@The_Mooknayak@DrLaxman_Yadav ये आपकी बात बिल्कुल सही है सर। इन ओबीसी, sc st के हितों के लिए लड़ते लड़ते लालू जी ने अपना सबकुछ गवां दिया, लेकिन इनको अभी तक अक्ल नही आई।
@iamAshwiniyadav@vivek_uoa@JaikyYadav16 जब मां के गर्भ में थी, जब मां दर्द सह रही थी, तब प्रेमी कहाँ था, जब बिटिया रानी के लिए मां बाप अपने सपने को तोड़ रहा था, तब प्रेमी कहाँ था, जब बाप बिटिया रानी के लिए अथक परिश्रम कर पढ़ाया लिखाया सही गलत समझने की सिख दी, उस समय प्रेमी कहाँ था।
मुज़फ़्फ़रपुर के वेस्ट डिवीज़न में सभी स्थायी कर्मियों को वेतन दे दिया गया, लेकिन संविदा कर्मियों को नही मिला, क्या संविदा वालो को ईद मनाने का अधिकार नही है। एक तो अल्प वेतन भोगी है संविदा कर्मी, फिर भी उनसे दोहरी नीति, यो तो समझ से परे है। अब आपही इस नीति को दूर कर सकते है सर।
@sanjeev_hans97 प्रणाम सर, ईद की हार्दिक शुभकामनाएं सर। सर क्या ईद जैसे पवित्र त्योहार सिर्फ स्थायी कर्मियों के लिए ही है, क्या संविदा कर्मी को कोई त्योहार मनाने का हक़ नही है। यदि है तो फिर वेतन निर्गत करने में दोहरी नीति क्यों,
@SEVA_NBPDCL क्या ईद सिर्फ स्थायी कर्मचारियों के लिए ही है क्या, सर। संविदा कर्मियों को ईद में वेतन नही मिलना इसी नियत को दर्शाता हैं। अगर काम समान तरीके से कर रहे है तो फिर वेतन देने में दोहरी नीति क्यों सर। क्या संविदा कर्मी आपलोग को इंसान नजर नही आते।
@muzaffarpurlive@MuzaffarpurA1@TejashwiOffice@TejYadav14 जिमेवारी उनकी जो वहां इस गन्दगी को फेक रहे है, अवैध होटल्स, अवैध फल दुकानें, सब्जी मार्केट। तो ये उनकी जिम्मेवारी है कि अगर वे गंदगी कर रहे है तो इसे साफ भी करे। सबकुछ सरकार ही नही कर सकती है।