गावों में विकास के नाम पर पंचायती राज के चुनाव हो रहे है
जो 1960 से होते आ रह है,
मुद्दा वही विकास पर गाव आज भी वही है।
- सरकारी शिक्षा संस्थानों की स्थिति
- SR. SEC. स्कूल में अध्यापक की कमी
- स्वास्थ्य केंद्र की कमी उसके लिए शहरों पर निर्भरता
@Bhajan_jambhani हाँ जो पार्टी को सही लगे वो फ़ैसला ले
जनता को जिधर वोट देने है वोट दे
सब अपनी अपनी मेहनत करे
जिसकी ज़्यादा मेहनत उसकी मेहनत रंग लाएगी
बाक़ी सब जनता के हवाले।