जुड़ेगा भारत, जीतेगा इंडिया! 🇮🇳✌️ ईमानदारी मेरा मंत्र #BharatJitega
Socialist, Secular,Democratic
Gandhism
👉proud to be an Indian.
Social media influener
आखिर यह अमेरिका का President Donald Trump चाहता क्या है?
जब मन करता है तब Iran पर हमले कर देता है.
इजरायल इसकी एक बात को मानता नहीं है.
पूरा देश और दुनिया महंगाई और मंदी की चपेट में है और वह भी दो तानाशाहों Trump और बेंजामिन नेतन्याहू की वजह से.
कभी Trump शांति स्थापित करने के लिए ईरान से कहता तो कभी युद्ध की धमकी देता है और वह तो यह भी कहता है कि उसको महंगाई से बहुत प्यार है.
US NAVY ने OMAN के तट पर भारत के जहाज पर हमला करती है जिसमें 3 Indian की जान चली जाती है और हमारे
दुग्गल साहब 12 साल पूरे होने पर Trump को धन्यवाद करते हैं.
एक तरफ हमारे देश के नागरिक अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और महाशक्तियों की लड़ाई में अपनी जान
गंवा रहे हैं, और दूसरी तरफ हमारी कूटनीति रणनीतिक साझेदारी के नाम पर अमेरिका को नाराज करने से डर रही है।
अगर ईरान और इज़राइल एवं अमेरिका का युद्ध नहीं रुका तो पूरी दुनिया में खासकर भारत में आर्थिक तूफान आने वाला है जो सब कुछ ले डूबेगा.
क्या अमेरिका के साथ रणनीतिक दोस्ती के चक्कर में भारत अपनी संप्रभुता से समझौता कर रहा है?
राहुल गाँधी ने ऐसे ही नहीं कहा था कि सरकार एक साल में गिर सकती है. भूमिका तैयार हो रहीं है शायद
TMC सांसद के बारें में सुबह से अफवाह है कि वो बीजेपी ज्वाइन करने वाली हैँ.
लेकिन सूत्रों अनुसार सयानी घोष 20 TMC सांसदों के साथ बीजेपी को ठेंगा दिखा सकती हैँ
खबर आ रहीं है कि TMC के कांग्रेस में विलय के दिख रहे आसार के साथ 20 सांसद कांग्रेस में शामिल हो सकते हैँ.
नीतीश को हटाए जाने से नाराज JDU अंदर ही अंदर राहुल गाँधी से सम्पर्क की कोशिश में है.
लोकसभा गणित के अनुसार बीजेपी के पास पूर्ण बहुमत नहीं है.
वो बैसाखी पर है.. अगर राहुल का ये दांव सफल रहा तो खेला होबे..
तब तक सयानी घोष के बीजेपी में जाने की खबर सुन सुन कर मज़े लेते रहिये. 😊
आपको एक पते की ओर अन्दर की खबर बता रहा हूं जो सत प्रतिशत सत्य होने वाली है.
8 जून को दिल्ली के Constitution Club में इंडिया गठबंधन की मीटिंग हुई थी जिसमें 23
पार्टियों के नेता पहुंचे थे और UBT शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन Online Meeting में उपस्थित हुए थे.
ममता बनर्जी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी को इंडिया गठबंधन का नेतृत्व करने दीजिए और अन्य नेताओं ने भी अपनी अपनी बात रखी.
ममता दीदी 9 जून को सोनिया गांधी जी से मिली जिसमें सोनिया गांधी जी ने TMC का विलय कांग्रेस
पार्टी में करने को कहा और ममता दीदी को पार्टी का उपाध्यक्ष और उनके भतीजे को कांग्रेस महासचिव बना दिया जाएगा.
इसके बाद ममता दीदी ने सोनिया गांधी जी से समय मांगा है.
आज TMC सांसद अभिषेक बनर्जी ने नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi से 4 घंटों तक मुलाकात की है.
ऐसा लग रहा है कि बंगाल और दिल्ली में कुछ बड़ा होने वाला है जो बीजेपी के लिए कतई सही नहीं होने वाला है.
इंडिया गठबंधन की अगली मीटिंग तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में होनी है जिसमें कुछ नए बदलाव हो सकते हैं।
क्या ममता दीदी TMC का विलय कांग्रेस पार्टी में कर पाएंगी?
बीजेपी से जो उम्मीद थी वह उस पर खरी उतरी है.
TMC की राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है और यह यूं ही नहीं हुआ है.
