पेपर लीक के खिलाफ लाखों बच्चे जंतर-मंतर पर बैठे हैं, लेकिन उनके ऊपर लाठीचार्ज करवाया जा रहा है!
मोदी सरकार बच्चों की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने जंतर मंतर पर लाठीचार्ज का मामला सदन में उठाया!
#DharmendraPradhanResign
सड़के सूनी नहीं हैं।🔥
कांग्रेस नेता अशोक चांदना के नेतृत्व में बूंदी में
स्मार्ट मीटर के खिलाफ 'किसान हुंकार' जनांदोलन
जितना रीट्वीट करे उतना कम हैं, ठोको RT 😎
श्री सोनम वांगचुक जी से हमारा अति विनम्र आग्रह और सविनय अपील है कि वो अपना अनशन तोड़ दें। उनका जीवन समस्त विश्व के लिए अनमोल है क्योंकि उसमें मानवता और पर्यावरण के लिए उतनी ही प्रतिबद्धता है जितनी की लोकतंत्र के लिए।
जिस भाजपा सरकार को जगाने के लिए वो आमरण अनशन पर हैं वो तो एक सिद्धांतहीन, भ्रष्ट तंत्र है, उसकी असंवेदनशीलता और हृदयहीनता में किसी के भी त्याग का कोई महत्व नहीं है अत: भाजपाइयों से सदाचार और हृदय-परिवर्तन की कोई भी अपेक्षा निरर्थक है। भाजपाइयों के लिए किसी के जीवन का कोई भी मोल नहीं है। उनके लिए धन ही प्रधान है। वो भ्रष्टाचार से कमाए पैसों के घमंड में चूर हैं। उनमें बदलाव की आशा करना ही व्यर्थ है। जिनमें अहंकार होता है उनमें परिष्कार नहीं होता। ‘सत्याग्रह’ का महत्व वो क्या जानें जो ‘सत्ताग्रह’ के लालच में मंदिर तक लूट ले रहे हैं। उन्हें न युवाओं के भविष्य से कुछ लेना-देना है, न उनके माता-पिता और अन्य परिजनों के सपनों से, वो तो ख़ुदगर्ज़ लोग हैं।
लोकतंत्र का गला घोंटनेवाली महापापी-अधर्मी भाजपा और उसके भूमिगत अपंजीकृत संगी-साथियों के गिरोह को हराने और सदैव के लिए हटाने के लिए आपके मनोबल और नैतिकता की महाशक्ति हर सच्चे भारतीय की प्रेरणा बनती रहे और आप देशवासियों, युवाओं, लोकतंत्र और पर्यावरण के संघर्ष के लिए नकारात्मक ताक़तों के ख़िलाफ़ सदैव प्रकाश स्तंभ बने रहें, यही हम सबकी चाह है और प्रार्थना भी।
@Wangchuk66
सभी बहुत चिंतित हैं। सरकार को बात करनी चाहिए। सरकार नहीं करती है तो समाज को आगे आना चाहिए। सोनम के साथ-साथ छात्र भी अनशन पर बैठे हैं। कितने साल तक परीक्षाओं में चोरी और धांधली को यह देश स्वीकार करेगा। 13 साल बीत गए फिर भी परीक्षाएँ विश्वसनीय नहीं हो सकी हैं। बात केवल परीक्षा की नहीं है, पढ़ाई के मामले में भी जो नुकसान हुआ है, वहाँ से वापसी करना संभव नहीं है।
इसी अवसर पर गंगा की सफाई और अविरलता को लेकर प्रो जी डी अग्रवाल के अनशन को याद करने की ज़रूरत है। 2018 में 109 दिनों के अनशन के बाद उनकी मौत हो गई थी। तब काफी सवाल उठे थे। मीडिया की पुरानी रिपोर्ट आप देख सकते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को तीन तीन पत्र लिखे। उन पत्रों को निकाल कर पढ़ सकते हैं। गंगा के लिए प्रो जी डी अग्रवाल ने जान दे दी और गंगा के नाम पर राजनीति करने वालों ने उन्हें भुला दिया। गंगा की समस्याओं का समाधान करने के बजाए गंगा के घाट पर आरती का आयोजन कर लोगों के सवालों की धारा मोड़ दी गई। अच्छा होता कि प्रो जी डी अग्रवाल को सुना जाता, गंगा भी साफ होती और तब उसके किनारे आरती की शोभा और दिव्य होती। जो मीडिया जंतर मंतर नहीं जा पा रहा है वह गंगा के नाम पर प्रो जी डी अग्रवाल के अनशन की कहानी के पन्ने फिर से पलट सकता है। गंगा के लिए तो बोल ही सकते हैं।
राज्यकर्त्यांचे भविष्य उजळण्यासाठी
सरकार फोडले ,
मंत्री फोडले ,
खासदार फोडले ,
आमदार फोडले ,
आणि विद्यार्थ्यांचे भविष्य जाळण्यासाठी नीट आणि टीईटी पेपर फोडू लागले आहेत.
