भारत सरकार से अनुरोध करते हैं कि संसद द्वारा कानून पारित कराकर इस अन्याय पर रोक लगाकर देश के लाखों शिक्षकों और उनके परिजनों को न्याय दिलाया जाये ।
@PMOIndia @narendramodi @AmitShah @dpradhanbjp @jayantrld @CMOfficeUP @myogiadityanath @rajnathsingh @aajtak @brajeshlive @Aamitabh2 @ABPNews
#Justiceforschoolschildren
आजादी से अब तक तमाम सरकारों, जनसेवकों, माननीयों की कोशिशों और बड़ी मुश्किल से गांव- गांव तक विद्यालय पहुंचें हैं। अब कुछ संसाधन बचाने, कुछ धन बचाने के चक्कर में इन्हें बंद मत कीजिए। एक बार बंद हुए विद्यालय फिर दुबारा खोलने में बहुत मशक्कत होगी। बच्चे आज कम है उस गांव में, कल को हो सकता है बढ़ जाए।
इतना भीषण कदम मत उठाइए।
विद्यालय बंद करना कही�� से कोई समाधान नहीं है, समस्या का। ग्रामीणों, छात्रों और शिक्षकों के लिए यह विद्यालय एक स्थान नहीं बल्कि हजारों बाल स्मृतियों का कल्प- वृक्ष है। इसे न काटिए।
🙏
#JusticeForSchoolsChildren
असली राजा वही है जो एसी कमरों में बैठे अधिकारियों के फैसलों पर मोहर न ल��ाए।
बल्कि जमीन स्तर पर जाकर समस्याओं को समझ कर बेहतर किया जाए।
शिक्षा मूलभूत आवश्यकता है
उसे बढ़ावा देना चाहिए
न कि खतम किया जाना चाहिए
बहुत ही सटीक तरीके से शिक्षकों का पक्ष रखा है लखनऊ की प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापिका लवली सिंह मैडम ने।
वीडियो को पूरा देखें और रिपोस्ट अवश्य करें।