सुष्मिता देव ने हेमंता बिस्वा शरमा से मुलाकात करने के बाद इस्तीफा दिया है.
TMC के 20 लोकसभा सांसदों में सयानी घोष का भी नाम है जो NDA को समर्थन देना चाहते हैं.
सयानी घोष को ममता बनर्जी ने पहली बार ही लोकसभा भेज दिया .
सयानी घोष ने हाल ही में हुए लोकसभा चुनावों में ताबड़तोड़ रेलिया की थीं और ममता बनर्जी के बाद
वह मुख्यमंत्री का चेहरा हो सकती थीं लेकिन उन्होंने भी अपनी पार्टी को धोखा दे दिया.
बीजेपी लोकतन्त्र को तार तार करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है.
ममता दीदी की पार्टी TMC अब लगभग खत्म हो चुकी है और अब मोदी जी महाराष्ट्र में शरद पवार की पार्टी को खत्म कर सकती है.
उसके बाद उद्धव ठाकरे की शिवसेना के सांसदों को खत्म किया जा सकता है.
बीजेपी राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी से डरी हुई है इसलिए वह दूसरी पार्टियों के सांसदों को अपनी पार्टी में शामिल कर रही है.
सयानी घोष ने कहा था कि वह राघव चड्ढा की तरह नहीं हैं जो चड्डी बन जाए और बीजेपी में चली जाएं और अब खुद बीजेपी में जा रही हैं.
मोदी है तो मुमकिन है.. क्यों सही कहा ना?
बहुत अच्छी खबर है सबके लिए.
X हेड nikita bier ने ये साफ़ कर दिया है कि X अब वीडियो को Reshare करने पर भी इम्प्रैशन आपके अकॉउंट में काउंट होंगे.
इसमें बस थोड़ा सा फर्क रखा गया है.
उन्होंने ये भी साफ किया कि ओरिजिनल क्रिएटर को आये इम्प्रैशन का 50% दिया जायेगा.
और ReShare करने वाले व्यक्ति को भी 50% इम्प्रैशन मिलेंगे.
लेकिन जो साथी पेआउट के जा रहे हैँ
उनको बता दूँ कि अगर आपका ReShare किया कंटेंट अच्छा परफॉर्म नहीं करता है
तो पेआउट मिलने के चांस बहुत कम होंगे.
इसलिए जो साथी वीडियो कंटेंट पर ही ज्यादा फोकस करते हैँ उनको कंटेंट क्वालिटी उच्च स्तर की रखनी होगी.
अंकित अवस्थी सर को राजनीति में जरूर आना चाहिए क्योंकि देश की शिक्षा व्यवस्था को सुधारने
के लिए किसी को आगे आना ही होगा.
कोई देश की बात ही नहीं करना चाहता है, सबको पार्टियों की पड़ी हुई है.
यह हैं अंकित अवस्थी सर जो Ankit Inspire India You TUBE channel और अपनी
पाठशाला नामक Application पर पढ़ाते हैं और दूसरी ओर हमारे बेबाक शिक्षक अभिनय शर्मा सर हैं
जो Abhinay Maths नामक You Tube पर पढ़ाते हैं.
अभी अंकित अवस्थी सर ने अभिनय सर का एक Podcast किया था जिसमें उन्होंने शिक्षा व्यवस्था
से लेकर कोचिंग माफिया तक सवाल किए और जवाब दिए.
अंकित अवस्थी सर को इस बात से दिक्कत है कि वह सरकार से सवाल क्यों करते हैं क्योंकि उनका
कहना है कि एक शिक्षक को सिर्फ पढ़ाने पर ही ध्यान देना चाहिए उसके अलावा कुछ नहीं.
अभिनय सर ने जवाब दिया कि एक शिक्षक सरकार से सवाल क्यों नहीं कर सकता है और क्यों वह राजनीति पर सवाल नहीं कर सकता है?
अंकित अवस्थी सर ने अभिनय सर से कहा कि आप जब इतनी सरकार की तीखी आलोचना करते हैं तो
आपने राजनीति के बारे में क्यों नहीं सोचा तो अभिनय सर ने कहा कि उन्होंने कुछ ऐसा सोचा नहीं
है लेकिन अगर कभी मौका मिलता है तो देश को सही करने के लिए वह राजनीति में भी आ सकते हैं।
अभिनय सर पर अंजना ओम कश्यप ने 2 करोड़ रुपए की मानहानि का मुकदमा दर्ज किया है जबकि
अंकित अवस्थी सर पर नहीं अब आप समझ ही सकते हैं ना?