सरकारकडून एकही परीक्षा नीट घेतल्या जात नाहीये. उद्या होणारा TET चा पेपर फुटला आहे. NEET नंतर पुन्हा एकदा पेपरफुटीची बातमी समोर
तिकडे MPSC आयोग ऑनलाइन परीक्षेवर अडून बसलाय. आयोगाला नम्र विनंती आहे, ऑनलाइन परीक्षांच्या भानगडीत पडून विद्यार्थांचे वाटोळे करू नका,ऑफलाईन परीक्षा घ्या.
BJP ने देश के लोगों को ग़लत साबित कर दिया।
जनता ने सोंचा BJP ने तो जल जंगल जमीन बिजली पानी सड़क स्कूल अस्पताल समुद्री पोर्ट एयरपोर्ट सब लूट लिया अब क्या लूटेंगे।
लेकिन चंदा चोर पार्टी ने कहा “अब हम राम का मंदिर लूटेंगे”
ट्रस्ट PMO का,जाँच CMO कैसे करेगा?
देश की संसद में रक्षा मंत्री जी का खुलेआम झूठ बोलना कि कोई क्षति नहीं हुई और अब साल भर बाद 6 शहीदों के नाम सार्वजनिक करना।
ये सरकार संसद में झूठ बोलती है और अपनी पीठ थपथपाती है।
साल भर तक सैनिकों की शहादत को ना स्वीकारना,
ये उन शहीदों के परिजनों के ऑंसुओं का भी अपमान है।
सत्तेची प्रतिमा वाचवण्यासाठी जर शहीदांचे बलिदानही लपवावे लागत असेल, तर त्यापेक्षा मोठं नैतिक दिवाळं दुसरं कोणतं?
संसदेत "ऑपरेशन सिंदूरमध्ये भारताचा एकही जवान शहीद झाला नाही" असा दावा करण्यात आला.
पण आता सुबेदार मेजर पवन कुमार, रायफलमन सुनील कुमार, लान्स नायक दिनेश कुमार, एव्हिएशन टेक्निशियन मुरलीनाईक, हवालदार सुनील कुमार सिंह आणि सार्जंट सुरेंद्र कुमार या सहा वीर जवानांच्या शहादतीची माहिती समोर आली आहे. या सर्व वीरांना भावपूर्ण श्रद्धांजली!
देशासाठी सर्वोच्च बलिदान देणाऱ्या जवानांची शहादत नाकारणे हा केवळ राजकीय खोटेपणा नाही, तर संपूर्ण देशाचा आणि प्रत्येक सैनिकाचा अपमान आहे. शहीदांच्या बलिदानावर पडदा टाकून देशभक्तीचे ढोंग करणाऱ्यांनी आधी देशाची माफी मागावी. सत्य लपवून राष्ट्रभक्ती सिद्ध होत नाही!
फिर से पेपर लीक! महाराष्ट्र में TET का पेपर लीक हुआ है. परीक्षा टल गई.
छात्र माथा पीटते-पीटते अपना करियर तबाह होते देख रहे हैं लेकिन सरकार को शर्म नहीं आ रही.
कुछ लोग अभी भी सरकार का बचाव करते दिखेंगे. यही असली गद्दार हैं.😡