हालांकि मैंने बस इतना लिखा कि 'दो कारों का काफ़िला' लेकिन 'सिस्टम' को ये बात बहुत चुभ गई है... वह मेरी ट्रोलिंग के अंदाज़ में यह जानकारी पोस्ट करवा रहा है कि ये वित्त मंत्री के काफ़िले का ये वीडियो प्रधानमंत्री मोदी की अपील से तीन दिन पहले 7 मई का है। फिर तो ये और चिंता की बात है कि देश की वित्त मंत्री को आसन्न आर्थिक संकट का पता पीएम मोदी के बयान के बाद पता चला! जबकि मुझ जैसे कमज़र्फ़ इंसान को लग रहा था कि पीएम मोदी को आसन्न आर्थिक संकट की इत्तिला देने वालों में वित्त मंत्री निर्मला जी भी शामिल होंगी! लेकिन अब पता चल रहा है कि आम जनता को तो फिर भी पहले से अंदेशा था लेकिन इस देश की वित्त मंत्री को पता नहीं था कि सामने संकट कितना बड़ा है!
जाइए अब कोई और प्रेस विज्ञप्ति लेकर आइए। तथास्तु
मुस्लिम युवक को कटुआ कहकर बेरहमी से पीटने का आरोप.
ये फरदीन है, जो अलीगढ़ में मुर्गे की दुकान चलाता है। इसका आरोप है कि दुकान पर 10-12 लड़के आये और गलियां देते हुए, कटुआ कहकर बहुत बुरी तरह मारा-पीटा।
फरदीन को ज़ख्मी हालत में अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया।
थाने में लिखित तहरीर दी गई है, लेकिन अब तक क्या कार्रवाई हुईं इसकी खबर नहीं। मामला अलीगढ़ के परोरा गांव, बरला थाना क्षेत्र का…
इज़राइल गाज़ा में जर्मन नाज़ियों से भी बदतर नरसंहार कर रहा है
तेल अवीव में यहूदी प्रदर्शनकारी अमराम ज़हावी ने कहा:
"मैं दुनिया से बाहर से मदद की अपील कर रहा हूँ क्योंकि इज़राइल अब गाज़ा पट्टी में जर्मन नाज़ियों द्वारा 1942 में यहूदियों पर किए गए नरसंहार से भी बदतर नरसंहार कर रहा है और मुझे उम्मीद है कि इस बार दुनिया हस्तक्षेप करेगी, इज़राइल का बहिष्कार करेगी और इज़राइल को गाज़ा पट्टी से हटने पर मजबूर करेगी और गाज़ा में हम जो नरसंहार और नरसंहार कर रहे हैं उसे रोकेगी।"
"मैं 78 साल का इज़राइली नागरिक हूँ, मैं 8.5 साल से विरोध प्रदर्शन कर रहा हूँ, मुझे गिरफ़्तार किया गया, उन्होंने मुझे पीटा, मुझे जेल में डाला, घोड़ों से कुचला, लेकिन वे जो नहीं कर सकते, वह यह है कि वे मुझे इज़राइली सरकार और आईडीएफ की बुराई के बारे में बोलने से नहीं रोक सकते।"
10 दिन की अंतरिम ज़मानत के बाद दिल्ली की तिहाड़ जेल लौटने से पहले खालिद सैफ़ी…
2020 के दिल्ली हिंसा मामले में @KSaifi बिना किसी सुनवाई के 5 साल से ज़्यादा समय से जेल में हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती अपने बेटे से मिलने के लिए अंतरिम ज़मानत दी गई थी।
स्वतंत्रता दिवस पर नाटक के नाम पर नफरत, बुर्का पहनाकर छात्राओं को दर्शाया गया आतंकी…
गुजरात के भावनगर जिले के कुंभारवाड़ा स्कूल में स्वतंत्रता दिवस पर एक नाटक के दौरान छात्राओं को बुर्का पहनाकर आतंकवादियों के रूप में पेश किया गया।
वीडियो वायरल होने पर लोगों में काफी नाराजगी है. लोगों ने इसे इस्लामोफोबिया फैलाने और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की साजिश बताया है…
लोगों का कहना है कि स्कूल के जरिये देश के राष्ट्रीय पर्व पर समाज को बांटने वाले नाटक को बढ़ावा देना गलत है, इस घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। यह घटना स्कूल के प्रिंसिपल और शिक्षकों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े करती है, जो मासूम बच्चों के दिमाग में एक समुदाय विशेष के खिलाफ नफरत का जगर घोल रहे हैं. मुसलमानों के खिलाफ नफरत अब गली कूचों से होते हुए NCERT की किताबों से निकलकर स्कूलों तक पहुंच गई है. इस तरह की घटनाओं ने मुस्लिम समुदाय के लोगों में असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है।
18 साल बाद 8 मुसलमान बरी…
इन 8 मुसलमानों को एक प्रतिबंधित संगठन SIMI की बैठकें करने और पर्चे बाँटने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
अब नागपुर की एक अदालत ने उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया है। अदालत ने साफ कहा है कि उनके खिलाफ किसी बैठक में भाग लेने, संवाद करने, प्रचार करने या किसी वित्तीय सहयोग का कोई सबूत नहीं है।
इन लोगों पर गैरकानूनी गतिविधियां (निवारण) अधिनियम (UAPA) समेत कई आरोप लगाए गए थे।
शकील वारसी, शाकिर अहमद नासिर अहमद, मोहम्मद रेहान अतुल्लाखान, जियाउर रहमान महबूब खान, वकार बैग युसुफ बैग, इम्तियाज अहमद निसार अहमद, मोहम्मद अबरार आरिफ मोहम्मद कासिम और शेख अहमद शेख को UAPA की धारा 10 और 13 के आरोपों से बरी कर दिया गया है।
लोकेशन : सिंहवाड़ा, दरभंगा, बिहार
सरदार और मुसलमान भारत छोड़ो ।
भारत में जो भी अल्लाह का नाम ले उसे भारत में ही दफना दो।
स्वतंत्रता दिवस के दिन कई लोग आपत्तिजनक नारे लिखी तख्तियां लेकर सड़कों पर उतर आए।
33 हज़ार मुसलमानों को शहीद किया गया, लाल किला से लेकर जामा मस्जिद तक जितने भी पेड़ थे, सभी पर हमारी लाशों को लटका दिया गया. लेकिन आज सरकारें हमें तोड़ना चाहती है, इस मुल्क के भाईचारे को ख़त्म करना चाहती है:
मौलाना अरशद मदनी 🔥