गंदगी को साफ करने के लिए कीचड़ में एक दिन उतरना ही पड़ता है .
क्या अभिनय सर को सक्रिय राजनीति में आ जाना चाहिए??
और जानने के लिए कमेंट में जरूर पढ़ें 👇
यह हैं अंकित अवस्थी सर जो Ankit Inspire India You TUBE channel और अपनी
पाठशाला नामक Application पर पढ़ाते हैं और दूसरी ओर हमारे बेबाक शिक्षक अभिनय शर्मा सर हैं
जो Abhinay Maths नामक You Tube पर पढ़ाते हैं.
अभी अंकित अवस्थी सर ने अभिनय सर का एक Podcast किया था जिसमें उन्होंने शिक्षा व्यवस्था
से लेकर कोचिंग माफिया तक सवाल किए और जवाब दिए.
अंकित अवस्थी सर को इस बात से दिक्कत है कि वह सरकार से सवाल क्यों करते हैं क्योंकि उनका
कहना है कि एक शिक्षक को सिर्फ पढ़ाने पर ही ध्यान देना चाहिए उसके अलावा कुछ नहीं.
अभिनय सर ने जवाब दिया कि एक शिक्षक सरकार से सवाल क्यों नहीं कर सकता है और क्यों वह राजनीति पर सवाल नहीं कर सकता है?
अंकित अवस्थी सर ने अभिनय सर से कहा कि आप जब इतनी सरकार की तीखी आलोचना करते हैं तो
आपने राजनीति के बारे में क्यों नहीं सोचा तो अभिनय सर ने कहा कि उन्होंने कुछ ऐसा सोचा नहीं
है लेकिन अगर कभी मौका मिलता है तो देश को सही करने के लिए वह राजनीति में भी आ सकते हैं।
अभिनय सर पर अंजना ओम कश्यप ने 2 करोड़ रुपए की मानहानि का मुकदमा दर्ज किया है जबकि
अंकित अवस्थी सर पर नहीं अब आप समझ ही सकते हैं ना?
गंदगी को साफ करने के लिए कीचड़ में एक दिन उतरना ही पड़ता है .
क्या अभिनय सर को सक्रिय राजनीति में आ जाना चाहिए??
और जानने के लिए कमेंट में जरूर पढ़ें 👇
कुछ लोग कहते हैं कि Rahul Gandhi सिर्फ सोशल मीडिया पर Tweet और विडियो से ही
आवाज उठाते हैं और जमीन पर उतरकर कुछ नहीं करते हैं, लेकिन उनको यह देखना चाहिए कि केवल
राहुल गांधी ही विपक्ष के एक मात्र नेता हैं जो संसद से लेकर सड़क तक आवाज उठाते हैं।
आज World Environment day है और राहुल गांधी Great Nicobar Islands को बचाने के लिए वहां पहुंच गए हैं.
सरकार ग्रेट निकोबार द्वीप समूह को अडानी को देकर वहां के 1.5 करोड़ से ज्यादा पेड़ो को काटा
जा रहा है और Great Nicobar पर कसीनो, होटल और अन्य Real estate के काम किए जा रहे हैं.
प्रकृति संरक्षण बहुत जरूरी है, जब पेड़ ही नहीं रहेंगे तो टेम्प्रेचर इतना बढ़ जाएगा कि रहना बहुत मुश्किल हो जाएगा.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक पेड़ मां के नाम मुहिम चलाते हैं और दूसरी ओर देश के सभी जंगलों को
अडानी को माईनिंग के लिए दान में दिया जा रहा है.
हसदेव जंगल
सिंगरौली का जंगल mp और अब यह ग्रेट बताना द्वीप को उजाड़ा जा रहा है.
क्या आपने पर्यावरण संरक्षण के लिए मोदी जी को काम करते देखा है?
नारा कांग्रेस मुक्त भारत का, लेकिन राज्यों में चेहरा कांग्रेस युक्त बीजेपी का!
क्या बिना कांग्रेसी दिग्गजों के राज्यों में कमज़ोर है बीजेपी?
1.हेमंता बिस्वा शरमा - बीजेपी में कांग्रेस के मुख्यमंत्री.
2. सम्राट चौधरी - बीजेपी में RJD के मुख्यमंत्री.
3. पश्चिम बंगाल - बीजेपी में TMC के मुख्यमंत्री.
4. पेमा खांडू - अरूणाचल प्रदेश में बीजेपी में पूर्व कांग्रेसी मुख्यमंत्री हैं.
