फर्जी केस में 20 साल जेल में रहने वाले विष्णु तिवारी को क��तना मुआवजा मिला?
झूठा FIR करने वालों के खिलाफ क्या कार्यवाही हुई?
सरकार ने झूठी शिकायत, झूठी जाँच, झूठी गवाही और झूठा हलफनामा को गंभीर अपराध क्यों नहीं घोषित किया?
@PMOIndia @narendramodi
@AmitShah @myogiadityanath
When an Army man needed one arrow for history, he shot a perfect 10…
Dhiraj Bommadevara became the first Indian man to win the Recurve title at the Archery World Cup Final.
But maybe there’s an even bigger story here.
India finished ahead of Korea with six golds at the last Asian Championships. This year our archers have repeatedly beaten the traditional powerhouses, Korea and China, at World Cup events.
Are we on the cusp of a golden era for Indian archery?
It certainly looks like we have it in our ‘sights.’
🇮🇳👏🏽👏🏽👏🏽
A very relevant issue raised by Sh @AshwiniUpadhyay. Government of India should take opinion of legal luminaries and make it a criminal offence which will eliminate fribulous litigation.
Satwik-Chirag
They just won:
The China Masters
In China
In front of a Chinese home crowd.
The word Fear?
Not in their vocabulary.
A salute, Gentlemen
🫡🇮🇳
Jai Baba Neem Karoli 🙏🏿
Hanuman Ansh is now TAX FREE in Uttarakhand. CM Pushkar Dhami requests families to watch it in large numbers.
> Well done. Kainchi Dham's Bhumi does it for Baba & Hanuman Ji 🚩🔥 https://t.co/P8ikWLft1W
दिल्ली में CPI के बड़े आयोजन पर फंडिंग का सवाल
1 सितंबर को दिल्ली में CPI का एक बड़ा आयोजन हुआ, जिसमें देश के कोने-कोने से लोग शामिल होने पहुंचे। महिलाओं, पुरुषों और हर उम्र के लोग साधारण वेशभूषा में इस कार्यक्रम में दिखाई दिए।
इस आयोजन में इतनी दूर-दूर से लोगों के पहुंचने और बड़े स्तर पर किए गए इंतज़ामों को लेकर एक युवक ने फंडिंग पर सवाल उठाया। युवक का कहना है कि जब दूसरे आंदोलनों और संगठनों की फंडिंग पर अक्सर सवाल उठाए जाते हैं, तो इतने बड़े आयोजन की फंडिंग को लेकर सवाल क्यों नहीं पूछा जा रहा?
इसी आयोजन के दौरान मौजूदा केंद्र सरकार और बीजेपी के खिलाफ नारेबाजी हो रही थी। उसके अनुसार, कार्यक्रम में कुछ किताबें और नारे ऐसे भी थे, जो हिंदुत्व और हिंदू वि���ोधी हैं।
ऐसे में प्रश्न तो बनता है कि देशभर से लोगों को जुटाकर इतना बड़ा आयोजन करने के लिए फंडिंग कहाँ से आई और इस पर कोई सवाल क्यों नहीं उठ रहे हैं?
