कुछ अपवादों को छोड���कर देखा जाए तो, अच्छी सड़क हर घर बिजली, अस्पताल की बेहतर व्यवस्था, कानून का राज, राजस्व का नुकसान सहकर और मानवीय-पारिवारिक मूल्यों को समझ कर लगाई गई शराबबंदी। पद यात्राएं, साथ में छात्रों पर यातनाएं। 21 साल का मिश्रित नीतीश जी का कार्यकाल यादगार रहेगा।