5. मानिक शाहा - त्रिपुरा के CM जो कांग्रेस छोड़ बीजेपी में आए और अब मुख हैं.
6.N बीरेन सिंह - मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री जो कांग्रेस छोड़ बीजेपी में आए और 2017 में बीजेपी की सरकार बनवाई.
7. कैप्टन अमरिंदर सिंह - पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री जो कांग्रेस छोड़ बीजेपी में शामिल हो गए.
8. अशोक चव्हाण - महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री जो अब बीजेपी में राज्यसभा सांसद हैं.
9.S.M. कृष्णा - पूर्व मुख्यमंत्री कर्नाटक जो बीजेपी और शामिल हो गए.
10. विजय बहुगुणा - पूर्व मुख्यमंत्री उत्तराखंड जो कांग्रेस पार्टी में थे और बीजेपी में शामिल हो गए.
ये नेता जो दशकों तक धर्मनिरपेक्षता (Secularism) की राजनीति करते थे, वे अब
बीजेपी के राष्ट्रवाद और हिंदुत्व के एजेंडे में खुद को कैसे ढाल चुके हैं।
कितना भी बड़ा भ्रष्टाचारी क्यों न हो वह बीजेपी की वाशिंग मशीन में धुलकर पाक साफ हो जाता है और उसके सारे किए गए भ्रष्टाचार के पाप धूल जाते हैं.
क्या कांग्रेस से आए इन नेताओं की वजह से बीजेपी के मूल और पुराने कार्यकर्ताओं का हक मारा जा रहा है?
आपकी इस पर क्या राय है?"
एक तरफ नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi हैं जो दिल्ली में एक पार्क में ऑटो रिक्शा वाले ड्राइवर्स के
साथ बैठे हैं और खाना खा रहे हैं और दूसरी तरफ हमारे देश के Non बायोलाजिकल प्रधानमंत्री नरेंद्र
मोदी जी हैं जो देश फिल्म अभिनेताओं के साथ फोटो सेशन कराते हैं.
राहुल गांधी की राजनीति में और मोदी जी की राजनीति में जमीन आसमान का फर्क है,
राहुल गांधी जी जिनकी मां सोनिया गांधी कांग्रेस पार्टी की सबसे बड़ी नेता हैं, पिता राजीव गांधी, दादी
इंदिरा गांधी और नाना पंडित नेहरू जी प्रधानमंत्री रहे हैं वह जमीन पर उतरकर जनता के बीच जा सकता
है जबकि हमारे मोदी जी चाय बेचने वाले अपने अमित मित्र से मिलते हैं लेकिन देश के किसानों के लिए कभी नहीं बोलते हैं.
राहुल गांधी कभी कुलियों से मिलते हैं तो कभी NEET और #CBSE Students से लेकिन
आपने कभी PM Modi ji को किसी गरीब से मिलते देखा है?
देश को अब 'कैमराजीवी' चमक-दमक वाली राजनीति चाहिए या जनता के दुख-दर्द को जमीन पर समझने वाला नेता?
आप किसके साथ हैं?
कुर्सी और लालच के लिए ईमान बदलने वाले जा सकते हैं, लेकिन देश के लिए लड़ने वाली विचारधारा कभी नहीं बदलती!
कांग्रेस से गद्दार गए हैं, वफादार आज भी साथ खड़े हैं।
1.ज्योतिरादित्य सिंधिया -- ED से डरकर बीजेपी में गए.
2.हेमंता बिस्वा शरमा -- ED से डरकर बीजेपी में गए.
3.RPN सिंह -- बीजेपी में गए.
4. जितिन प्रशाद -- बीजेपी में
5. केप्टन अमरिंदर सिंह - बीजेपी में गए
6. सुनील जाखड़ - बीजपी में गए.
7. जयवीर शेरगिल - बीजेपी में.
8. रोहन गुप्ता - बीजेपी
8. अनिल एंटनी - बीजेपी
9. सुरेश पचौरी - mp के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री जो अब बीजेपी में हैं।
10. अरविंद सिंह लवली - दिल्ली कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष जो अब बीजेपी में हैं
11. अशोक चव्हाण - पूर्व मुख्यमंत्री महाराष्ट्र जो अब बीजेपी में हैं.
12. किरण कुमार रेड्डी - अविभाजित आंध्रप्रदेश के आखिरी मुख्यमंत्री जो अब बीजेपी में हैं.