🚨 बरगदिया गाँव में भूख से जूझता एक ब्राह्मण परिवार …
सबसे दर्दनाक बात ये है कि …
बच्चों की थाली में महीनों से दाल-सब्जी नहीं, सिर्फ सूखे चावल, नमक और थोड़ा तेल है। 😢
अर्पिता पांडे नाम की यह महिला अपने तीन मासूम बच्चों के साथ ऐसी गरीबी में जी रही हैं, जिसे “गरीब” कहना भी कम होगा। यह परिवार महा-गरीब है। घर का हाल इतना बुरा है कि दीवारें टूट-फूट चुकी हैं, छत कहीं-कहीं धँसी हुई है और पूरा मकान खंडहर जैसा लगता है।
सबसे दर्दनाक बात यह है कि इनके तीन छोटे-छोटे बच्चे आज नहीं, बल्कि कई महीनों से भूखे पेट सो रहे हैं। उनका रोजाना का भोजन सिर्फ सूखे चावल में नमक और थोड़ा तेल मिलाकर बनाया जाता है। न दाल, न सब्जी, न दूध… सिर्फ वही एक थाली जो भूख मिटाने के बजाय सिर्फ जिंदा रहने के लिए काफी है।
जब अर्पिता पांडे ने रो-रोकर अपना दुख सुनाया तो र���हें थर्रा गई 🥹💔
अयोध्या के बरगदिया गाँव का यह परिवार अब आपकी नजर में है। अगर आप मदद करना चाहते हैं, तो आगे बढ़कर हाथ बढ़ाएँ।
क्योंकि भूख से लड़ते इन मासूम चेहरों को देखने के बाद, चुप रहना संभव नहीं।
जबकि सम्राट चौधरी चाहते तो उन्हें भोजपुरी, मैथिली या मगही ना आने पर कूट-पीट कर वापस भेज सकते थे, पर बिहार उतना एडवांस्ड नहीं हुआ है। पता नहीं ��ब राज ठाकरे जी का लल्ला इन्हें महाराष्ट्र का मानेगा या नहीं!
“जाधवपुर यूनिवर्सिटी” जिसमे हम कई बार देश विरोध के नारे सुनते आए है, वामपंथियों ने अपना गढ़ जिसे बनाया हुआ था ।
बंगाल के CM आज स्वयं वहाँ पर तिरंगा हाथ में लेकर “राष्ट्र प्रथम” का मेसेज दे रहे है ❤️👏👏
शानदार जबरदस्त 👏👏
27, 28 और 29 अगस्त को हर बेटी, बहन और माता अपने एक सहयात्री के साथ उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) की बसों तथा सिटी बसों में निःशुल्क यात्रा कर सकेंगी...
बुजुर्ग महिलाओं का यूपी की रोडवेज बसों में नहीं लगेगा टिकट।
उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने 60 साल से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए आजीवन मुफ्त बस यात्रा को अनुमति दी है। इस योजना पर हर महीने 22 करोड़ खर्च होंगे।
60+ आयु की 1 करोड़ से अधिक महिलाओं को रोडवेज बसों में 'आजीवन मुफ्त यात्रा' की सौगात सुरक्षा, स्वावलंबन और सम्मान का नया अध्याय लिखेगी।
आरक्षण के बलबूते पर बने डॉक्टर से इलाज करवाने का नतीजा देखों दोनों हाथ ख़ो बैठा और दो साल से मामला न्यायलय मे चल रहा है।
इसलिए ज़ब भी इलाज करवाओ तो पता कर लेना डॉक्टर कौन है।
कोई कदर नहीं करता, भले ब्राह्मण हैं; साफ कपड़ा न होने से विद्यालय में हमें पीछे बैठा दिया जाता था,
ये वही बच्चियां हैं जिनकी मां की करंट से मौ*त, पिता मानसिक रूप से कमजोर प्रतापगढ़ के इस ब्राह्मण परिवार के छह मासूम बच्चे अनाथ और बेसहारा !
प्रतापगढ़ (उत्तर प्रदेश) के मंगरौरा ब्ल��क के रायगढ़ ग्राम सभा में एक ब्राह्मण परिवार की छह छोटी-छोटी जानें आज बेहद दर्दनाक हालात में अपनी जिंदगी जी रही हैं। मात्र तीन दिन पहले इन बच्चों की मां का करंट लगने से निधन हो गया। पिता राम संतोष चतुर्वेदी मानसिक रूप से कमजोर होने के कारण बच्चों की देखभाल करना अब मुश्किल हो गया है! ये परिवार जिस जगह अपनी जिंदगी काट रहा है वहां शायद ही कोई इंसान रहना पसंद करें।