आज पूना पैक्ट दिवस, जिसे हमारे रहबर मान्यवर कांशीराम साहब ने ‘धिक्कार’ कहा, के अवसर पर 24 सूत्रीय मांगों को लेकर देशभर के जिला मुख्यालयों पर ‘सम्पूर्ण भागीदारी महाआन्दोलन’ कर महामहिम राष्ट्रपति महोदया जी के नाम ज्ञापन दिया गया।
इसी क्रम में, मैं स्वयं लखनऊ के ईको गार्डन में शामिल हुआ।
#सम्पूर्ण_भागीदारी_आंदोलन
#ASP_K_Support_UGC_Act
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@rashtrapatibhvn@mygovindia
जनपद मुजफ्फरनगर की पुरकाजी विधानसभा के ग्राम मिमलाना में अपनों के बीच....आपके अधिकारों की रक्षा, गांव के सम्मान और बेहतर भविष्य के लिए आपका एक-एक वोट बेहद महत्वपूर्ण है।।
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अयोध्या के पूराकलंदर थाना क्षेत्र के कन्दैला गांव में 25 अगस्त को रामलगन मौर्य जी पर बम और गोली से हमला कर उनकी हत्या कर दी गई थी। इस हमले में उनकी वृद्ध माता जी भी गंभीर रूप से घायल हुई थीं और उपचार के दौरान उनका भी निधन हो गया। घटना अत्यंत दुखद और चिन्ताजनक हैं।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी ,सबसे गंभीर सवाल यह है कि घटना के बाद से फरार आरोपियों पर अचानक इनाम घोषित किए जाने के बाद रामलगन जी की माता जी की मृत्यु की जानकारी सामने आई। क्या मृत्यु की जानकारी कुछ समय तक छिपाकर रखी गई और पहले आरोपियों पर इनाम घोषित किया गया? अगर ऐसा हुआ है तो इसकी वजह क्या थी? इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर संदेह पैदा किया है।
@UPGovt से मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, फरार आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए और यदि किसी स्तर पर रामलगन मौर्य जी की माता जी की मृत्यु की सूचना छिपाई गई है तो इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर भी कठोर कार्रवाई हो। पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए।
हमारी गहरी संवेदनाएं शोकाकुल परिवार के साथ हैं।प्रकृति परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करे।
आरक्षण विरोधियों द्वारा लंबे समय से संविधान प्रदत्त आरक्षण के खिलाफ माहौल बनाया जा रहा है। अब इसी मुहिम को “आरक्षण में सुधार” जैसे शब्दों की आड़ में आगे बढ़ाने की कोशिश हो रही है।
पूना पैक्ट दिवस, जिसे मान्यवर कांशीराम साहब ने “धिक्कार दिवस” कहा था, इसी अवसर पर सम्पूर्ण भागीदारी आंदोलन ।
📅 दिनांक: 24 सितंबर 2026
⏰ समय: सुबह 10:00 बजे
📍 स्थान: जंतर मंतर, नई दिल्ली
आप सभी अधिक से अधिक संख्या में पहुँचें और आंदोलन को मजबूती दें।
निवेदक: भीम आर्मी-आजाद समाज पार्टी (कांशीराम)
#24_सितंबर_चलो_जंतर_मंतर
#सम्पूर्ण_भागीदारी_आंदोलन
#ASP_K_Support_UGC_Act
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आज जिला जौनपुर की मछलीशहर विधान सभा में आयोजित विशाल जनसभा में अपनों के बीच।
जनसभा को सफल बनाने के लिए दिन-रात मेहनत करने वाले सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और सहयोगियों का हृदय से आभार। अपने अपार प्यार, समर्थन और विश्वास से जनसभा को ऐतिहासिक बनाने वाली जौनपुर की महान जनता को दिल से सलाम और अभिनंदन।
आपकी यह एकजुटता आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के मिशन-2027 को नई ऊर्जा और ताकत देगी।
जय भीम! जय भारत! जय मंडल!