13. शहजाद पूनावाला - बीजेपी में अब राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं.
14. राधिका खेड़ा - बीजेपी में प्रवक्ता हैं.
15. आचार्य प्रमोद कृष्णन - अब बीजेपी में हैं.
इनमें से ज्यादातर नाम वह हैं जो राहुल गांधी के बेहद करीबी थे और जिन्हें बहुत बड़े पद दिए गए थे एवं
राहुल गांधी खुद मंत्री भी बने बल्कि इनको मुख्यमंत्री और मंत्री बनाया गया.
यह वह बड़े नाम हैं जो कांग्रेस पार्टी को धोखा देकर सत्ता के लालच में बीजेपी में शामिल हो गए और
अपनी विचारधारा से समझौता कर लिया लेकिन
डीके शिवकुमार ने अपनी विचारधारा से समझौता नहीं किया और आज वह मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं.
कांग्रेस छोड़कर जाने वाले इन बड़े चेहरों से पूछिए—जब देश की जनता महंगाई और बेरोजगारी से लड़
रही है, तब आप अपने निजी स्वार्थ के लिए सत्ता की गोद में क्यों बैठ गए?"
कुर्सी और लालच के लिए ईमान बदलने वाले जा सकते हैं, लेकिन देश के लिए लड़ने वाली विचारधारा कभी नहीं बदलती!
कांग्रेस से गद्दार गए हैं, वफादार आज भी साथ खड़े हैं।
1.ज्योतिरादित्य सिंधिया -- ED से डरकर बीजेपी में गए.
2.हेमंता बिस्वा शरमा -- ED से डरकर बीजेपी में गए.
3.RPN सिंह -- बीजेपी में गए.
4. जितिन प्रशाद -- बीजेपी में
5. केप्टन अमरिंदर सिंह - बीजेपी में गए
6. सुनील जाखड़ - बीजपी में गए.
7. जयवीर शेरगिल - बीजेपी में.
8. रोहन गुप्ता - बीजेपी
8. अनिल एंटनी - बीजेपी
9. सुरेश पचौरी - mp के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री जो अब बीजेपी में हैं।
10. अरविंद सिंह लवली - दिल्ली कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष जो अब बीजेपी में हैं
11. अशोक चव्हाण - पूर्व मुख्यमंत्री महाराष्ट्र जो अब बीजेपी में हैं.
12. किरण कुमार रेड्डी - अविभाजित आंध्रप्रदेश के आखिरी मुख्यमंत्री जो अब बीजेपी में हैं.
13. शहजाद पूनावाला - बीजेपी में अब राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं.
14. राधिका खेड़ा - बीजेपी में प्रवक्ता हैं.
15. आचार्य प्रमोद कृष्णन - अब बीजेपी में हैं.
इनमें से ज्यादातर नाम वह हैं जो राहुल गांधी के बेहद करीबी थे और जिन्हें बहुत बड़े पद दिए गए थे एवं
राहुल गांधी खुद मंत्री भी बने बल्कि इनको मुख्यमंत्री और मंत्री बनाया गया.
यह वह बड़े नाम हैं जो कांग्रेस पार्टी को धोखा देकर सत्ता के लालच में बीजेपी में शामिल हो गए और
अपनी विचारधारा से समझौता कर लिया लेकिन
डीके शिवकुमार ने अपनी विचारधारा से समझौता नहीं किया और आज वह मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं.
कांग्रेस छोड़कर जाने वाले इन बड़े चेहरों से पूछिए—जब देश की जनता महंगाई और बेरोजगारी से लड़
रही है, तब आप अपने निजी स्वार्थ के लिए सत्ता की गोद में क्यों बैठ गए?"
क्या सिस्टम को युवाओं की बेरोजगारी से ज्यादा अपनी आलोचना की चिंता है?
जानिए पूर्व CJI के इस हैरान करने वाले बयान के पीछे की सच्चाई।
यह हैं हमारे पूर्व CJI BR गवई साहब जो अब वर्तमान CJI सूर्यकांत के समर्थन में आए हैं.
इनका कहना है कि जज भी इंसान है, कोई शब्द निकल जाता है, लेकिन मुझे यह समझ नहीं आता है
कि वह शब्द भ्रष्ट नेताओं और भ्रष्ट जजों के लिए क्यों नहीं निकलता है?
पूर्व CJI ने कहा कि मीडिया और सोशल मीडिया पर इसे बड़ा चढ़ाकर और तोड़ मरोड़कर पेश किया गया है.
जब BR गवाई से ज्यूडिशियरी में हो रहे भ्रष्टाचार पर सवाल किया तो उन्होंने कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण है कि
कोई भी संस्था भ्रष्टाचार से अछूती नहीं, लेकिन बाकी क्षेत्रों की तुलना में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार
कम है, मतलब यह खुद मानते हैं कि न्यायपालिका में भ्रष्टाचार होता है लेकिन कोई कार्यवाही नहीं होती है.
CJI सूर्यकांत ने देश के युवाओं को पैरासाइट और Cockroach कहा था जिसके बाद पूरे देश में
उनका विरोध हुआ और इंस्टाग्राम पर Cockroach Janta Party भी बनी और उसके फ़ॉलवर्स 22 मिलियन से ज्यादा हो गए हैं.
वैसे इन जजों के लिए तो देश का युवा कीड़े - मकोड़े ही हैं क्योंकि देश में भ्रष्टाचार होता है और तो यह कोई कार्यवाही नहीं करते हैं,
देश का युवा बेरोजगार फिर रहा है तो कुछ नहीं बोलते हैं.
यह कैसे भूल जाते हैं कि यह भी कभी देश युवा रहे हैं?
क्या जजों के बयानों को केवल इंसानी भूल मानकर छोड़ देना चाहिए,
या उनके पद की गरिमा के अनुसार उनकी जवाबदेही तय होनी चाहिए?
कहते हैं कि राजनीति में सब्र का फल मीठा होता है, वह कहावत आज साबित हो चुकी है,
कैसे आइए जानते हैं?
2018 में मध्यप्रदेश में 16 सालों के लम्बे इंतज़ार के बाद कांग्रेस की सरकार बनी थी, जहां पर कमलनाथ
को मुख्यमंत्री बनाया गया था और ज्योतिरादित्य सिंधिया उप मुख्यमंत्री बनाने का प्रस्ताव दिया था
लेकिन उन्होंने ठुकरा दिया और डेढ़ साल के बाद कमलनाथ की सरकार गिरा दी और 22 विधायकों के
बाद BJP में शामल हो गए और केंद्र में मंत्री बना दिए गए.
दूसरी तरफ 2019 में डीके शिवकुमार को ED ने 50 दिनों के लिए जेल में डाल दिया था लेकिन वह बीजेपी में शामिल नहीं हुए.
उसके बाद 2023 में कर्नाटक में कांग्रेस सरकार में आई और Siddaramaiah को Chief
Minister और DK SHIVKUMAR को उप- मुख्यमंत्री बनाया और तय हुआ कि 2.5-2.5 साल
के लिए दोनों के बीच Power शेयरिंग होगी और आज हुआ भी वही.
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने Lok Bhavan में राज्यपाल थावर चन्द गहलोत की अनुपस्थिति में उनके विशेष सचिव को इस्तीफा दे दिया.
ज्योतिरादित्य सिंधिया अगर इंतज़ार करते तो, डीके शिवकुमार की तरह वह भी मुख्यमंत्री बनते लेकिन
उन्होंने बीजेपी में जाना चुना और आज उनकी आवाज कहीं सुनाई नहीं देती है जबकि कांग्रेस में उन्हें महाराज कहा जाता था.
#Siddaramaiah
क्या ज्योतिरादित्य सिंधिया कभी बीजेपी में मुख्यमंत्री बन पाएंगे?
बहुत बड़ी खबर आ रही है कांग्रेस के गढ़ कर्नाटक से जहां पर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने विशेष सचिव को अपना इस्तीफा दे दिया है.
राज्यपाल थावरचंद गहलोत कर्नाटक से बाहर हैं.
अब डीके शिवकुमार होंगे कर्नाटक के 25 वें नंबर के मुख्यमंत्री.
कल ही दिल्ली में डीके शिवकुमार और SIDDARAMAIAH के साथ राहुल गांधी की मीटिंग हुई थी जिसमें यह
फैसला हुआ कि डीके शिवकुमार अब कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री होंगे और सिद्धारमैया आपको
राज्यसभा जाना होगा, उसके बाद सिद्धारमैया राजी हो गए और उन्होंने आज अपना इस्तीफा दे दिया.
जब 2023 में कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार बनी थी तब यह तय हुआ था कि डीके शिवकुमार और
SIDDARAMAIAH के बीच 2.5-2.5 का सरकार का वितरण होगा.
क्या कांग्रेस आलाकमान का यह फैसला कोई नया बदलाव लेकर आएगा?