#ASP_K_Mission2027
23 जून को जंतर-मंतर की घटना पर पुलिस कहती है कि संजय कुमार की चोटें सामान्य थीं और खोपड़ी में दरार की बात निराधार है। लेकिन आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज के बयान में वह खुद “7 टांके”, “मरने की स्थिति” और “307 बनता था” जैसी बातें कह रहा हैं।
वह यह भी दावा कर रहा हैं कि संजय कुमार की बेटी निशु, थाने के बाहर खड़े होकर कह रही थी कि “अगर मेरे बाप को इंसाफ नहीं मिला तो हम जहर खाकर मर जाएंगे।” साथ ही उनका दावा है कि वे जेल तक नहीं गए और “कपिल मिश्रा अपने बड़े भाई हैं”, “चिराग पासवान अपने बड़े भाई हैं” तथा “सबका सपोर्ट है।"
तो सवाल है कि अगर घायल की हालत इतनी गंभीर थी और 7 टांके लगे थे, तो पुलिस की MLC में चोटें सामान्य कैसे बताई गईं? अगर धारा 307 का मामला बनता था, तो आरोपी जेल क्यों नहीं गया?
“कपिल मिश्रा के फोन के बाद छोड़ने का दावा सच है या झूठ? क्या पुलिस इसकी निष्पक्ष जांच करेगी? जब राजनीतिक संरक्षण का इतना स्पष्ट दावा सामने आ रहा है, तो पुलिस यह क्यों नहीं स्पष्ट कर रही कि इस मामले में किसी अनुचित प्रभाव या हस्तक्षेप की कोई भूमिका थी या नहीं?”
आखिर पुलिस के रिकॉर्ड और आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज के बयान में इतना बड़ा अंतर क्यों है? हमें इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और अपने पीड़ित परिवार को न्याय दिला कर रहेंगे। जय भीम, जय भारत।।
अर्जक संघ के संस्थापक एवं मानवतावादी वैचारिकी के मजबूत स्तंभ, राजनीति के कबीर कहे जाने वाले महामना रामस्वरूप वर्मा जी की जयंती पर उन्हें शत शत नमन एवं विनम्र आदरांजलि।
#जय अर्जक_जय भीम
आज दिनांक 14 अगस्त 2026, रात्रि 08:00 बजे "स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर लाइव रहूंगा"
सभी साथी मेरे आधिकारिक फेसबुक पेज पर LIVE से अवश्य जुड़ें और इस संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाएँ।
👉 LIVE लिंक:
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जय भीम | जय मंडल | जय जोहार | जय भारत | जय संविधान
7 अगस्त, मंडल दिवस के अवसर पर लखनऊ के इको गार्डन से 'मंडल चेतना जन आंदोलन' का आगाज़।
मंडल आयोग की सभी सिफारिशों को लागू कराने, पिछड़े वर्गों को राजनीतिक आरक्षण दिलाने तथा सामाजिक न्याय और समान प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की मांग को लेकर विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा।
मंडल कमीशन के बाकी सिफारिशें लागू करो।
वर्ना कुर्सी खाली करो।।
स्थान: इको गार्डन, लखनऊ
तिथि: 7 अगस्त (मंडल दिवस)
सभी सामाजिक परिवर्तन और सामाजिक न्याय में विश्वास रखने वाले देशवासियों को मंडल दिवस की हार्दिक मंगलकामनाएं।
7 अगस्त, 1990 भारतीय लोकतंत्र और सामाजिक न्याय के इतिहास का वह ऐतिहासिक दिन है, जब लंबे संघर्ष के बाद मंडल आयोग की सिफारिशों को लागू करने का निर्णय लिया गया। आज लाखों पिछड़े वर्ग के लोगों की सामाजिक और शैक्षणिक प्रगति में मंडल आयोग की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
मंडल दिवस के अवसर पर मैं केंद्र सरकार से मांग करता हूं कि मंडल आयोग की शेष सिफारिशों को लागू किया जाए। इसके लिए जाति आधारित जनगणना को पूरी तरह वैज्ञानिक, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाया जाए। जनगणना से पहले देश की जातियों की एक मानकीकृत सूची सार्वजनिक की जाए, ताकि वर्गीकरण को लेकर विवाद न हो और प्राप्त आंकड़े नीति-निर्माण, सामाजिक न्याय तथा न्यायिक समीक्षा तीनों के लिए मजबूत आधार बन सकें।
सटीक जातिवार आंकड़ों के बिना सामाजिक न्याय की नीतियों को प्रभावी ढंग से लागू करना कठिन है। इसलिए जाति आधारित जनगणना केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि संविधान की भावना के अनुरूप समान अवसर और न्याय सुनिश्चित करने की मजबूत नींव है।
जय भीम! जय मंडल! जय संविधान! जय भारत!